राजीव नामदेव राना लिधौरी
राजीव नामदेव "राना लिधौरी" हास्य, व्यंग्यकार, ग़ज़लकार,हाइकुकार, लेखक संपादक "आकांक्षा" पत्रिका अध्यक्ष -मप्र लेखक संघ टीकमगढ़ अध्यक्ष- वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़ पूर्व मंत्री- अ.भा.बुंदेलखंड़ साहित्य एवं संस्कृति परिषद टीकमगढ़ डायरेक्टर "आकांक्षा" पब्लिक स्कूल टीकमगढ़ तीन राज्यपालों द्वारा सम्मानित, शताधिक सम्मान प्राप्त। 6पुस्तकें प्रकाशित,13का, 300कवि सम्मेलन में भागीदारी पता- नई चर्च के पीछे शिवनगर कालोनी टीकमगढ़ (मप्र )भारत मोबाइल +91- 9893520965 Email ranalidhori@gmail.com
Rajeev Namdeo Rana lidhorI
रविवार, 15 फ़रवरी 2026
bazme adab tikamgarh
बुधवार, 11 फ़रवरी 2026
पंडवन धाम (पन्ना)- प्राकृतिक दर्शनीय स्थल
मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के अमानगंज तहसील के निकट सुनवानी गांव से उडला गांव के पहले ‘पंडवन’ नामक स्थान, अपनी खूबसूरती एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थली के रूप में बहुत प्रसिद्ध हो रहा है। पंडवन में सुनार एवं व्यारमा नदी जो कि केन नदी में मिलकर एक संगम का निर्माण करती है। यहाँ पर पानी के लगातार तेज बहाव के कारण चट्टानों पर आकर्षक कलाकृतियाँ बन गयी है जो कि देखने में बहुत ही खूबसूरत लगती हैं।
केन नदी के मध्य भाग में ग्रेनाइट, डालोमाइट, क्वार्टजाइट, काग्लोमरेट आदि पत्थरों से बनी ये चट्टाने एवं बड़े-बड़े पत्थरों के बीच में बहती सैकड़ों जलधाराएँ यहाँ की खूबसूरती को बढ़ा देती हैं। यहाँ पर एक विशेष प्रकार के ‘सजर’ (सहजर) नामक कीमती पत्थर भी पाये जाते हैं जिनके अंदर कुदरत की बनायी हुई अद्भुद कला कृतियांँ होती हैं। पत्थर के अंदर अनेक आड़ी-तिरछी रेखाओं से बनी संरचनाएँ देखने में बहुत ही आकर्षक लगती है जिसके कारण इन विशेष सजर कीमती पत्थरों की माँग भारत के साथ-साथ विदशों तक में है।
अपनी जैव विविधता के कारण केन नदी बहुत समृद्ध है। नदी के तटों पर लगभग 40 प्रकार के पेड़ एवं 30 से अधिक प्रकार की वनस्पतियाँ ,30 से अधिक प्रकार के स्तनरधारी,सरीसृप एवं लगभग 12 प्रकार की मछलियाँ पायी जाती है। पक्षियों की 60 प्रजातियाँ यहाँ देखी गयी है। अनेक प्रकार के खरपतवार, गाजर घास, लेंटाना घास, विदेशी कीकर आदि पाये जाते है। अनेक प्रकार की सीपिया, झींगुर,कछुए एवं जुगनू पाये जाते है। जानवरों में बंदर,लंगूर हिरन,सांभर,भालू नीलगाय,यिसार लोमड़ी तथा शेर तक यहाँ पाये जाते हैं। शेरों के लिए तो यह वन्य अभ्यारण बहुत ही अनूकूल पाया गया है।
यह खूबसूरत स्थल बस कुछ ही दिनो का मेहमान है यहाँ पर केन-बेतवा लिंक परियोजना के पूरी होने पर यह क्षेत्र डूब में आ जाने के कारण हमेशा के लिए विलुप्त हो जायेगा।
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आलेख -राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
संपादक ‘आकांक्षा’ (हिन्दी) पत्रिका
संपादक ‘अनुश्रुति’ (बुन्देली) पत्रिका
अध्यक्ष-म.प्र लेखक संघ,टीकमगढ़
अध्यक्ष- वनमाली सृजन पीठ, टीकमगढ़
कोषाध्यक्ष-श्री वीरेन्द्र केशव साहित्य परिषद्
शिवनगर कालौनी,टीकमगढ़ (म.प्र.)
गुरुवार, 22 जनवरी 2026
सौ वां देश लिथुआनिया
राना का ब्लॉग पढ़ने वाला100वां देश बना लिथुआनिया :-
लिथुआनिया देश की सामान्य जानकारी :-
लिथुआनिया एक छोटा सा देश है जो उत्तरी यूरोप में बाल्टिक क्षेत्र में स्थित है। यह देश बाल्टिक सागर के किनारे पर स्थित है।इसके पड़ोसी देश लातविया, बेलारूस, पोलैंड, और रूस हैं
लिथुआनिया की राजधानी विलनियस है यहां की भाषा लिथुआनियन है एवं मुद्रा यूरो है इस देश कीजनसंख्या: लगभग 2.8 मिलियन है तथा क्षेत्रफल 65,300 वर्ग किलोमीटर है
इस देश को स्वतंत्रता: 11 मार्च 1990 में सोवियत संघ से मिली थी। संसदीय गणराज्य की सरकार है यहां के वर्तमान राष्ट्रपति: गीतानास नौसेदा है एवं प्रधानमंत्री: इनेग्रा शिमोनाइट है
लिथुआनिया की अर्थव्यवस्था :-
यहां की जीडीपी: लगभग 49 बिलियन यूरो है।जीडीपी वृद्धि दर: 3.5% है यहां कामुख्य उद्योग: सेवा, उद्योग, कृषि।मुख्य व्यापारिक साझेदार यूरोपीय संघ, रूस, बेलारूस देशों से है।
लिथुआनिया की संस्कृति: -
लिथुआनियन भाषा: एक बाल्टिक भाषा है जो लातवियन और पुरानी प्रुशियन से संबंधित है।
लिथुआनियन लोकगीत:- लिथुआनिया में एक समृद्ध लोकगीत परंपरा है।
लिथुआनियन व्यंजन: लिथुआनियन व्यंजन में शीतकालीन सब्जियाँ, मांस, और दूध के उत्पाद शामिल हैं
इतिहास:-१४वीं शताब्दी में लिथुआनिया यूरोप का सबसे बड़ा देश हुआ करता था। आधुनिक बेलारूस व युक्रेन के साथ-साथ पोलैन्ड और रूस के कई हिस्से लिथुआनिया महाड्यूक राज्य के भाग थे। १५६९ में लुबलिन संधि के तहत पोलैन्ड और लिथुआनिया एक द्विराष्ट्रीय 'पोलिश-लिथुआनियाई महाकुल' नामक परिसंघ में जुड़ गए। यह लगभग १५०-२०० वर्षों तक सलामत रहा लेकिन १७२२ से १७९५ काल में पड़ोसी देशों ने इसे धीरे-धीरे तोड़ दिया। लिथुआनिया के अधिकतर भूभाग पर रूसी साम्राज्य का अधिकार हो गया।
प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान १९१७ में रूस में अक्टूबर समाजवादी क्रांति हुई जिस से रूसी साम्राज्य टूटा और सोवियत संघ ने जन्म लिया। इस उथल-पुथल का लाभ उठाते हुए १६ फ़रवरी १९१८ को लिथुआनियाई राजनैतिक नुमाइन्दो ने 'लिथुआनिया के स्वतंत्रता विधेयक' पर हस्ताक्षर किये और लिथुआनिया को एक आज़ाद राष्ट्र घोषित कर दिया। १९४० में, द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान, सोवियत संघ ने लिथुआनिया पर क़ब्ज़ा कर लिया और उसे लिथुआनियाई सोवियत समाजवादी गणतंत्र के नाम से गठित करके अपना भाग बना लिया। जल्द ही नात्ज़ी जर्मनी की फ़ौजों ने उन्हें निकालकर स्वयं लिथुआनिया पर नियंत्रण कर लिया। १९४४ में जब जर्मनी हारने लगा तो उसने अपनी सेनाएँ लिथुआनिया से हटा लीं और सोवियत संघ ने वापस लिथुआनिया पर अधिकार जमा लिया।
१९९० में जब सोवियत संघ कमज़ोर पड़ा तो ११ मार्च १९९० को लिथुआनिया अपनी अलग स्वतंत्रता घोषित करने वाला पहला सोवियत गणतंत्र बना। आधुनिक लिथुआनिया यूरोपीय संघ, यूरोपीय परिषद और नाटो का सदस्य है और इसकी आर्थिक बढ़ौतरी का दर यूरोप के सबसे तेज़ देशों में से एक है। २००७-२०१० काल के विश्व आर्थिक मंदी का असर इस देश पर भी हुआ था लेकिन उसके बाद से अर्थव्यवस्था फिर से तेज़ी से विकसित हो रही है।
साभार:- विकीपीडिया, , इंटरनेट व अन्य स्रोतों से
प्रस्तुति -नामदेव राना लिधौरी
शुक्रवार, 16 जनवरी 2026
सुखद सूचना -अवनि हिंदी दोहा संग्रह अब दिल्ली पुस्तक मेला में उपलब्ध है
#सुखद_सूचना:-
मित्रों आपको यह बताते हुए बेहद प्रसन्नता हो रही है कि मेरा #हिंदी_दोहा_संग्रह #अवनि #दिल्ली_पुस्तक_मेला में #Book_fiylo स्टाल पर उपलब्ध है।
तथा मेरी इस पुस्तक को
राजीव_नामदेव राना_लिधौरी
rajeev_namdeo_rana_lidhori
सोमवार, 12 जनवरी 2026
हंगरी देश की सामान्य जानकारी
दिनांक-10.1.2026 को मेरे ब्लॉग पाठकों में 2नये पाठक हंगरी देश से जुड़ गये भशहै इस प्रकार मेरे ब्लॉग पढ़ने वाले 99देश के पाठक हो गये है। बस शतक से एक देश पीछे है
आइये हंगरी देश के बारे में सामान्य जानकारी प्राप्त करते हैं:-
हंगरी (हंगेरियाई: Magyarország), आधिकारिक तौर पर हंगरी गणराज्य (हंगेरियाई: Magyar Köztársaság, शाब्दिक अर्थ "हंगरी गणराज्य"), मध्य यूरोप के कारपेथियन बेसिन में स्थित एक स्थल-रुद्ध देश है। इसके उत्तर में स्लोवाकिया, पूर्व में यूक्रेन और रोमानिया, दक्षिण में सर्बिया और क्रोएशिया, दक्षिण पश्चिम में स्लोवेनिया और पश्चिम में ऑस्ट्रिया स्थित है।
हंगरी देश की स्थिति:-
45अंश 50मिनट से 48अंश 40मिनट उत्तरी. अक्क्षांश तथा 16अंश से 23अंश पर्वी देशान्तर। इस गणतंत्र की अधिकतम लंबाई 259 किमी और चौड़ाई 428 किमी है। हंगरी, मध्य यूरोप की डैन्यूब नदी के मैदान में स्थित है। इसके उत्तर में चेकोस्लोवाकिया पूर्व में रोमानिया, दक्षिण में यूगोस्लाविया तथा पश्चिम में आस्ट्रिया हैं। इस देश में समुद्रतट नहीं है।
हंगरी के प्रमुख नगर हैं : बुडापेस्ट (राजधानी), देव्रेत्सेन (Debrecen), मिशकोल्त्स (Miskolc) पैक (Pécs) सेगेड (Szeged) और ड्योर (Györ)।
इसकी राजधानी और सबसे बड़ा शहर बुडापेस्ट है। हंगरी, यूरोपीय संघ, नाटो, ओईसीडी और विशग्राड समूह का सदस्य है और एक शेंगेन राष्ट्र है। इसकी आधिकारिक भाषा हंगेरियाई है, जो फिन्नो-उग्रिक भाषा परिवार का हिस्सा है और यूरोप में सबसे व्यापक रूप से बोली जाने वाली गैर भारोपीय भाषा है।
हंगरी के 68 प्रतिशत निवासी रोमनकैथोलिक, 27 प्रतिशत प्रोटेस्टेंट तथा शेष यहूदी एवं अन्य धर्मावलंबी हैं। यहाँ की भाषा मग्यार हैं।
जनसंख्या -93,030 कि॰मी2 (35,920 वर्ग मील) 109वां)
यह आल्प्स पर्वतश्रेणियों से घिरा है। यहाँ कार्पेथिऐन पर्वत भी है जो मैदान को लघु एल्फोल्ड और विशाल एल्फोल्ड नामक भागों में विभक्त करता है। सर्वोच्च शिखर केकेस 3,330 फुट ऊँचा है। इसमें दो बड़ी झीलें हैं - (1) बालाटान (लंबाई 775 किमी और चौड़ाई 5 किमी) (2) न्यूसीडलर (इसे हंगरी में फर्टो (Ferto) कहते हैं)।
प्रमुख नदियाँ : डैन्यूब, टिजा और द्रवा।
प्रमुख उद्योग धंधे:-
आटा पीसने के अनेक कारखाने हैं। शराब पर्याप्त परिमाण में बनती है और बाहर भेजी जाती है। चीनी का परिष्कार महत्व का उद्योग है। सन से भी अनेक सामान तैयार किए जाते हैं। निर्यात् की वस्तुओं में सूअर, मुर्गियाँ, सूती वस्त्र, आटा, चीनी, मक्खन, ताजे फल, मक्का, शराब, ऊन और सीमेंट आदि हैं। आयात की वस्तुओं में कच्ची रूई, कोयला, इमारती लकड़ी, नमक आदि हैं। छोटी छोटी मशीनें भी यहाँ बनती हैं और उनका निर्यात होता है। यहाँ का व्यापार सोवियत रूस, चेकोस्लोवाकिया, जर्मनी, पोलैंड, यूगोस्लाविया आदि से होता है।
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साभार:- विकीपीडिया, इंटरनेट, गूगल एवं अन्य स्रोतों से
प्रस्तुति -राजीव नामदेव राना लिधौरी
बुधवार, 7 जनवरी 2026
कोलांबिया सामान्य जानकारी
शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025
चंदेरी किला एवं ऐतिहासिक स्थल
https://youtu.be/v59-5Nr4iT8?si=KoxW5LheBLh3K48R
#Chanderi's historical fort* and tourist attractions tour with
Blogger #Rajeev_Namdeo #Rana_Lidhori
#चंदेरी का ऐतिहासिक किला एवं चंदेरी के पर्यटन स्थल*
ब्लॉगर #राजीव_नामदेव '#राना_लिधौरी' के साथ एक भ्रमण
चंदेरी किला:-
दिल्ली दरवाजा चंदेरी