Rajeev Namdeo Rana lidhorI

रविवार, 28 दिसंबर 2014

म.प्र.लेखक संघ की ‘दोहा,कुण्डली व छन्द’ पर केन्द्रित 191वीं गोष्ठी हुई-


म.प्र.लेखक संघ की ‘दोहा,कुण्डली व छन्द’ पर केन्द्रित 191वीं गोष्ठी हुई-म.प्र. लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने कुण्डलिया सुनायी-                       आँखे तेरी भा गयी कमल सदृश है लाल।                        हृदय प्रफुल्लित हो गया देख के नयन विशाल।                       कह ‘राना’ आँखे तेरी चचंल शरमाये।                        डाले दृष्टि जिस पर भी उसको भरमाये।।   टीकमगढ़//नगर की ख्यातिप्राप्त सुप्रसिद्ध साहित्यिक संस्था म.प्र.लेखक संघ जिला इकाई टीकमगढ़ की 191वीं गोष्ठी ‘दोहा,कुण्डली व छन्द’ पर केन्द्रित जिला पुस्तकालय में  आयोजित की गयी जिसके मुख्य अतिथि मनमोहन पाण्डे रहे व अध्यक्षता प्रसिद्व दोहाकार व साहित्यकार वीरेन्द्र बहादुर खरे ने की। कवि सीताराम राय ने  सरस्वती वंदना माँ शारदे स्वर दे,स्वर सरिता सुचि बहाकर निर्मल मन कर दे।ततपश्चात परमेश्वरीदास तिवारी ने पढ़ा-बढ़ा करबां प्यार का चलते-चलते। वहल जायेगा दिल बहलते बहलते।।रामगोपाल रैकवार ने दोहे पढ़े- छिपकलियों ने ले लिया है जबसे अवकाश। कीट पतंगे बढ़ गए दीवारों के पास।।म.प्र. लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने कुण्डलिया सुनायी-                       आँखे तेरी भा गयी कमल सदृश है लाल।                        हृदय प्रफुल्लित हो गया देख के नयन विशाल।                  कह ‘राना’ आँखे तेरी चचंल शरमाये।                        डाले दृष्टि जिस पर भी उसको भरमाये।। नवोदित कवियत्री कीर्ति लिटोरिया ने पढ़ा-   तेरी यादो से ही संभलती रही।                                                          अंदर ही अंदर में घुलती रही।।नवोदित कवियत्री सचि जैन ने पढ़ा-माँ तू कितनी प्यारी है।                                             इस दुनिया में सबसे निराली है मेरी माँ।।अवध बिहारी श्रीवास्तव ने दोहे पढे़-हे द्वारकाधीस द्वार खोलो द्वार आई।                                             द्वार-द्वार फिरी अब तेरे द्वार आई।।उमाशंकर मिश्र ने हास्य राशिफल पढ़़ा- राशि भले ही ‘सिंह’ है गीदड से डरपोक।                                                   पूँछ दबाये फिो जब हो पत्नी प्रकोप।ग्राम दिगौडा से पधारे कवि देवेन्द्र अहिरवार ने रचना पढ़ी-रिश्तों का लहू कैसे टपकता हुआ देखे माँं आँखों को छुपा लू कि हकीकत को बदल दे माँ।।डाॅ. जगदीश रावत ने पढ़ा-    स्वागत में नव वर्ष के पंिडत फँूके शंख। उडे मुक्त आकाश में समय लगाकर पंख।।राजेन्द्र विदुआ ने पढ़ा-    देश पै दे गय अपनी जान अमर हो लब उनकौ बलिदान बढ़ा दब भारत माँ कौ मान।।हाजी ज़फ़रउल्ला खां ‘ज़फ़र’ ने पढ़ा-     गजब की ठंड है कुछ भी सुझाई देता नहीं। है कोहरा छाया हुआ कुछ दिखाई देता नहीं।पूरन चन्द्र गुप्ता ने सुनाया-जननी है तू पुरूष की रखती शक्ति अपार। करती पालन है वही ममता देत उबार।।ग्राम लखौरा के कवि गुलाब सिंह भाऊ ने कविता पढ़ी-भूल गई जा काया। घर की देख सुनो जा माया।।सियाराम अहिरवार ने रचना पढ़ी- कौड़ी-कौड़ी जोड़ के माया धरली जोड़। पीते वे घी बैठके घर में कथरी ओढ़।शांति कुमार जैन ने कविता पढ़ी-     अपर कुछ भी और सब कुछ कर सकते है। मंदिर मस्जिद गुरूद्वारे और चर्च भी गढ़ सकते है।।दीनदयाल तिवारी ने कविता पढ़ी- भोगवानी बेउ भोगत जी के मूँढे आफत आई।लालजी सहाय श्रीवास्तव लाल ने पढ़ा-श्रृद्वा से गुरूदेव का करता जो सम्मान। जाग उठेगा आप ही उसका सोया ज्ञान।रघुवीर अहिवार ने रचना पढ़ी- रोटी के चार टुकडे खाने वाले,पाँच मुझे भूख नहीं है कहने वाली सिर्फ माँ होती है।कवि विजय मेहरा ने लघुकथा ‘‘भारत माता’’ पढ़ी। इनके अलावा डाॅ. कैलाश विहारी द्विवेदी,अजीत श्रीवास्तव,अभिनंदन गोइल, डाॅ.आशा देवी तिवारी बी.एल.जैन ,मनमोहन पाण्डे,आर एस.शर्मा,राकेश कुमार जैन,शिवचरण उटमालिया आदि ने भी अपनी रचनाएँ सुनायीे। गोष्ठी का संचालन वीरेन्द्र चंसोरिया ने किया एवं सभी का आभार प्रदर्शन विजय मेहरा ने किया।                                                             रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’            ,    अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ, टीकमगढ़, 

बुधवार, 24 दिसंबर 2014

‘राना लिधौरी’ को मिला ‘भगवान दास जैन’ साहित्य सम्मान- 21-12-2014



‘राना लिधौरी’ को मिला ‘भगवान दास जैन’  साहित्य सम्मान
टीकमगढ़/    /नगर के ख्यातिप्राप्त साहित्यकार,कवि-शायर एवं म.प्र.लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ को उत्कृष्ट साहित्य सृजन के लिए मध्यप्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन शाखा जिला सागर द्वारा संभागीय साहित्यकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में श्रीमंद सेठ भगवानदास जैन दाजी सम्मान 2014 से सम्मानित किया गया है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सागर के विधायक मान.श्री शैेलेन्द्र जैन एवं डाॅ.सुरेश आचार्य रहे तथा अध्यक्षता श्री नेमिचन्द विनम्र ने की।
गौरतलब हो कि राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ की पुरस्कृत पुस्तक ‘नौनी लगे बुन्देली’ विश्व में बुन्देली का प्रथम हाइकु संग्रह है। राना की ‘अर्चना’,‘रजनीगंधा’ और ‘नौनी लगे बुंदेली’ तीन पुस्तकें छप चुकी है एवं अनेक पत्र पत्रिकाओं का संपादन कर चुके है,वर्तमान में आप टीकमगढ़ जिले की एकमात्र साहित्यिक पत्रिका ‘आंकाक्षा’ का सफल संपादन विगत नौ वर्षो से करते आ रहे है तथा साहित्यिक संस्था म.प्र.लेखक संघ के टीकमगढ़ के जिलाध्यक्ष के पद पर विगत 11वर्षौ से सुशोेभित है। इस उपलब्धि पर राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ को नगर के साहित्यकारों एवं शुभचिंतकों ने बधाईयाँ एवं शुभकामनाएँ दी।                             
                           
रपट-     राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
    अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
        मोबाइल-9893520965

‘डाइट कुण्डेश्वर में ‘पं.बनारसी दास जयंती’ मनायी गयी’

  ‘डाइट कुण्डेश्वर में ‘पं.बनारसी दास जयंती’ मनायी गयी’
.दिनांक-24.12.2014 दोपहर 2 बजे कुण्डेश्वर ‘डाइट में ‘पं.बनारसी दास जी चतुर्वेदी की 123वीं जयंती’ मनायी गई इस अवसर पर अध्यक्षता डाॅ.कैलाश बिहारी द्विवेदी ने की तथा मुख्य अतिथि वीरेन्द्र बहादुर खरे रहे इस अवसर पर पं.बनारसी दास जी चतुर्वेदी के व्यक्त्वि पर प्रकाा डाला गया तथा एक कवि गोष्ठी भी आयोजित की गई जिसमें प्रमुख रूप से डाॅ दुर्गेश दीक्षित, रामगोपाल रैकवार, राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’,हाजी ज़फ़रउल्ला खां,डाॅ.डी.पी.खरे, महेन्द्र पोतदार, भारत विजय बगेरिया,देवेन्द्र कुमार अहिरवार दिगौड़ा,मनमोहन पाण्डे,आदि उपस्थित रहे।                               

रपट- राजीव नामदेव ‘राना
लिधौरी’
अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
मोबाइल-9893520965



सोमवार, 22 दिसंबर 2014

‘राना लिधौरी’ सागर में ‘कवि सम्मेलन’ में काव्य पाठ करते हुए




‘राना लिधौरी’ सागर में ‘कवि सम्मेलन’ में काव्य पाठ करते हुए

सागर दिनांक-20 दिसम्बर सन्-2014 को  बी.एस.धर्मशाला बड़ावाजार सागर में
मध्यप्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन शाखा जिला सागर द्वारा संभागीय साहित्यकार कवि सम्मेलन
आयोजित किया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध लोकगायक व साहित्यकार श्री हरगोविन्द्र विश्व जी सागर ने की तथा मुख्य अतिथि हटा के डाॅ. एम.एम.पाण्डे जी रहे कवि सम्मेलन का संचालन सिराज सागरी ने किया। कार्यक्रम के संयोजक मणिकांत चiबे जी रहे।
कवि सम्मेलन में आमंत्रित कवि
हटा से डाॅ.मनमोहन पाण्डे,
दमोह से अनसारूल हक ‘शहबाज अंसार’,
टीकमगढ़ से राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’,
पृथ्वीपुर से कल्याणदास साहू पोषक,
छतरपुर से लखनलाल सोनी ‘लखन’,श्रीमती संतोष पटैरिया,ंिचतामणि वर्मा,
बडामलहरा से डाॅ. देवदत्त द्विवेदी
पन्ना से रमेश कुमार खरे,
अजयगढ़ से बडे राम सिंह,
सागर से अशोक मिजाज,निर्मल चन्द्र निर्मल’,सुरेन्द्र ंिसह नेगी

रपट-     राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
    अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
       मोबाइल-9893520965

रविवार, 14 दिसंबर 2014

‘बज़्म-ए-अदब’ की नशिस्त में मुख्य अतिथि ‘राना लिधौरी’


  
‘बज़्म-ए-अदब’ की नशिस्त में मुख्य अतिथि ‘राना लिधौरी’

                       बहल जायेगा दिल बहलते-बहलते’

दिनांक 14.12.2014 को दोपहर 3 बजे से  टीकमगढ़ नगर की उर्दू अदब की संस्था बज़्म-ए-अदब’ की नशिस्त में मुख्य अतिथि राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ रहे तथा सदारत हाजी ज़फ़रउल्ला खां ‘ज़फ़र’ ने की एवं विशिष्ट अतिथि विजय मेहरा रहे संचालन पूरन चन्द्र गुप्ता ने किया। नशिस्त में मरहूम शायर गनी अहमद गनी को श्रद्धाजंलि दी गयी। शायरों ने मिस्ररा तरह ‘बहल जायेगा दिल बहलते-बहलते’ पर अपने-अपने कलाम पढ़े। नशिस्त में मनमोहन पांडे,हाजी अनवर,उमाशंकर मिश्र,परमेश्वरीदास तिवारी, राजेन्द्र विदुआ,गीतिका वेदिका,चाँद मोहम्मद आखिर,शकील खान,बशीर फराज,शिवचरण उटमालिया,केप्टन सत्तार,आदि उपस्थित रहे।

    रपट-     राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
            अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
                        मोबाइल-9893520965

रविवार, 30 नवंबर 2014

म.प्र.लेखक संघ की ‘बाल साहित्य’ पर केन्द्रित 190वीं गोष्ठी हुई-


Date-30-11-2014
म.प्र.लेखक संघ की ‘बाल साहित्य’ पर केन्द्रित 190वीं गोष्ठी हुई-

  टीकमगढ़//नगर की ख्यातिप्राप्त सुप्रसिद्ध साहित्यिक संस्था म.प्र.लेखक संघ जिला इकाई टीकमगढ़ की 190वीं गोष्ठी ‘बाल साहित्य’ पर केन्द्रित हुई जो कि परमेश्वरीदास तिवारी के निवास पर आयोजित की गयी
 जिसके मुख्य अतिथि हाजी ज़्ाफ़रउल्ला खां ‘ज़फ़र’ रहे व
 अध्यक्षता कुण्डेश्वर के प्रसिद्व बाल साहित्यकार गुणसागर शर्मा सत्यार्थी ने की।
 ‘वीणा वादिनी’ सरस्वती वंदना पूरनचन्द्र गुप्ता ने पढ़ी,
ततपश्चात पं.गुणसागर सत्यार्थी ने अपने उद्वोधन में कहा कि सबसे पहले बाल कवि सूरदास जी थे। कविता लिखने के दो उद्देश्य होने चाहिए पहला कविता क्यांे लिखे तथा कविता किसके लिए लिखे।
वीरेन्द्र चंसोरिया ने बाल गीत पढ़ा- पढ़ने के दिन अपने सच करना है सपने।
                                           अनुशासन में रहकर के मंजि़्ाल को पाएँ।।
म.प्र. लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने बाल कविता ‘पूंछ’ सुनायी-
                   पूंछ हमारी होती,कितनी प्यारी होती।
                      सुंदर पूंछ देखकर हमारी सब हमसे जलने लगते।
                 पूंछ पकड़कर फिर वे खींचा-खांची करते।

डाॅ. जगदीश रावत ने पढ़ा-    भोला भाला भोलू प्यारा,रहता जंगल में जो न्यारा।
                                      लोग काटते है जंगल को मिटा रहे अपने मंगल को।।
हाजी ज़फ़रउल्ला खां ‘ज़फ़र’ ने पढ़ा-
     हाथ में बोतल पीठ पै बस्ता,पैदल चलता हालत खस्ता।
     मन मारे स्कूल को जाता,छुट्टी पर ही हँसता।।
हरेन्द्र पाल सिंह ने सुनाया-बचपना जब पौढ़ता की ओर बढ़ता है
                                        जब दूरिया पैदा होती है।
शांति कुमार जैन ने कविता पढ़ी- बचपन मेरा तेरी गोदी में बीता।
                                         अश्रु नहीं अब थमते है।
दीनदयाल तिवारी ने कविता पढ़ी- बच्चों आओ बढ़ो आगे वीर बहादुर बनना है।
                                    कमर कसकर करो प्रतिज्ञा कुरीतियों से लड़ना है।।
बी.एल.जैन ने रचना पढ़ी- हम नेक बनेंगे एक बनेगे,हिंसा से हम दूर रहेंगे।
  सब  बहिने मेरी बहिने हे इसका पक्का ध्यान करेंगे।
ग्राम लखौरा के कवि गुलाब सिंह भाऊ ने कविता पढ़ी-लरकन में जा चली चिड़ी।        
          खारये गुटका पी रये बिड़ी।
सियाराम अहिरवार ने रचना पढ़ी-
वर्षा गई शरद ऋतु आई ठंड का मौसम पड़ा दिखाई।
लालजी सहाय श्रीवास्तव लाल ने रचना पढ़ी-
मात पिता की आज्ञा मानी जीवन सवर गया।
मनमानी की जिसने उसका जीवन बिखर गया।
कवि विजय मेहरा ने लघुकथा ‘‘भारत माता की जय’’ पढ़ी।
 परमेश्वरीदास तिवारी ने लघुकथा ‘पंडि़त जी की बकरी’ सुनायी।
 अजीत श्रीवास्तव ने बुन्दली लोक कथा ‘भटे दाऊ’, एवं
 डाॅ.आशा देवी तिवारी ने कहानी ‘चुहिया छनकूबाई’ पढ़ी।
इनके अलावा गीतिका वेदिका आदि ने भी अपनी रचनाएँ सुनायीे।
 गोष्ठी का संचालन अजीत श्रीवास्तव ने किया एवं
 सभी का आभार प्रदर्शन परमेश्वरीदास तिवारी’ ने किया।                                            
                    रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
                    अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
                                          मोबाइल-9893520965,   

रविवार, 16 नवंबर 2014

Rajeev Namdeo Rana lidhori akashwani chatarpur-16-11-2014



rajeev namdeo
‘रसावतरण’ कार्यक्रम में काव्य पाठ करते हुए ‘राना लिधौरी’
(‘आकाशवाणी छतरपुर का ‘रसावतरण’ कार्यक्रम का आयोजन हुआ)

टीकमगढ़/    / महावीर स्कूल में आकाशवाणी छतरपुर केन्द्र द्वारा ‘‘रसावतरण’’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें टीकमगढ़ के विभिन्न विद्याओं के 10 ख्यातिनाम साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं की रिकार्डिंग की जिसमें प्रमुख रूप से आचार्य दुर्गा चरण शुक्ल ने ललित निबंध,वीरेन्द्र बहादुर खरे ने ओरछा पर आलेख,राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने हिन्दी एवं  बुन्देली मंे हाइकु, एन.डी.सोनी ने हिन्दी कविता,हाजी ज़फ़रउल्ला खां ‘ज़फ़र’ ने ग़ज़ल,अजीत श्रीवास्तव ने रंगमंच’ पर आलेख,रामरूवरूप दीक्षित ने व्यग्ंय,डाॅ.रूखसाना सिद्वीकी ने कहानी,सीमा श्रीवास्तव ने बुन्देली कविता और अभिनंदन गोइल ने कुण्ड़ेश्वर पयर्टन स्थल पर अपनी रचनाएँ पढी। कार्यक्रम की अध्यक्षता आचार्य दुर्गा चरण शुक्ल ने जबकि संचालन संतोष पटेरिया महोबा ने तथा सभी का आभार प्रदर्शन कार्यक्रम अधिकारी  चन्द्रशेखर ने किया। कार्यक्रम का संयोजन गुणसागर सत्यार्थी ने किया।
राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने यह बताया कि ‘‘रसावतरण’’ कार्यक्रम का प्रसारण आकाशवाणी के छतरपुर केन्द्र से दिनांक 28 नवम्बर को सुबह दस से ग्यारह बजे के बीच किया जायेगा। आकाशवाणी छतरपुर से रिर्कािडंग करने के लिए एक टीम आयी थीं जिसमें कार्यक्रम अधिकारी चन्द्र शेखर शर्मा,राम प्रकाश जाटव,संतोष पटेरिया,मरगुवालम् आदि यहाँ पर आये थे।
           
रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
मोबाइल-9893520965
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2-राना लिधौरी’की बुंदेली दोहांे का आकाशवाणी छतरपुर पर 28 को प्रसारण’’

टीकमगढ़// साहित्यिक संस्था म.प्र. लेखक संघ के जिलाध्यक्ष एवं ‘आकांक्षा’ पत्रिका के संपादक ख्यातिप्राप्त साहित्यकार राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’’ के बुेदेली के दोहों का प्रसारण शुक्रवार दिनांक 28 जनवरी 2021 को आकाशवाणी के छतरपुर केन्द्र से किया जायेगा। म.प्र.लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने रिकार्डिंग से लौटने के बाद जारी एक प्रैस विज्ञप्ति में बताया कि दिनांक आज दिनांक 28 जनवरी 2021 को शाम सात बजकर बीस मिनिट से ‘आकाशवाणी’ के छतरपुर केन्द्र से प्रसारण किया जायेगा जिसमें  राना लिधौरी पर्यावरण एवं आध्यात्मिक पर केन्द्रित बुंदेली दोहे सुनायेगे। 
गौरतलब हो कि राना लिधौरी की विगत जून 2020 से जय बंुदेली साहित्य समूह का नियमित संचालन कर रहे है जिसमें बुंदेलखण्ड के लगभग 60 नामचीन साहित्यकार जुडे हुए हैं जो कि नियमित ‘बुंदेली’ साहित्य में नया सृजन कर रहे है। राना लिधौरी विगत 22 सालों से नियमित आकाशवाणी छतरपुर से कविता ,ग़ज़ल व्यंग्य एवं लघुकथाएं आदि विभिन्न विधाओं में रचनाएँं प्रसारित हो रही हैं। राना लिधौरी की अक तक छः पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी एवं 12 पुस्तकों का संपादन करते हुए दर्जनों ‘ई बुकों’ का सपंादन एवं प्रकाशन कर चुके है। टीकमगढ़ जिले से प्रकाशित होने वाली एकमात्र साहित्यक पत्रिका ‘‘आकांक्षा’’ का प्रकाशन विगत 16 सालों से नियमित करते आ रहे है।

राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
संपादक ‘आकांक्षा’ पत्रिका
  अध्यक्ष-म.प्र लेखक संघ,टीकमगढ़
अध्यक्ष वनमाली सृजन पीठ टीकमगढ़
पूर्व महामंत्री-अ.भा.बुन्देलखण्ड साहित्य एवं संस्कृति परिषद
 शिवनगर कालौनी,टीकमगढ़ (म.प्र.)
  पिनः472001 मोबाइल-9893520965
   E Mail-   ranalidhori@gmail.com
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