Rajeev Namdeo Rana lidhorI

शनिवार, 7 मार्च 2015

राना लिधौरी’अ.भा.बुन्देलखण्ड साहित्य एवं संस्कृति परिषद के महामंत्री बने

rajeev namdeoराना लिधौरी’अ.भा.बुन्देलखण्ड साहित्य एवं संस्कृति परिषद के महामंत्री बने

टीकमगढ़//अखिल भारतीय बुंदेलखण्ड साहित्य एवं संस्कृति परिषद भोपाल द्वारा नगर के ख्यातिप्राप्त साहित्यकार राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ को सर्वसम्मति से अखिल भारतीय बुंदेलखण्ड साहित्य एवं संस्कृति परिषद जिला इकाई टीकमगढ़ का महामंत्री बनाया गया है। टीकमगढ़ जिला इकाई का परिषद द्वारा पुर्नगठन किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश मडबैया (भोपाल) की अनुशंसा पर टीकमगढ़ जिला इकाई का अध्यक्ष अभिनंदन गोइल, उपाध्यक्ष-आर.एस.शर्मा व दीनदयाल तिवारी,महामंत्री-राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’,मंत्री-विजय कुमार मेहरा,कोषाध्यक्ष-पूरनचन्द्र गुप्ता,जबकि कार्यकारिणी सदस्य के रूप में रामगोपाल रैकवार, डाॅ.जे.पी.रावत, वीरेन्द्र चंसौरिया, राजेन्द्र कुमार विदुआ ‘बिदुआ बुन्देली’,सीमा श्रीवास्तव, परमेश्वरीदास तिवारी,गुलाब सिंह यादव ‘भाऊ’,एवं सदस्यगण के रूप में मनमोहन पाण्डे,सियाराम अहिरवार,लालजी सहाय श्रीवास्तव लाल,शोभाराम दांगी ‘इन्दु’,गणेशी पन्नालाल शुक्ला आदि को शामिल किया है। जबकि सरंक्षक डाॅ.दुर्गेश दीक्षित है।
                गौरतलब हो कि राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ की बुन्देली में हाइकु लिखकर इतिहास रच चुके है। उनका बुन्देली में लिखा हाइकु संग्रह ‘नौनी लगे बुन्देली’ विश्व का पहला बुन्देली हाइकु संग्रह है। इसके आलावा उनके दो और ‘अर्चना’,व ‘रजनीगंधा’ पुस्तकें छप चुकी है एवं अनेक पत्र पत्रिकाओं का संपादन कर चुके है, वर्तमान में आप टीकमगढ़ जिले की एकमात्र साहित्यिक पत्रिका ‘आंकाक्षा’ का सफल संपादन विगत दस साल से करते आ रहे है।

    -  राजीव नामदेव ‘‘राना लिधौरी’’,टीकमगढ़,(म.प्र.)
    संपादक ‘आकांक्षा’ पत्रिका
अध्यक्ष-म.प्र..लेखक संघ
नई चर्च के पीछे,षिवनगर कालोनी,
टीकमगढ़ (म.प्र.) पिन कोड-472001  मोबाइल न.-9893520965

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होली पर आज हुआ हास्य कवि सम्मेलन -7-3-2015







                               ( शिव मंदिर, सुभाषपुरम कालोनी में )
 
टीकमगढ़//‘आज दिनांक 7.3.2015 को दोपहर में सुभाषपुरम कालोनी में शिव मंदिर में आज होली पर हास्य कवि सम्मेलन हुआ आमंत्रित कविगण- डाॅ.जे.पी.रावत, राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी, रामगोपाल रैकवार, राजेन्द्र बिदुआ,उमाशंकर मिश्र,अजीत श्रीवास्वत,गणेश पन्नालाल शुक्ला,व लालजी सहाय श्रीवास्तव‘लाल’, दाल-वाटी के साथ कविताओं का आंनद लिया श्रोताओं ने। कुछ चित्रमयी झलकिया प्रस्तुत है। संचालन उमाशंकर मिश्र ने किया।
                                   
                                    रपट -राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
                ,      अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
                                          मोबाइल-9893520965,               

होली पर आज हुआ हास्य कवि सम्मेलन -

रविवार, 1 मार्च 2015

म.प्र.लेखक संघ की ‘नारी शक्ति’ पर केन्द्रित 194वीं गोष्ठी हुई date-1-3-2015

म.प्र.लेखक संघ की ‘नारी शक्ति’ पर केन्द्रित 194वीं गोष्ठी हुई-
                                (राना लिधौरी के निवास पर हुई रसवर्षा)
 
टीकमगढ़//‘ म.प्र.लेखक संघ जिला इकाई टीकमगढ़ की 194वीं गोष्ठी ‘ नारी शक्ति’  पर केन्द्रित
उनको सुना न पाए तो छपने को भेज दी।    जैसे मेरी ग़ज़ल न थी कोई ख़बर हुई।।
उमाशंकर मिश्र तन्हा’ ने रचना पढ़ी- सती सावित्री,है नारी,नारी झाँसी की रानी है।
    ये रग-रग का है लहू अगर,तो आँखों का भी पानी है।।
म.प्र.लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने ‘नारी’ पर कुण्डलिया सुनायी-
                नारी तेरे रूप पर झुक जाये सब लोग,मिल जाये एक बार तो,सह नहीं सके वियोग।।  
              ‘राना’ मिलन का रोग पुरूष कौ पडवै भारी,छोड देय सब काम मिले काहँू से नारी।

परमेश्वरीदास तिवारी ने कविता पढ़ी-    समय पुराना गुज़र गया अब नया जमाना आयेगा।
नारी बनेगी घर की रानी,नर गुलाम रह जायेगा।।
डाॅ.अनीता गोस्वामी ने कविता पढ़ी-मोमबत्ती की लौ को जलते हुए देखती रही। बूँद- बूँदकर मोम सी पिघलती रही।
                    अनजान सा अनझुआ सा एहसास जिलाए रखता है नारी को।
समर्पण की अनौखी मदरा पिलाए रखती है नारी को।।
बल्देवगढ़ से पधारे कवि यदुकुलनंदन खरे ने पढा-यह प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष हिंसा का दौर।
 जिसमें पिस रहा है आदमी इंसानियत।।
कवि गनेश पन्नालाल शुक्ला ने रचना पढी-एक नया कानून बना दो,संविधान में मोदी जी,
  जो बेचे अपनी गऊ माता उसे जेल हो मोदी जी।।
डाॅ. जगदीश रावत ने कविता पढी-भारत माता के चरणों का जगदीश्वर आचमन करूँ।
  अखिल विश्व का मातृ शक्ति को भक्ति भाव से नमन करूँ।
भारत विजय बगेरिया ने कविता पढी-ये भारत की नारी बेमिशाल है ये दुग्ध अमृत से दाती भारत को विशाल है।   
दीनदयाल तिवारी ने पढा-जहाँ पूजा होती नारी की होता रहे मान-सम्मान। वहीं बास है देवों का,एसा कहते वेद पुरान।।
गुलाब सिंह यादव ‘भाऊ’ ने पढा-नारी है भारी बलबारी। नहीं जगत में  हारी।।
सीताराम राय ने पढा-नारी के हर रूप निराले,माँ,बेटी,बहिना,नारी। चारों की शक्ति अद    भुद है जानत सब संसारी।।
आर.एस.शर्मा ने पढा-नारी अबला नहीं सबला होतुम,पुरूषों की अनुगामिनी नहीं सहगामिनी हो तुम।।
पूरन चन्द्र गुप्ता’ ने पढा-पूरन कहत बिन नारी जग सूनौ लागे। नारी संग जीवन का रंग बिखरत है।।
हाजी अनवर’ ने पढा-नारी चाहेतो घर का श्रृंगार बदल सकती है नारी चाहे तो सारा संसार बदल सकती है।।
इनके अलावा अजीत श्रीवास्वत एवं विजय मेहरा ने व्यंग्य सुनाये तथा भगवत प्रसाद विदुआ,सरमनलाल पुरोहित,के.पी.बिलथरे ने भी अपने विचार रखे। गोष्ठी संचालन उमाशंकर मिश्र ने किया एवं सभी का आभार प्रदर्शन जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधोैरी’ ने किया।                           
  रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
                      अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
                                         मोबाइल-9893520965,




राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ के निवास पर शिवनगर कालोनी में आयोजित की गयी, जिसके मुख्य अतिथि बन्देवगढ से पधारे साहित्यकार ़ श्री यदुकुलनंदन खरे  व अध्यक्षता कवियत्री डाॅ.अनीता गोस्वामी ने की तथा विशिष्ट अतिथि के रूप गणेश पन्नालाल शुक्ला जी रहे। अमिताभ गोस्वामी ने सरस्वती वंदना पढ़ी और ये ग़ज़ल सुनायी-

रविवार, 15 फ़रवरी 2015

rasavtaran akashwani chaterpur-15-2015


‘आकाशवाणी के ‘रसावतरण’ कार्यक्रम का हुआ आयोजन

टीकमगढ़/    / आकाशवाणी छतरपुर केन्द्र द्वारा ‘‘रसावतरण’’ कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 15 फरवरी 2015 को दोपहर दो बजे से भगवान महावीर बाल संस्कार केन्द्र स्कूल में किया गया। जिसमें अध्यक्षता बी.एल.जैन ने की व मुख्य अतिथि मनमोहन पाण्डेय रहे। कार्यक्रम का संचालन राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने किया। ‘‘रसावतरण’’ कार्यक्रम में टीकमगढ़ के विभिन्न विद्याओं के 10 साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं की रिकार्डिंग की। जिसमें प्रमुख रूप से मनमोहन पाण्डे, उमाशंकर मिश्र,वीरेन्द्र चंसौरिया,आर.एस.शर्मा,विजय कुमार मेहरा, परमेश्वरीदास तिवारी, अवध बिहारी श्रीवास्वत,प्रभुदयाल श्रीवास्तव,हरेन्द्रपाल सिंह,बाबूलाल जैन सियाराम अहिरवार,अभिनंदन गोइल,रघुवीर आनंद आदि है। राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने यह बताया कि ‘‘रसावतरण’’ कार्यक्रम के लिए आकाशवाणी छतरपुर केन्द्र से दिनांक 21 फरवरी को सुबह 10 बजे किया जायेगा। अंत में सभी का आभार प्रदर्शन कार्यक्रम अधिकारी श्री चन्द्रशेखर शुक्ला जी ने किया।
                                    रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
                ,                        अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
                                               मोबाइल-9893520965

सोमवार, 9 फ़रवरी 2015

‘राना लिधौरी’ जबलपुर में सम्मानित 8-2-2015





                                        
‘राना लिधौरी’ जबलपुर में सम्मानित

टीकमगढ़//नगर के ख्यातिप्राप्त साहित्यकार,कवि-शायर एवं म.प्र.लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ को उनके लघुकथा के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए मध्य प्रदेश लघुकथाकार परिषद जबलपुर  ‘लघुकथा गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया । राना लिधौरी को यह सम्मान रानी दुर्गावती संग्रहालय के सभा कक्षा,जबलपुर में मध्य प्रदेश लघुकथाकार परिषद जबलपुर के 30वें वार्षिक सम्मेलन व सम्मान समारोह में प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रसिद्व साहित्यकार प्रो.हरिशंकर दुवे ने की व अध्यक्षता डाॅ.सुमित्र ने की,विशिष्ट अतिथि के रूप में राधेश्याम पाठक ‘उत्तम’ रहे। कार्यक्रम का संयोजक डाॅ.मोहम्मद मुइनुद्दीन अतहर ने किया। इस अवसर डाॅ. कुँवर प्रमिल व डाॅ. मोहम्मद मुइनुद्दीन ‘अतहर’ द्वारा संपादित ‘प्रतिनिधि लधुकथाएँ’ कृति का व ‘लघुकथा अभिव्यक्ति’ पत्रिका के जनवरी-मार्च 2015 अंक का विमोचन किया गया।
गौरतलब हो कि राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ की पुरस्कृत पुस्तक ‘नौनी लगे बुन्देली’ विश्व में बुन्देली का प्रथम हाइकु संग्रह है। ‘अर्चना’,‘रजनीगंधा’ और ‘नौनी लगे बुंदेली’ तीन पुस्तकें छप चुकी है एवं 8 पत्र-पत्रिकाओं का संपादन कर चुके है,वर्तमान में आप टीकमगढ़ जिले की एकमात्र साहित्यिक पत्रिका ‘आंकाक्षा’ का सफल संपादन विगत नौ वर्षो से करते आ रहे है तथा साहित्यक संस्था म.प्र.लेखक संघ के टीकमगढ़ के जिलाध्यक्ष के पद पर विगत 13वर्षौ से सुशोेभित है। इस उपलब्धि पर राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ को नगर के साहित्यकारों एवं शुभचिंतकों ने बधाईयाँ एवं शुभकामनाएँ दी।   

रविवार, 18 जनवरी 2015

MPLS Gosthi 192-Date-18-1-2015

म.प्र.लेखक संघ की ‘वीर रस व देशप्रेम’ पर केन्द्रित 192वीं गोष्ठी हुई-
(‘सार्वजनिक पुस्तकालय और उनकी समस्याएँ’ पुस्तक का विमोचन हुआ)
म.प्र. लेखक संघ के जिलाध्यक्ष ’राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी ने ग़ज़ल सुनायी-
                      देश रक्षा के लिए खून बहाने की जगह,
                      हम लहू दंगे फसादों में बहा देते।
                       हम तो सहते है ज़माने के सितम हँस-हँस के,
                       हम नहीं वो जिन्हें हालात रूला देते है।। 

                                                           -राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी





 टीकमगढ़//‘पुस्तके मन को पोषित करती है’ यह विचार विशिष्ट अतिथि सांख्यिकी योजना अधिकारी श्री ओमप्रकाश त्रिपाठी जी ने म.प्र.लेखक संघ जिला इकाई टीकमगढ़ की 192वीं गोष्ठी ‘वीर रस व देश प्रेम’ पर केन्द्रित जिला पुस्तकालय में आयोजित की गयी गोष्ठी में रखे। जिसके मुख्य अतिथि श्री शीलचन्द्र जैन प्राचार्य मबई व अध्यक्षता साहित्यकार दीनदयाल तिवारी ‘बेताल’ ने की। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा ‘सार्वजनिक पुस्तकालय और उनकी समस्याएँ’ विषय पर जिला पुस्तकालय में हुए सेमीनार पर आधारित विजय कुमार मेहरा द्वारा संपादित पुस्तक का विमोचन किया गया। नवोदित कवियत्री नेहा पाण्डे ने  सरस्वती पढ़ी-अर्चना तुम बन्दना तुम,शब्द तुम स्वर साधना तुम।
ततपश्चात परमेश्वरीदास तिवारी ने पढ़ा-पुस्तकालय सभ्यता की जान है,
                                                    पुस्तकालय देश का ईमान।।
हाजी ज़फ़रउल्ला खां ‘ज़फ़र ने ग़ज़ल पढ़ी- हो जाएं सब इकठ्ठे ही आवाज़ दो ‘ज़फ़र’।
                                            मिलके वन्दे मातरम एक साथ गायेंगे।।
म.प्र. लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने ग़ज़ल सुनायी-
                   देश रक्षा के लिए खून बहाने की जगह,
                      हम लहू दंगे फसादों में बहा देते।
                           हम तो सहते है ज़माने के सितम हँस-हँस के,
                              हम नहीं वो जिन्हें हालात रूला देते है।।

वीरेन्द्र चंसौरिया ने गीत पढ़ा-देश खातिर जान मेरी हाजि़र,प्राणों से प्यारा देश मेरा है।
सीताराम राय ने रचना पढ़ी-     भर देंगे हम मांग खून से काट-काट दुश्मन को,
सरहद ऊपर झांक न पाये,देख पा पाये वतन को।
बी.एल.जैन ने रचना  पढ़ी-आज तुम्हे सौगंध है भारत की जनता की। देने भारत की जनता के अपनी सच्ची ममता की
डाॅ. जगदीश रावत ने पढ़ा-जाति धर्म हर व्यक्ति वर्ग से राष्ट्र बड़ा होता है। शहीदों की अर्थी पर राष्ट्र खड़ा होता है।
कवियत्री डाॅ. आशा देवी तिवारी ने पढ़ा-विश्वास घातों की आंधी में,दीपक सत्य जलायें बैठे है।
पूरन चन्द्र गुप्ता ने सुनाया-बुंदेली वीरों तुम जागो करना अब उत्थान है,बुन्देले बुन्देलखण्ड भी जागे हिन्दुस्तान है।
ग्राम लखौरा के कवि गुलाब सिंह ‘भाऊ’ ने कविता पढ़ी-मन में ऐसी ठाने ठान जब तक है तन में जे प्रान।
ररखै अपनी माँ की शान। नहीं डरेगे हम शत्रु से नहीं है प्यारी जान।
शिवचरण उटमालिया- हमने देखे हैबहुत तीर चलानेवाले।
                             चूक जाते है कभी अच्छे निशानेवाले।।
हरेन्द्र पाल ंिसह ने पढ़़ा-जव विकास की हवा हमारे गाँव में लहरायेगी,
भाग्य छोड़ जब कर्म की रेखा धरती पर खिंच जायेगी।ं
अमित सिंह बुन्देला ने कविता पढ़ी-अगर छुआ कश्मीर तो उन्हे बता देंगे।
                                हम उनको उनकी औकात दिखा देंगे।।
शांति कुमार जैन ने कविता पढ़ी-     क्या बनने आये थे क्या बना बैठे,।
 इनके अलावा विजय मेहरा,दीनदयाल तिवारी, रघुवीर आनंद,अजीत श्रीवास्तव,अभिनंदन गोइल, वीरेन्द्र बहादुर खरे, मनमोहन पाण्डे, आदि ने भी अपनी रचनाएँ सुनायीे।
 गोष्ठी का संचालन अभिनंदन गोइल ने किया एवं
सभी का आभार प्रदर्शन लेखक संघ के अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने किया।                                                         रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
     अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़, मोबाइल-9893520965,