Rajeev Namdeo Rana lidhorI

सोमवार, 31 अगस्त 2015

‘राना लिधौरी’ की चैiथी पुस्तक ‘राना का नज़राना’ का होगा विमोचन 6-9-2015

‘म.प्र.लेखक संघ’ की 201वीं कविगोष्ठी 6 सितम्बर को ‘राजभाषा’ पर केन्द्रित
(‘राना लिधौरी’ की चैiथी पुस्तक ‘राना का नज़राना’ का होगा विमोचन)

 टीकमगढ़//नगर की सर्वाधिक सक्रिय साहित्यिक संस्था ‘म.प्र.लेखक संघ’ टीकमगढ़ की 201वीं गोष्ठी ‘राजभाषा हिन्दी’ पर केन्द्रित होगी। यह कवि गोष्ठी रविवार 6 सितम्वर 2015 को समय दोपहर 2ः00 बजे से परमेश्वरीदास तिवारी के निवास, सराँय मोहल्ला अध्वर्यु मंदिर के पास,़ टीकमगढ़ में आयोजित की जा रही है। म.प्र.लेखक संघ की इस 201वीें गोष्ठी में इस अवसर पर राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ की चैथी पुस्तक ‘राना का नज़राना’ग्ऱज़ल संग्रह का विमोचन भी किया जायेगा तथा नगर के वरिष्ठ साहित्यकार आर एस. शर्मा को उनके यात्रा संस्मरण एवं गद्य लेखन साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जायेगा। राना लिधौरी ने बताया कि प्रथम दौर 2 बजे से 3 बजे तक ‘संगीत’ का एवं द्वितीय दौर में 3 से 5 बजे तक ‘कवि गोष्ठी’होगी। जानकारी म.प्र.लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ एवं परमेश्वरी दास तिवारी ने जारी एक प्रैस विज्ञप्ति में देते हुए सभी साहित्यकारों से समय पर उपथित होने की अपील की है।
                                   
रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
     अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
     मोबाइल-9893520965

शनिवार, 15 अगस्त 2015

‘रेड रोज़ किडूस केयर स्कूल में मनाया गया धमूधाम से स्वतंत्रता दिवस date-15-8-2015

Date-15-8-2015
देश की है शान मेरी जान तिरंगा....................राना लिधौरी

(‘रेड रोज़ किडूस केयर स्कूल में मनाया गया धमूधाम से स्वतंत्रता दिवस)
  टीकमगढ़//‘ देश की है शान मेरी जान तिरंगा,न हिन्दू,इसाई,न मुसलमान तिरंगा। झुकने न देगें हम कभी तन भी निसार है,लाखों हो गये है शाने कुरवान तिरंगा। यह कविता ख्याति प्राप्त कवि एवं म.प्र. लेखक संघ के जिला अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिघौरी’ ने 15 अगस्त को नायको के मोहल्ला के स्थित ‘रेड़ रोज़ किड्स केयर इंग्लिस मीडियम स्कूल’ के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रूप में पढ़ी। इस दौरान विद्यालय के नन्हे मुन्ने बच्चों द्वारा अनेक आकर्षक सास्ंकृतिक कार्यक्रम किये गये दहेज प्रथा पर केन्द्रित एक नाटक का भी मंचन किया गया मुख्य अतिथि राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ द्वारा बच्चों को पुरस्कार स्वरूप नगद राशि देकर उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन मीनाक्षी दुवे मेडम ने किया तथा सभी का आभार प्रदर्शन विद्यालय के प्रबंधक राजेन्द्र रजक ने किया। इस अवसर पर पं. प्रदीप तिवारी, दशरथ प्रजापति,सरोज जैकवार,विकास नापित,कंचन सोनवानी,बंदना,प्राची दुवे,सेजल,गीतांजली,कायनात मंसूरी, रजिया खतून, मोहिनी,नीतू द्विवेदी,दीपा हरदासानी,रूचि श्रीवास्तव,मालती सेन, आदि स्टाप सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।।


   रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’,
             अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,
         टीकमगढ़,मोबाइल-9893520965,   





rajeev namdeo rana lidhori

रविवार, 9 अगस्त 2015

म.प्र.लेखक संघ ने 200वीं गोष्ठी कराकर रचा इतिहास

म.प्र.लेखक संघ ने 200वीं गोष्ठी कराकर रचा इतिहास
          (‘गीत’ पर केन्द्रित हुई 200वीं गोष्ठी)
(‘बक्स्वाहा,चंदेरा,बल्देवगढ़,नदनवारा,लखौरा से पधारे कवि)

  टीकमगढ़//‘ म.प्र.लेखक संघ’ टीकमगढ़ ने 200वीं गोष्ठी आयोजित कराकर टीकमगढ़ के साहित्यिक इतिहास में एक मील का पत्थर स्थापित कर दिया है इसका सारा श्रेय संस्था के अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी एवं सचिव रामगोपाल रैकवार को जाता है जिन्हांेने संस्था को इतनी ऊँचाईयाँ प्रदान की आज टीकमगढ़ इकाई की मिशाल प्रादेशिक इकाई भोपाल द्वारा दी जाती है। यह विचार उमा शंकर मिश्र‘तन्हा’ ने व्यक्त किये।
इस अवसर पर दोहा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए म.प्र लेखक संघ ने वरिष्ठ कवि अवध बिहारी श्रीवास्तव ‘दाऊ’ को ‘दोहाश्री’ की सम्मोनोपाधि से विभूषित किया गया।
 200वीं गोष्ठी गीत’ पर केन्द्रित गायत्री शक्तिपीठ बानपुर दरवाजा में आयोजित की गयी, जिसके मुख्य अतिथि रामगोपाल रैकवार रहे व अध्यक्षता प.मनमोहन पाण्डेय ने की जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में नदनवारा से पधारे गीतकाऱ शोभाराम दांगी व वीरेन्द्र चंसौरिया रहे।
सर्वप्रथम भान सिंह श्रीवास्तव ने सरस्वती वंदना‘ की और गीत सुनाया-छैला छलिया छलन बृजनार बन गये’’
 ग्राम चंदेरा से पधारे कवि देवकी नंदन शुक्ला’ ने पढ़ा-
   भोल बम बम बम,भोले बम बम बम,
  भ्रष्टाचार की कालिख लगा गया व्यापम।।
ग्राम बक्स्वाहा से पधारे कवि बृजभूषण दुवे ’बृज’ ने सुनाया- लोक परलोक की साथ देती है गऊ माता।
ग्राम बल्देवगढ़ से पधारे कवि कोमलचन्द्र बजाज’ ने पढ़ा-
 न हम हिन्दू सिख ईसाई न जैन बौेद्ध न मुसलमान।
हम सब मानव ,मानव जाति,एक ईश्वर की है संतान।।
ग्राम नदनवारा से पधारे गीतकार शोभाराम दांगी ‘इन्दु’ ने गीत पढ़ा-
 झाँसी की रानी ने होंसला दिखाया है,
उमर की है बारी सोते को जगाया हैै।।
ग्राम लखौरा से पधारे कवि गुलाब सिंह यादव ‘भाऊ’ ने पढ़ा- मोदी मौढा भूख नंगे रये,रोटी नईयां काल खाँ।।
ग्राम बल्देवगढ़ से पधारे युवाकवि जय हिन्द ‘स्वतंत्र’ ने पढ़ा-
 जिन लोगो को अमर तिरंगा भारत का स्वीकार नहीं।
उनको भारत की धरती पर रहने का अधिकार नहीं।।
वीरेन्द्र चंसौरिया ने गीत गाया-   
प्राणों से प्यारे देश हमारे कगरने न देगे तेरी शान हम।।
रामगोपाल रैकवार ने गीत सुनाया-
पथ पे पद चिह्न कोई अभी लिखा भी नहीं,
 लक्ष्य संकेत कोई अभी दिखा भी नहीं।
लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने व्यंग्य कविता सुनायी-‘‘झण्डा ऊँचा रहे हमारा’’
    बिना नोट के काम चले न बिना सोर्स के दालगले न।
    रिश्वत का है खेल सारा झण्डा ऊँचा रहे हमारा।।
गीतकार मनमोहन पाण्डेय ने गीत पढ़ा- वह सुबह कभी तो आयेगी,जब हरियाली की साडी पहने धरती माँ मुस्कुरायेगी।।
अवध बिहारी श्रीवास्तव ने पढा -दुनिया भूल न जाना भारत के उपकारों को।
हाजी ज़फ़रउल्ला खां जफ़र ने ग़ज़ल पढी-
करता है फक्र मुल्क मिसाइलमेन के नाम पर,
उस जैसा नेक दिल तो अब इंसाल नहीं है।।
उमाशंकर मिश्र तन्हा’ ने ग़ज़ल पढ़ी-
सफेद रंग ने केशरिया,हरे व नीले रंग से कहा-
आओ हम सब मिलकर तिरंगे का  निमार्ण करे
 और सभी काले रंगों का मुँह काला करे।।
सियाराम अहिरवार ने कविता सुनायी-
हिन्द हमारा देश प्यारा हम इसकी बगिया के फूल।
दीनदयाल तिवारी ने कविता पढी-
तड़क भड़क की चकाचैंध में दौड रहे सब बेधड़क।
 पूरनचन्द्र गुप्ता ने कविता पढ़ी-
बढे चलो तुम वीरो तुम आगे भारत भूमि पुकारती।
अभिनंदन गोइल ने बुंदेली लोक कथा ‘जकडे पंख और पीर घनेरी’ सुनायी।


rajeev namdeo rana lidhori सीताराम राय ने पढा-भारत माता बुला रही।
इनके आलावा परमेश्वरीदास तिवारी,शिवचरण उटमालिया, बाबूलाल जैन, विजय कुमार मेहरा, आर.एस.शर्मा,रघुवीर आनंद,वेद प्रताप पस्तोर आदि ने भी रचनाएँ पढी।
 गोष्ठी संचालन राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने किया एवं सभी का आभार प्रदर्शन अजीत श्रीवास्तव ने किया।
 
 रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’,
अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,
टीकमगढ़,
मोबाइल-9893520965,   

शुक्रवार, 31 जुलाई 2015

कुण्डेश्वऱ ‘प्रतिभा प्रोत्साहन प्रोग्राम के पुरस्कार बाँटे गये date-31-7-2015




rajeev namdeo rana lidhoriगुरू के बिना ज्ञान अधूरा है..............राना लिधौरी
(‘प्रतिभा प्रोत्साहन प्रोग्राम के पुरस्कार बाँटे गये)

 कुण्डेश्वऱ//गुरू के विना ज्ञान अधूरा रहता है गुरू हमेशा अपने शिष्यों को प्रोत्साहित करते रहते है। उन्हें मार्गदर्शन देते रहते  है’’ यह विचार कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे म.प्र. लेखक संघ के जिलाध्यक्ष ख्यातिप्राप्त साहित्यकार राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने शासकीय मिडिल स्कूल में प्रतिभा प्रोत्साहन कार्यक्रम में व्यक्त किये। जिसमें बच्चों को सम्मान पत्र व पुरस्कार प्रदान किये गये कार्यक्रम की अध्यक्षता म.प्र. लेखक संघ के जिलाध्यक्ष ख्यातिप्राप्त साहित्यकार राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने की तथा मुख्य अतिथि आर.एस.शर्मा व विशिष्ट अतिथि पी.सी.गुप्ता रहे। आर एस शर्मा ने नैतिक शिक्षा पर अपने विचार प्रकट किये। पूरनचन्द्र गुप्ता ने चाबी कविता सुनायी। कार्यक्रम का संचालन वीरेन्द्र चंसौरिया ने किया तथा सभी का आभार प्रदर्शन शिक्षक रिछारिया ने किया। इस अवसर पर नरेन्द्र खरे,के.पी.रिछारिया, श्रीराम यादव,अजय कुमार,श्रीमती सुधा शुक्ला,अमिता गुप्ता,मंजू गुप्ता,पार्वती राय आदि भी उपस्थित रहे।
                            





सोमवार, 20 जुलाई 2015

लेखक संघ टीकमगढ़ की 199 वीं गोष्ठी

भ्रष्टाचार दहाड़ रहा है खुलकर के दरवाजे...........परमेश्वरीदास तिवारी

म.प्र.लेखक संघ की ‘प्रेमचन्द्र’ पर केन्द्रित 199वीं गोष्ठी हुई-
 
टीकमगढ़//‘ म.प्र.लेखक संघ’ टीकमगढ़ की 199वीं गोष्ठी ‘प्रेमचन्द्र’ पर केन्द्रित गायत्री शक्तिपीठ बानपुर दरवाजा में आयोजित की गयी, जिसके मुख्य अतिथि उमा शंकर मिश्र रहे व अध्यक्षता बी.एल.जैन ने की जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में साहित्यकाऱ श्री शांतिकुमार जैन रहे। सर्वप्रथम सभी ने प्रार्थना गीत - हे प्रभु अपनी कृपा की छाँव में ले लीजिए। कर दृर खोटी बुद्धि सबको नेक नियति दीजिए गाया तथा पूरन चन्द्र गुप्ता ने सरस्वती वंदना‘ की।
 तत्पश्चात-पहले दौर में प्रेमचन्द्र पर आधारित में विचार गोष्ठी में आलेख ग्राम दिगौड़ा से पधारे युवा कवि देवेन्द्र कुमार अहिवार ने पढ़ा,जबकि बी.एल.जैन ने प्रेमचन्द्र के जीवन को संघर्षपूर्ण बताते हुए उनकी कृति ‘सोजे वतन’ पर चर्चा की, वही उमाशंकर मिश्र ने कहा की-हमारे बुन्देलखण्ड के बांदा में ही सबसे पहले धनपत राय को ‘पे्रमचन्द्र’ नाम दिया था। राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी ने कहा कि-प्रेमचन्द्र कथासम्राट होने के साथ-साथ एक श्रेष्ठ उपन्यासकार भी थे। उनके रचे पात्र आज भी जीवंत है। शिक्षक अविनाश खरे ने कहा कि पे्रमचन्द्र की कहानियाँ समसामयिक व प्रेरणादायक है।
दूसरे दौर में कवि गोष्ठी हुई जिसमें पूरनचन्द्र गुप्ता ने कविता पढ़ी-हिन्दी साहित्य को मिला निश्चित ही नव मोड।
                                       प्रेमचन्द्र ने ही दिया बंगला,उर्दू,तोड।।
परमेश्वरीदास तिवारी ने कविता सुनायी-    भ्रष्टाचार दहाड़ रहा है खुलकर के दरवाजे।
नाच रही पशुता घर-धर में बजा बजाकर बाजे।
कवि राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने ग़ज़ल सुनायी-
                                बचके रहना सदा आज के दौर में,लोग रहते भी है घात ही घात में।
                        उसको समझा चुके बात ही बात में,समझे भाषा को वो लात ही लात में।।
ग्राम लखौरा से पधारे कवि गुलाब सिंह यादव ‘भाऊ’ ने पढ़ा- ईश्वर पानी खा रये तरसा,कऊ सूका कऊ बरसा।
                                सुनलो सबको जानो मानो,पोष माव और चैत चिचाने।।
उमाशंकर मिश्र तन्हा’ ने ग़ज़ल पढ़ी- बात ही बात में बात बढ़ती गयी,दे दिया दिल उसे बात ही बात में।।
शांति कुमार जैन ने पढा -मेरी आवाज सुनो मेरा दर्द भरा गीत सुनो ,अन्तर्मन से पुकार रहा हँू उसे स्वीकार करो।।
गीतकार वीरेन्द्र चंसौरिया ने गीता सुनाया- जो सच्चे है वहीं अमर जग में रहते हैं।
बाबूलाल जैन ने कविता पढ़ी- अवसर जुटा हम आदमी को मोड़ क्यों दे,हम आदमी है आदमी को छोड़ क्यों दे।।
बाल कवि वेद प्रताप पस्तोर ने बुंदेली कविता सुनायी-मस्साब हते कर्मचारी हो गये,दातन फंसी सुपारी हो गये।।
गोष्ठी संचालन उमा शंकर मिश्र ने किया एवं सभी का आभार प्रदर्शन अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी ने किया। म.प्र. लेखक संघ की आगामी 200वीं गोष्ठी ‘गीत’ पर केन्द्रित होगी तथा यह गोष्ठी दिनांक 2 अगस्त को 2 बजे से परमेश्वरीदास तिवारी के निवास अद्धुव्र्य मंंिदर के सामने,सराय मोहल्ला,पुराना पोष्ठ आफिस के पास आयोजित की जायेगी।  
  
रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
         अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
        मोबाइल-9893520965,