Rajeev Namdeo Rana lidhorI

मंगलवार, 24 मार्च 2015

प्रादेशिक हास्य व्यंग्य गोष्ठी भोपाल 22-3-2015









rajeev namdeo rana lidhoriरतलाम,म.प्र. के श्री आकाश शर्मा जी द्वारा कविता पढ़ते मेरी विभिन्न मुद्राओं में खींचे गए कुछ यादगार चित्र तथा उन्होंने मुझे वाट्सएप पर भेजे उन्हें दिल से बहुत-बहुत धन्यवाद

(प्रादेशिक हास्य व्यंग्य गोष्ठी भोपाल)

भोपाल (म.प्र.) में हिन्दी भवन के नरेश मेहता कक्ष में दिनांक-रविवार 22 मार्च 2015 को दोपहर दो बजे से आयोजित साहित्यिक संस्था म.प्र.लेखक संघ भोपाल की ‘प्रादेशिक हास्य व्यंग्य गोष्ठी’ में टीकमगढ़ जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए सुप्रसिद्व व्यंग्यकार रामगोपाल रैकवार एवं  म.प्र.लेखक संघ के जिलाध्यक्ष हास्य कवि राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ अपनी हास्य व्यंग्य की कविताएँ सुनाकर श्रोताओं को खूब हँसाया। इस प्रादेशिक प्रादेशिक ‘हास्य व्यंग्य गोष्ठी’ में मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित हास्य कवि शामिल होगें। ग्वालियर से माता प्रसाद शुक्ल, टीकमगढ़ से राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी  एवं रामगोपाल रैकवार, गाडरवाडा से कौशलेन्द्र श्रीवास्तव,रतलाम से जुझार ह भाटी,दतिया से डाॅ. राज गोस्वामी,हरदा से संजय ठाकुर,इटारसी से ताम्रकार अविनेश चन्द्रवंशी,मुरैना से जी.एन.निगम,भोपाल से श्री कैलाश जायसवाल व सुश्री अनुपमा श्रीवास्तव ‘अनुश्री’अपनी हास्य व्यंग्य की रचनाएँ पढ़ेगें। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्व साहित्यकार बटुक चतुर्वेदी ने कीे एवं मुख्य अतिथि डाॅ. हरिजोशी भोपाल रहेगे।

रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
     अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
      मोबाइल-9893520965

रविवार, 22 मार्च 2015

‘राना लिधौरी’ ने भोपाल में सुनाएँ हास्य व्यंग्य 22-3-2015

‘राना लिधौरी’ ने भोपाल में सुनाएँ हास्य व्यंग्य-




rajeev namdeo rana lidhori
(प्रादेशिक हास्य व्यंग्य गोष्ठी भोपाल)

फोटो-1- जिलाध्यक्ष हास्य कवि राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ टीकमगढ
        2- व्यंग्यकार रामगोपाल रैकवार टीकमगढ
        3- व्यंग्य का आनंद लेते श्रोतागण (हिन्दी भवन भोपाल)
        5- मुख्य अतिथि डाॅ. हरिजोशी  (भोपाल)
        6- सुश्री अनुपमा श्रीवास्तव ‘अनुश्री (भोपाल)
टीकमगढ़/    /भोपाल में हिन्दी भवन के नरेश मेहता कक्ष में दिनांक-रविवार 22 मार्च 2015 को दोपहर दो बजे से आयोजित साहित्यिक संस्था म.प्र.लेखक संघ भोपाल की ‘प्रादेशिक हास्य व्यंग्य गोष्ठी’ में टीकमगढ़ जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए सुप्रसिद्व व्यंग्यकार रामगोपाल रैकवार एवं  म.प्र.लेखक संघ के जिलाध्यक्ष हास्य कवि राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ अपनी हास्य व्यंग्य की कविताएँ सुनाकर श्रोताओं को खूब हँसाया। इस प्रादेशिक प्रादेशिक ‘हास्य व्यंग्य गोष्ठी’ में मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित हास्य कवि शामिल होगें। ग्वालियर से माता प्रसाद शुक्ल, बुरहानपुर से डाॅ. रमेश शर्मा ‘धुंआधार’, टीकमगढ़ से राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी  एवं रामगोपाल रैकवार, गाडरवाडा से कौशलेन्द्र श्रीवास्तव,रतलाम से जुझार ंिसह भाटी,दतिया से डाॅ. राज गोस्वामी,हरदा से संजय ठाकुर,इटारसी से ताम्रकार अविनेश चन्द्रवंशी,मुरैना से जी.एन.निगम,भोपाल से श्री कैलाश जायसवाल व सुश्री अनुपमा श्रीवास्तव ‘अनुश्री’अपनी हास्य व्यंग्य की रचनाएँ पढ़ेगें। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्व साहित्यकार बटुक चतुर्वेदी ने कीे। एवं मुख्य अतिथि डाॅ. हरिजोशी भोपाल रहेगे। यह जानकारी म.प्र. लेखक संघ के प्रदेशाध्यक्ष डाॅ.राधावल्लभ आचार्य भोपाल ने जारी एक प्रैस विज्ञप्ति में दी।

रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
    अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
       मोबाइल-9893520965

गुरुवार, 19 मार्च 2015

कथाकार ‘महेन्द्र भीष्म जी के सम्मान के काव्य गोष्ठी हुई-



कथाकार ‘महेन्द्र भीष्म जी के सम्मान के काव्य गोष्ठी हुई-
(नरेन्द्र मोहन अवस्थी के निवास पर हुई कवि गोष्ठी)
 
टीकमगढ़//‘ दिनांक-18.3.2015 को होप रेजीडेन्सी में आवंतीबाई लोधी गल्र्स काॅलेज प्राचार्य के श्री नरेन्द्र मोहन जी अवस्थी के निवास पर उनके लखनऊ से पधारे प्रसिद्ध कहानीकार श्री महेन्द्र भीष्म जी के सम्मान में  काव्यगोष्ठी का आयोजन किया जिसमें अग्रलिखित साहित्यकारों ने अपनी रचनाएँ सुनायी-उमाशंकर मिश्र तन्हा’ डाॅ. जगदीश रावत, रामगोपाल रैकवार, राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’,राजेन्द्र विदुआ,गीतिका वेदिका,सीमा श्रीवास्वत,चाँद मोहम्मद आखिर,एच.पी.सिंह, वीरेन्द्र चंसौरिया, पन्नालाल शुक्ला,सियाराम अहिरवार,दीनदयाल तिवारी,लालजी सहाय श्रीवास्वत,आदि थे।
इस अवसर पर म.प्र.लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’,टीकमगढ़ जिले से प्रकाशित एकमात्र पत्रिका ‘आकांक्षा’ की एक प्रति भैंट की।    
गोष्ठी संचालन उमाशंकर मिश्र और गीतिका वेदिका ने किया एवं सभी का आभार प्रदर्शन नरेन्द्र मोहन अवस्थी ने किया।
                                               
रपट- राजीव नामदेव ‘‘राना लिधौरी’’,टीकमगढ़,(म.प्र.)
संपादक ‘आकांक्षा’ पत्रिका
अध्यक्ष-म.प्र..लेखक संघ
नई चर्च के पीछे,शिवनगर कालोनी,
टीकमगढ़ (म.प्र.) पिन कोड-472001
मोबाइल न.-9893520965
E Mail- ranalidhori@gmail.com
Bloggs- rajeev namdeo rana lidhori. Blogspot.com

मंगलवार, 10 मार्च 2015

‘प्रसन्न राघव मंदिर में हुआ‘रंगपंचमी’ पर कवि सम्मेलन-3-10-2015



 ‘प्रसन्न राघव मंदिर में हुआ‘रंगपंचमी’ पर कवि सम्मेलन-
राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने नेताओं पर कविता पढ़ी-   
                      न इनका कोई इमां है न कोई धरम है।
                     जनता को कैसे ये तो उल्लू बनाये है।।

टीकमगढ़/रंगपंचमी के अवसर पर date-10-3-2015
 प्रसन्न राघव मंदिर में बहुत ही धूमाधाम से रंग पंचमी मनायी गई
जिसमें कवि सम्मेलन व होली की फागे और लोकगीत गाये गए।
 डाॅ. दुर्गेश दीक्षित ने अपनी लोकप्रिय कविता पढ़ी-
                          चैंपू-चैंपू चले साइकिल ले हिचकोला खाय।
राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने नेताओं पर कविता पढ़ी-
          न इनका कोई इमां है न कोई धरम है।
         जनता को कैसे ये तो उल्लू बनाये है।।

उमाशंकर मिश्रा ने नेता की आरती उतारी-
                             आरती खद्दारधारी की,फरेबी भ्रष्टाचारी की।।
वीरेन्द्र चंसौरिया  ने गीत गाये-
                                   हम इंसान है प्रेम के सागर,सबको प्रेम सिखायेंगे।
                  सबसे प्रेम करेंगे हम,सबके प्रेम को पायेंगे।।  
आर.के.पुरोहित ने कविता सुनायी-
                                एक समय था जब कुत्ते भौकते थे तो आदमी चैंकते थे।
                 आज आदमी भौंकते है तो कुत्ते चैंकते है।।
लालजी सहाय श्रीवास्वत ने सुनाया-
                        चुनाव चुनाव,चुनाव, तनाव,तनाव तनाव।
जिसमें प्रमुख रूप आमंत्रित कवि से डाॅ. दुर्गेश दीक्षित, राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’, उमाशंकर मिश्रा, मुन्ना मिश्रा, वीरेन्द्र चंसौरिया,डाॅ.जे.पी.रावत,सत्यनारायण श्रीवास्तव, आर.के.पुरोहित, लालजी सहाय श्रीवास्वत, आदि ने हास्य कविताओं व लोकगीत सुनाकर  उपस्थित श्रोताओं  का खूब मनोरंजन किया।
 इस अवसर पर मंदिर के पुजारी महाराज बब्लू महाराज जी,कौशल किशोर भट्ट जी आदि उपस्थित रहे।
 संचालन वीरेन्द्र चंसौरिया ने किया।
                      
रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
    अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
  मोबाइल-9893520965



रविवार, 8 मार्च 2015

बज़्में अदब की 158 वीं नशिस्त हुई-8-3-2015

                              एक कमज़ोर पर सितम ढाकर,
                             अपनी ताकत उसे दिखानी थी।।--
राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’


बज़्में अदब की 158 वीं नशिस्त हुई-
 
टीकमगढ़//‘ इंदिरा कालोनी में केप्टन सत्तार आजाद के निवास पर तंजीम ‘बज़्में अदब’ की तरह मिस्रा ‘कुछ अजब तौर की कहानी थी’ पर 158वीं माहाना तरही नशिस्त हुई जिसमें मेहमाने खुसूसी जनाब रमजान खां वार्ड पार्षद रहे
अनवर खान ने ग़ज़ल पेष की- वो जो फाँसी पे अभी झूल गयी।
                                       उसकी बारात आज आनी थीं।।
संचालन कर रहे सदर इकबाल फ़ज़ा ने कलाम पेश किया -
                               जल गए घर उजड़ गयी बस्ती,          
                              ये फसादात की कहानी।
म.प्र.लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने ग़ज़ल पेश की-
                              एक कमज़ोर पर सितम ढाकर,
                             अपनी ताकत उसे दिखानी थी।।

सरपरस्त कारी अख्लाक ने कलाम पेश किया-ये तो कहिए कि जुल्फ़ थीं रूख़ पर,वर्ना कितनों की जान जानी थी।।
बिजावर से तशरीफ़ लाए शायर फरीद बेग ने ग़ज़ल पेश की-
                   जीत लेती थीं जो सभी के दिल वे बुर्जुगों कि खुशबयानी थी।।
हाजी ज़फ़रउल्ला खां ‘ज़फ़र’ ने ग़ज़ल पेश की-भूख देखे नहीं हरामों हलाल,
                                                           जान अपनी उसे बचानी थी।।
केप्टन सत्तार आजाद’ ने कलाम पेश किया -लाज दीं कि हमें बचानी थी। जिन्दगी एक दिन तो जानी थी।।
शकील खान ने ग़ज़ल पढ़ी- लगती परियों कि जैसे रानी थी।
                               जिस्म पे साड़ी आसमानी।।
हाजी अनवर’ ने कलाम पेश किया-प्यास शबनम कि बुझायी हमने,
                                             रस्म उल्फ़त हमें निभानी थी।।
हाफि़ज आरिफ़ नेे कलाम पेष किया-हक अदा कर न पाये मिल्ल्त का,
                                            ऐसी किस कात की जवानी थी।
पूरनचन्द्र गुप्ता़ नेे ग़ज़ल पढी-चढ़ गए हँसते-हँसते फाँसी पर,
                                        खून में उनके वो रवानी थी।।
हा़जी हनीफ़ नेे कलाम पेश किया -खूने शब्बीर ने जो लिख डाली,
                                           कुछ अजब तौर की कहानी थी।।
शिवचरण उटमालिया नेे पेश किया -रोने घोने से फायदा क्या है,
                                             बुलबुला एक जि़न्दगानी थी।।
नशिस्त का संचालन इकबाल फ़ज़ा ने किया
 एवं सभी का शुक्रिया अदा मेजवान केप्टन सत्तार आजाद ने किया।
 आगामी तरह मिस्रा ‘लब तरसते हैै हमारे मुस्कुराने के लिए’
 दी गयी है।                       

खबरनबीस- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
            अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
                      मोबाइल-9893520965,