Rajeev Namdeo Rana lidhorI

गुरुवार, 22 जनवरी 2026

सौ वां देश लिथुआनिया

राना का ब्लॉग पढ़ने वाला100वां देश बना लिथुआनिया :-


लिथुआनिया देश की सामान्य जानकारी :-

लिथुआनिया एक छोटा सा देश है जो उत्तरी यूरोप में बाल्टिक क्षेत्र में स्थित है। यह देश बाल्टिक सागर के किनारे पर स्थित है।इसके पड़ोसी देश लातविया, बेलारूस, पोलैंड, और रूस हैं

लिथुआनिया की राजधानी  विलनियस है यहां की भाषा लिथुआनियन है एवं मुद्रा यूरो है इस देश कीजनसंख्या: लगभग 2.8 मिलियन है तथा क्षेत्रफल 65,300 वर्ग किलोमीटर है

इस देश को स्वतंत्रता: 11 मार्च 1990 में सोवियत संघ से मिली थी। संसदीय गणराज्य की सरकार है यहां के वर्तमान राष्ट्रपति: गीतानास नौसेदा है एवं प्रधानमंत्री: इनेग्रा शिमोनाइट है

लिथुआनिया की अर्थव्यवस्था :-

यहां की जीडीपी: लगभग 49 बिलियन यूरो है।जीडीपी वृद्धि दर: 3.5% है यहां कामुख्य उद्योग: सेवा, उद्योग, कृषि।मुख्य व्यापारिक साझेदार यूरोपीय संघ, रूस, बेलारूस देशों से है।

लिथुआनिया की संस्कृति: -

  • लिथुआनियन भाषा: एक बाल्टिक भाषा है जो लातवियन और पुरानी प्रुशियन से संबंधित है।

लिथुआनियन लोकगीत:- लिथुआनिया में एक समृद्ध लोकगीत परंपरा है।

लिथुआनियन व्यंजन: लिथुआनियन व्यंजन में शीतकालीन सब्जियाँ, मांस, और दूध के उत्पाद शामिल हैं

इतिहास:-१४वीं शताब्दी में लिथुआनिया यूरोप का सबसे बड़ा देश हुआ करता था। आधुनिक बेलारूस व युक्रेन के साथ-साथ पोलैन्ड और रूस के कई हिस्से लिथुआनिया महाड्यूक राज्य के भाग थे। १५६९ में लुबलिन संधि के तहत पोलैन्ड और लिथुआनिया एक द्विराष्ट्रीय 'पोलिश-लिथुआनियाई महाकुल' नामक परिसंघ में जुड़ गए। यह लगभग १५०-२०० वर्षों तक सलामत रहा लेकिन १७२२ से १७९५ काल में पड़ोसी देशों ने इसे धीरे-धीरे तोड़ दिया। लिथुआनिया के अधिकतर भूभाग पर रूसी साम्राज्य का अधिकार हो गया।

प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान १९१७ में रूस में अक्टूबर समाजवादी क्रांति हुई जिस से रूसी साम्राज्य टूटा और सोवियत संघ ने जन्म लिया। इस उथल-पुथल का लाभ उठाते हुए १६ फ़रवरी १९१८ को लिथुआनियाई राजनैतिक नुमाइन्दो ने 'लिथुआनिया के स्वतंत्रता विधेयक' पर हस्ताक्षर किये और लिथुआनिया को एक आज़ाद राष्ट्र घोषित कर दिया। १९४० में, द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान, सोवियत संघ ने लिथुआनिया पर क़ब्ज़ा कर लिया और उसे लिथुआनियाई सोवियत समाजवादी गणतंत्र के नाम से गठित करके अपना भाग बना लिया। जल्द ही नात्ज़ी जर्मनी की फ़ौजों ने उन्हें निकालकर स्वयं लिथुआनिया पर नियंत्रण कर लिया। १९४४ में जब जर्मनी हारने लगा तो उसने अपनी सेनाएँ लिथुआनिया से हटा लीं और सोवियत संघ ने वापस लिथुआनिया पर अधिकार जमा लिया।

१९९० में जब सोवियत संघ कमज़ोर पड़ा तो ११ मार्च १९९० को लिथुआनिया अपनी अलग स्वतंत्रता घोषित करने वाला पहला सोवियत गणतंत्र बना। आधुनिक लिथुआनिया यूरोपीय संघ, यूरोपीय परिषद और नाटो का सदस्य है और इसकी आर्थिक बढ़ौतरी का दर यूरोप के सबसे तेज़ देशों में से एक है। २००७-२०१० काल के विश्व आर्थिक मंदी का असर इस देश पर भी हुआ था लेकिन उसके बाद से अर्थव्यवस्था फिर से तेज़ी से विकसित हो रही है।

साभार:- विकीपीडिया, , इंटरनेट व अन्य स्रोतों से

प्रस्तुति -नामदेव राना लिधौरी 


 ‘राना लिधौरी’ के सौ देशों के ब्लाग पाठक हुए

 (राना लिधौरी ने इतिहास रचा सौ देशों के ढाई लाख पाठक):-

टीकमगढ़//बुन्देलखण्ड के ख्यातिप्राप्त कवि राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी की के ब्लाग पाठक व्यू संख्या आज ढाई लाख के करीब पहुँच गयी है।  उनके 100 देशों के 235781 पाठक हो चुके है एवं सोशल मीडिया पर पाँच लाख से अधिक पाठक है उनके ब्लाग राजीवरानालिधौरीब्लाग स्पाट डाॅट काम को बहुत पसंद किया जा रहा है।
  राना लिधौरी ने बताया कि  लिथोआनिया देश के एक पाठक  के जुड़ते ही  उनके पढ़ने वालों देशों की  संख्या 100 हो गयी हैं। उनके ब्लाग पर 907 पोस्ट में हिन्दी एवं बुन्देली में कविताएँ लिखी गयी हैं। जिनको 100 देशों के 235781 लोग पढ़ चुके हैं। उन्होंने एक नया इतिहास रचा है। इस प्रकार से राना लिधौरी हिन्दी एवं बुन्देली को विश्वपटल पर लोकप्रिय बनाने में अपनी अहम भूमिका अदा कर रहे है।
गौरतलब हो कि राना लिधौरी की अब तक 5 बुन्देली एवं 6 हिन्दी में पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है तथा 18 पुस्तकों का संपादन करते हुए 137 ‘ई बुकों’ का संपादन एवं प्रकाशन कर चुके हैं। टीकमगढ़ जिले से प्रकाशित होने वाली एकमात्र साहित्यक पत्रिका ‘‘आकांक्षा’’ का प्रकाशन विगत 21 सालों से नियमित करते आ रहे हैं। विगत पाँच सालों से ‘अनुश्रुति’ नाम से एक बुन्देली की त्रैमासिक ई पत्रिका का भी नियमित प्रकाशन कर रहे है। ‘राना लिधौरी द्वारा ‘बुन्देलखण्ड के आधुनिक कवि ग्रंथ का प्रकाशन किया गया है, जो कि बहुत चर्चा में है। राना लिधौरी के हिन्दी एवं बुन्देली ब्लाग को अब तक 100 देशों के  ढाई लाख से अधिक पाठक पढ़ चुके हैं। इसके पूर्व राना लिधौरी को उनकी कृति ‘लुक-लुक की बीमारी’ बुंदेली (़गद्य व्यंग्य संग्रह) तत्कालीन राज्यपाल मध्यप्रदेश मान.आनंदी बेन पटेल द्वारा सन् 2018 में भोपाल में 5000रूपए शांति देवी पुरस्कार से सम्मानित किया था। सन् 2023 में साहित्य अकादमी का इक्यावन हज़ार रुपए का ‘छत्रसाल पुरस्कार’ भी आपको प्राप्त हो चुका है। तीन राज्यपाल सहित देशभर से लगभग 200 सम्मान प्राप्त ‘राना लिधौरी’ हिन्दी एवं बुन्देली में साहित्य के लिए समर्पित राना लिधौरी आजकल खूब सुर्खियों में है हाल की में उनका ‘राना लिधौरीः गौरव ग्रंथ 426 पेजों में प्रकाशित हुआ है।

राना लिधौरी के 100 देशों के 235781 ब्लाग पाठकों में  कुछ  प्रमुख पाठकों की देश बार संख्या निम्नलिखित है- 

(01) भारत-177666 (02) अमेरिका-12982,(03) सिंगापुर-12694,(04) नीदरलैंड-8344, (05) रूस-1689 (06) जर्मनी-1317, (07) इजराइल-958, (08) हांगकांग-1985, (09) यूनाइटेड किंगडम-812, (10) मैक्सिको-712,(11) स्वीडन-670, (12) आयरलैंड-587, (13) फिनलैंड-472,  (14) कनाडा-552, (15) पुर्तगाल-548,(16) फ्रांस-431 (17) आस्ट्रेलिया-186, (18) इंडोनेशिया-153,(19)-यूक्रेन-121,(20)पोलेंड-115, (21) ब्राजील-98,(22) वियतनाम-90, (23) संयुक्त अरब अमीरात-82,(24) तुकर्मेनिस्तान-80,(25) नेपाल-73, (26) वेनेजुएला-42,
(27) जापान-38, (28) चेकिया-35, (29) स्विटजरलैंड-37 (30) स्पेन-32,  (31) चीन-27,(32) बांग्लादेश-25,(33) द.कोरिया-24, (34) मलेशिया-24 (35) रोमानिया-08 (36) तुर्की-20,(37) थाईलैंड-16  (38) आस्ट्रिया-15, (39) केन्या-12, (40) ताइवान-11, (41) पाकिस्तान-11, (42) नार्वे-10,  (43) अर्जेनटाइना-09, (44)-कोलांबिया-8, (45) फिलीपींस-8, (46)-बेल्जियम-7,(47) कतर-7,(48) श्रीलंका-06, (49) सर्बिया-06, (50) मारीषस-6, (51) इटली-06, (52) ईरान-04, (53) इक्वाडोर -4, (54) ब्रिटेन-4, (55) ओमान-4,   (56) लाग्जवर्ग-03, (57) द.अफ्रीका-02, (58) साउदी अरब-02, (59) ग्वाटेमाला-02, (60) किग्रिस्तान-02, (61) स्लोवकानिया-2, (62) पनामा-02, (63) कुवैत-2,(64) माल्डोवा-02 (65) उजवेकिस्ताान-02 (66) बेलारूस-02, (67) रवांडा-02, (68) जार्डन-02, (69) जार्जिया-02, (70) हंगरी-2, (71) नाइजीरिया-1, (72) साइप्रस-1, (73) अजरवैजान-1, (73) कजाकिस्तान-1, (74) बोलिविया-1,   (76) डेनमार्क-1, (77) आइसलैंड-1,(78) मंगोलिया-1, (79)-यमन-1, (80) बहरीन-1,(81) मिश्र-1,(82) त्रिनिदाद,टुबैको-1, (83) चैक गणराज्य-1,   (84) यूनान-1, (85) म्यांमार (वर्मा)-1, (86) न्यूजीलैंड-1,(87) फिजी-1, (88) बोत्साना-01,89) होंडूरास-1,(90) पोटोरिको-1,(91) इराक-1, (92) अल्जीरिया-1,(93) अल्बानिया-1,(94) गिनी-1,  (95) न्यूकेलेडोनिया-1, (96) लाइबेरिया-1,(97) मकाउ -1, (98) लातविया-1, (99) कांगोकिरांग-1, (100) लीथोआनिया-1,  अज्ञात क्षेत्र-14185 पाठक व्यू हैं। कुल 100 देशों के 2,35781 पाठक व्यू है।
इसी प्रकार से अन्य सोषल मीडिया के अन्य प्लेटफार्म राना लिधौरी'  के पाठक संख्या अग्रलिखित है- साहित्यपीडिया-2,45593, यू ट्यूब-49917(237), प्रतिलिपि-27389(321), कुटुंब ऐप-14986(241),
पब्लिक ऐप-6856, फेसबुक-4906,नोजोटो-3594,
लघुकथा कोष-1486,फेसबुक पेज-4902,
जय बुंदेली साहित्य समूह फेसबुक पेज-684व 466,इंस्टाग्राम- फालोवर 410,डेलीहंट-154,शब्द इन-129(27),सोफीजन-3269, ट्वीटर-26,
16- एक्सपर-18 फालोवर है।
इस उपलब्धि पर राना लिधौरी को जिले में साहित्यकारों ने बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ दी है जिसमें प्रमुख रूप से श्री रामगोपाल रैकवार, विजय मेहरा,प्रमोद मिश्रा,उमाशंकर मिश्रा, शील चन्द्र जैन, चाँद मोहम्मद,सुभाष सिंघई, डाॅ. प्रीति सिंह परमार, प्रदीप खरे ’मुंजल’, कैलाश श्रीवास्तव आदमी, अनिल अयान,डाॅ. राज गोस्वामी,मीरा खरे,एस.आर.सरल,कमलेश सेन,रविन्द्र यादव,वीरेन्द्र चंसौरिया,विद्या शरण खरे,डाॅ. रेणु श्रीवास्तव,वफ़ा शैदा,स्वप्निल तिवारी,डाॅ. नरेन्द्र मोहन अवस्थी,डाॅ.एम.एस श्रीवास्तव,रामानंद पाठक सहित अनेक साहित्यकार हैं।
*-राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’*

शुक्रवार, 16 जनवरी 2026

सुखद सूचना -अवनि हिंदी दोहा संग्रह अब दिल्ली पुस्तक मेला में उपलब्ध है

#सुखद_सूचना:-

मित्रों आपको यह बताते हुए बेहद प्रसन्नता हो रही है कि मेरा #हिंदी_दोहा_संग्रह #अवनि #दिल्ली_पुस्तक_मेला में #Book_fiylo स्टाल पर उपलब्ध है।
तथा मेरी इस पुस्तक को

कोलकाता में राष्ट्रीय_पुस्तकालय में रखे जाने हेतु चयनित किया है तथा अवनि की एक प्रति अब कोलकाता के राष्ट्रीय पुस्तकालय में धरोहर के रूप में सुरक्षित रखी जायेगी।

राजीव_नामदेव राना_लिधौरी
rajeev_namdeo_rana_lidhori

सोमवार, 12 जनवरी 2026

हंगरी देश की सामान्य जानकारी

दिनांक-10.1.2026 को मेरे ब्लॉग पाठकों में 2नये पाठक हंगरी देश से जुड़ गये भशहै इस प्रकार मेरे ब्लॉग पढ़ने वाले 99देश के पाठक हो गये है। बस शतक से एक देश पीछे है

आइये हंगरी देश के बारे में सामान्य जानकारी प्राप्त करते हैं:-

हंगरी (हंगेरियाई: Magyarország), आधिकारिक तौर पर हंगरी गणराज्य (हंगेरियाई: Magyar Köztársaság, शाब्दिक अर्थ "हंगरी गणराज्य"), मध्य यूरोप के कारपेथियन बेसिन में स्थित एक स्थल-रुद्ध देश है। इसके उत्तर में स्लोवाकिया, पूर्व में यूक्रेन और रोमानिया, दक्षिण में सर्बिया और क्रोएशिया, दक्षिण पश्चिम में स्लोवेनिया और पश्चिम में ऑस्ट्रिया स्थित है।

हंगरी देश की स्थिति:-

45अंश 50मिनट से 48अंश 40मिनट उत्तरी. अक्क्षांश तथा 16अंश से 23अंश पर्वी देशान्तर। इस गणतंत्र की अधिकतम लंबाई 259 किमी और चौड़ाई 428 किमी है। हंगरी, मध्य यूरोप की डैन्यूब नदी के मैदान में स्थित है। इसके उत्तर में चेकोस्लोवाकिया पूर्व में रोमानिया, दक्षिण में यूगोस्लाविया तथा पश्चिम में आस्ट्रिया हैं। इस देश में समुद्रतट नहीं है।

हंगरी के प्रमुख नगर हैं : बुडापेस्ट (राजधानी), देव्रेत्सेन (Debrecen), मिशकोल्त्स (Miskolc) पैक (Pécs) सेगेड (Szeged) और ड्योर (Györ)।

इसकी राजधानी और सबसे बड़ा शहर बुडापेस्ट है। हंगरी, यूरोपीय संघ, नाटो, ओईसीडी और विशग्राड समूह का सदस्य है और एक शेंगेन राष्ट्र है। इसकी आधिकारिक भाषा हंगेरियाई है, जो फिन्नो-उग्रिक भाषा परिवार का हिस्सा है और यूरोप में सबसे व्यापक रूप से बोली जाने वाली गैर भारोपीय भाषा है।

हंगरी के 68 प्रतिशत निवासी रोमनकैथोलिक, 27 प्रतिशत प्रोटेस्टेंट तथा शेष यहूदी एवं अन्य धर्मावलंबी हैं। यहाँ की भाषा मग्यार हैं।

जनसंख्या -93,030 कि॰मी2 (35,920 वर्ग मील) 109वां)

यह आल्प्स पर्वतश्रेणियों से घिरा है। यहाँ कार्पेथिऐन पर्वत भी है जो मैदान को लघु एल्फोल्ड और विशाल एल्फोल्ड नामक भागों में विभक्त करता है। सर्वोच्च शिखर केकेस 3,330 फुट ऊँचा है। इसमें दो बड़ी झीलें हैं - (1) बालाटान (लंबाई 775 किमी और चौड़ाई 5 किमी) (2) न्यूसीडलर (इसे हंगरी में फर्टो (Ferto) कहते हैं)। 

प्रमुख नदियाँ  : डैन्यूब, टिजा और द्रवा।

प्रमुख उद्योग धंधे:-

आटा पीसने के अनेक कारखाने हैं। शराब पर्याप्त परिमाण में बनती है और बाहर भेजी जाती है। चीनी का परिष्कार महत्व का उद्योग है। सन से भी अनेक सामान तैयार किए जाते हैं। निर्यात् की वस्तुओं में सूअर, मुर्गियाँ, सूती वस्त्र, आटा, चीनी, मक्खन, ताजे फल, मक्का, शराब, ऊन और सीमेंट आदि हैं। आयात की वस्तुओं में कच्ची रूई, कोयला, इमारती लकड़ी, नमक आदि हैं। छोटी छोटी मशीनें भी यहाँ बनती हैं और उनका निर्यात होता है। यहाँ का व्यापार सोवियत रूस, चेकोस्लोवाकिया, जर्मनी, पोलैंड, यूगोस्लाविया आदि से होता है।

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साभार:- विकीपीडिया, इंटरनेट, गूगल एवं अन्य स्रोतों से

प्रस्तुति -राजीव नामदेव राना लिधौरी 

बुधवार, 7 जनवरी 2026

कोलांबिया सामान्य जानकारी

कोलांबिया देश की सामान्य जानकारी:-

मेरे ब्लॉग पाठक देश 98वां देश -कोलांबिया :-
कोलंबिया दक्षिण अमेरिका के उत्तर-पश्चिम में स्थित एक देश है, यह दुनिया का 26वां बड़ा देश है। इसकी जनसंख्या सन् -2005 में  42888529 है तथा मई 2018 के अनुसार अनुमानित 44660000 है।
 जिसकी राजधानी बोगोटा  (Bogotá) है, और यह अपनी समृद्ध बहु सांस्कृतिक विरासत, स्पेनिश भाषा और विविध भूगोल (कैरिबियन सागर और प्रशांत महासागर दोनों से तटरेखा) के लिए जाना जाता है।
स्थान: दक्षिण अमेरिका का उत्तर-पश्चिमी भाग। इसका क्षेत्रफल 1,141,748 वर्ग किमी (440,839 वर्ग मील) है। 
यहां की मुद्रा-'पैसो' (cop)है।
यह स्पेन से 20 जुलाई, सन् 1810ई. को स्वतंत्र हुआ था लेकिन उसे मान्यता दिनांक -7अगस्त सन् 1819 को मिली थी।
पड़ोसी देश: पूर्व में वेनेजुएला और ब्राजील, दक्षिण में इक्वाडोर और पेरू, उत्तर-पश्चिम में पनामा।
तटरेखा: कैरिबियन सागर और प्रशांत महासागर दोनों.
सांस्कृतिक विविधता: स्पेनिश, अफ्रीकी और मूल निवासियों की संस्कृतियों का मिश्रण, जिसमें यूरोप और मध्य एशिया के लोगों का भी प्रभाव है.
भाषा: स्पेनिश आधिकारिक भाषा है, साथ ही कई क्षेत्रीय और स्वदेशी भाषाएँ भी बोली जाती हैं. 
अन्य विशेषताएं:-
कोलंबिया का इतिहास: प्राचीन सभ्यताओं से लेकर स्पेनिश उपनिवेशीकरण और स्वतंत्रता तक का सफर।
कोलंबिया को 32 विभागों में विभाजित किया गया है। बोगोटा का राजधानी जिला देश का सबसे बड़ा शहर भी है जो मुख्य वित्तीय और सांस्कृतिक केंद्र की मेजबानी करता है।
यहां के वर्तमान - राष्ट्रपति-गुस्तावो पेट्रो है एवं  उप राष्ट्रपति फ़्रांस मार्केज़ है।
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प्रस्तुति -राजीव नामदेव राना लिधौरी

साभार -विकीपीडिया एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 
प्रस्तुति -राजीव नामदेव राना लिधौरी

शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025

चंदेरी किला एवं ऐतिहासिक स्थल

https://youtu.be/v59-5Nr4iT8?si=KoxW5LheBLh3K48R

#Chanderi's historical fort* and tourist attractions tour with
Blogger #Rajeev_Namdeo #Rana_Lidhori
#चंदेरी का ऐतिहासिक किला एवं चंदेरी के पर्यटन स्थल*
ब्लॉगर #राजीव_नामदेव '#राना_लिधौरी' के साथ एक भ्रमण

चंदेरी किला:-

दिल्ली दरवाजा चंदेरी 







गुरुवार, 18 दिसंबर 2025

बेलारूस और कज़ाकस्तान के बारे में जानकारी

आभार #थैक्स 

मित्रों आज दिनांक -18-12-2025 को मेरे #ब्लॉग में दो नये देश #बेलारूस एवं #कज़ाकस्तान के दो-दो नये पाठक जुड़े हैं। आपका हार्दिक स्वागत है अभिनंदन है।
इस प्रकार में ब्लॉग पाठकों में बेलारूस 96वां देश एवं कज़ाकस्तान 97वां देश है। पूरे 97देशों एवं वहां के पाठकों की संख्या (दो लाख इकतीस हज़ार पांच सौ सत्ताइस हो गयी है पूरी सूची नीचे संलग्न है।
बस इंतज़ार है 100 देश पूरे होने का अभी 3 देश के पाठक कम है देखते हैं अब तक पूरे होते हैं 
आप सभी की दुआएं एवं आशीर्वाद व शुभकामनाएं चाहिए।
आप भी पाठकों का हृदय तल से #आभार, #थैंक्स 

#राजीव_नामदेव #राना_लिधौरी 
#rajeev_namdeo #rana_lidhori

आइये हम इन दोनों देशों के बारे में जानकारी लेते हैं।

96वां देश बेलारूस :-
बेलारूस (Belarus) पूर्वी यूरोप में स्थित एक देश है, जिसकी राजधानी मिन्स्क है, और यह रूस, यूक्रेन, पोलैंड, लिथुआनिया और लातविया से घिरा है; यह पूर्व सोवियत संघ का हिस्सा था और 1991 में स्वतंत्र हुआ, जो अब राष्ट्रपति लुकाशेंको के नेतृत्व में एक केंद्रीकृत सरकार चलाता है, और अपने बड़े वन क्षेत्र तथा सोवियत-युग की नीतियों के लिए जाना जाता है। 
मुख्य जानकारी
नाम: बेलारूस गणराज्य (Republic of Belarus)
राजधानी: मिन्स्क (Minsk)
स्थान: पूर्वी यूरोप (East Europe)
पड़ोसी देश: रूस, यूक्रेन, पोलैंड, लिथुआनिया, लातविया
भाषा: बेलारूसी (Belarusian) और रूसी (Russian)
मुद्रा: बेलारूसी रूबल (Belarusian Ruble - BYN) 
इतिहास और शासन
यह देश 1991 तक सोवियत संघ का हिस्सा था और 25 अगस्त, 1991 को इसने स्वतंत्रता की घोषणा की।
1994 से अलेक्जेंडर लुकाशेंको इसके राष्ट्रपति हैं और यहाँ एक सत्तावादी सरकार है। 
भूगोल और अर्थव्यवस्था
यह एक स्थलरुद्ध (landlocked) देश है, जिसका 40% से अधिक हिस्सा वनों से ढका है।
प्रमुख उद्योगों में कृषि और उत्पादन शामिल हैं, और यह ट्रैक्टर, ट्रक, रसायन और उपभोक्ता वस्तुओं का उत्पादन करता है। 
संस्कृति और समाज
बेलारूसवासी पूर्वी स्लाव जातीय समूह से हैं और मुख्य रूप से पूर्वी रूढ़िवादी धर्म का पालन करते हैं।
यह देश सोवियत संघ के विघटन के बाद कई सोवियत-युग की नीतियों को जारी रखे हुए है। 
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97वां देश उज़्बेकिस्तान :-
उज़्बेकिस्तान मध्य एशिया में स्थित एक ज़मीन से घिरा देश है, जो अपनी समृद्ध इतिहास, संस्कृति और तुर्क-मंगोल विरासत के लिए जाना जाता है; यह सोवियत संघ का हिस्सा था और 1991 में स्वतंत्र हुआ, जिसकी राजधानी ताशकंद है, और यहाँ की अधिकांश आबादी उज़्बेक भाषा बोलने वाली सुन्नी मुस्लिम है, जो बाबर और तैमूर जैसी ऐतिहासिक शख्सियतों से जुड़ा है, और इसका राष्ट्रीय भोजन पालोव है, जो चावल, मांस और सब्जियों से बनता है, और यहां की संस्कृति में बड़ों का सम्मान और लेपोस्का ब्रेड के प्रति विशेष श्रद्धा है। 
मुख्य जानकारी:राजधानी: ताशकंद (Tashkent)
भाषा: उज़्बेक (उज्बेक भाषा आधिकारिक और राज्य भाषा है)
जनसंख्या: मध्य एशिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश, जिसमें उज़्बेक, रूसी, ताजिक, कज़ाख और कोरियाई जैसे जातीय समूह शामिल हैं।
धर्म: इस्लाम प्रमुख धर्म है (मुख्यतः सुन्नी), साथ ही पूर्वी रूढ़िवादी ईसाई और अन्य धर्मों के लोग भी हैं।
इतिहास: सिकंदर महान, चंगेज़ खान और तैमूर (तैमूरी साम्राज्य) से जुड़ा है, और 1991 तक सोवियत संघ का हिस्सा था।
अर्थव्यवस्था: सोना और कपास के उत्पादन में महत्वपूर्ण, और खनिज खनन एक प्रमुख क्षेत्र है। संस्कृति और खान-पान:पालोव (Plov): उज़्बेकिस्तान का राष्ट्रीय भोजन, जो चावल, मांस, गाजर और प्याज से बनता है।
लेपोस्का ब्रेड (Lepyoshka bread): एक विशेष प्रकार की ब्रेड जिसे उल्टा नहीं रखा जाता और ज़मीन पर नहीं रखा जाता, क्योंकि यह दुर्भाग्य लाता है।
संस्कृति: बड़ों का सम्मान करना, और तुर्क-मंगोल विरासत का प्रभाव, जिसमें बाबर को एक राष्ट्रीय नायक माना जाता है। प्रशासनिक विभाजन:देश 12 प्रांतों (विलायत) और 1 स्वशासित गणतंत्र में बंटा है, और राजधानी ताशकंद एक स्वतंत्र शहर है। 
साभार -विकीपीडिया