Rajeev Namdeo Rana lidhorI

शनिवार, 10 जून 2017

‘अंषु’ (उन्नाव) पत्रिका के जनवरी-मार्च 2017

साहित्यिक खुराक-3
‘अंषु’ (उन्नाव) पत्रिका के जनवरी-मार्च 2017 में प्रकाशित
मेरी दो कविताएँ
’ आपकी नज़र कर रहा हूँ-
-राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ टीकमगढ़ (म.प्र.)

rajeev namdeo rana lidhori

‘खुषबू मेरे देष की’ मई 2017 (बरेली)

साहित्यिक खुराक-2

‘खुषबू मेरे देष की’ मई 2017 (बरेली) के लघुकथा विषेषांक अंक
,वर्ष-5 में पृष्ट- 13 पर प्रकाशित
मेरी एक लघुकथा ‘सन्तुष्टि’’
आपकी नज़र कर रहा हूँ-

-राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ टीकमगढ़ (म.प्र.)

rajeev namdeo rana lidhori




‘छत्रसाल दर्पण’ स्मारिका 2017 (मऊसहानिया,छतरपुर)

साहित्यिक खुराक-1
‘छत्रसाल दर्पण’ स्मारिका 2017 (मऊसहानिया,छतरपुर) के अंक में
 पृष्ट- 70-71 पर प्रकाशित
मेरा आलेख ‘‘छत्रसाल महाबल करियो-भली भली’
(संपादक- कुँवर गोविन्द्र सिंह बुन्देला)
आपकी नज़र कर रहा हूँ-
-राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ टीकमगढ़ (म.प्र.)




सोमवार, 5 जून 2017

स्व.पन्नालाल नामदेव स्मृति चतुर्थ सम्मान समारोह हुआ 4-6-2017

‘आंकाक्षा’ पत्रिका का 12 वाँ अंक का हुआ विमोचन

स्व.पन्नालाल नामदेव स्मृति चतुर्थ सम्मान समारोह हुआ
Date 4-6-2017
देवेन्द्र कुमार मिश्रा (छिन्दवाड़ा) ‘पन्नालाल नामदेव स्मृति’ सम्मान से सम्मानित

यदुकुल नंदन खरे (बल्देवगढ़) ‘रूपाबाई नामदेव स्मृति’ सम्मान से सम्मानित

  टीकमगढ़//राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी द्वारा संपादित ‘आकांक्षा’ पत्रिका के बारहवें अंक 2017 का विमोचन किया गया। ‘म.प्र.लेखक संघ’ टीकमगढ़ का वार्षिक उत्सव एवं स्व.पन्नालाल जी नामदेव स्मृति चतुर्थ सम्मान समारोह मनाया गया। छिन्दवाड़ा के साहित्यकार श्री देवेन्द्र मिश्रा जी  को उनकी कृति ‘‘दर्द की कतरने’’ के लिए स्व. पन्नालाल जी नामदेव स्मृति चतुर्थ सम्मान से सम्मानित किया जायेगा। जिसमें उन्हें 1100रूपए सम्मान राषि,सम्मान प़त्र,स्मृति चिन्ह् षाल व श्रीफल से सम्मानित किया गया एवं स्व.रूपाबाई नामदेव स्मृति तृतीय सम्मान-2017 बल्देवगढ़ के यदुकुल नंदन खरे जी  को प्रदान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डाॅ.एन.एम.अवस्थी प्राचार्य षासकीय पी.जी कालेज,रहे अध्यक्षता पं.हरिविष्णु अवस्थी रहे जबकि विषिष्ट के रूप में देवेन्द्र कुमार मिश्रा छिन्दवाडा़ व यदुकुल नंदन खरे बल्देवगढ़ रहे। कार्यक्रम का संचालन वीरेन्द्र चंसौरिया ने किया जबकि सभी का आभार कार्यक्रम संयोजक राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी ने माना।
इस अवसर पर डाॅ.दुर्गेष दीक्षित, पं.गुणसागर सत्यार्थी,गुलाब सिंह भाऊ, सीताराम राय, कृष्ण कुमार रावत, रविन्द्र कुमार यादव पलेरा, अनवर खान साहिल,परमेष्वरीदास तिवारी, भरत लाल अग्रवाल ‘अनुज’ बड़ामलहरा,जय हिन्द स्वतंत्र बल्देवगढ़, देवेन्द्र दुवे बैसा, जाबिर गुल, रामगोपाल रैकवार, सी.एल. नामदेव,,षिवचरण उटमालिया, पूरनचन्द्र गुप्ता, अमिताभ गोस्वामी, डाॅ. अनीता गोस्वामी, गीतिका वेदिका, सुधा गुप्ता ,रष्मि गोइल, उमा पाराषर, सियाराम अहिरवार, सरमनलाल पुरोहित, ,एन.डी.सोनी अजीत श्रीवास्तव अवध विहारी श्रीवास्तव, राजेन्द्र बिदुआ, बी.एल.जैन,सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
 अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,   मोबाइल-9893520965








rajeev namdeo rana lidhori

kavi sammelan Tikamgarh 4-6-2017

क्ंजम.4.6.2017
स्व.पन्नालाल नामदेव की स्मृति हुआ ‘कवि सम्मेलन’

छिन्दवाड़ा,बल्देवगढ़,बडामलहरा,पलेरा,बैसा,नदनवारा,पठा,लखौरा,कुण्डेष्वर के आये कवि

टीकमगढ़//‘ डे केयर’ राजमहल परिसर स्व.पन्नालाल जी नामदेव स्मृति में कवि सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें कवियों एक से बढ़कर एक रचनाएँ सुनायी कवि सम्मेलन का आगाज कु.आकांक्षा नामदेव एवं अनुश्रुति नामदेव ने माँ सरस्वती की यह बंदना कर किया-हे  शारदे माँ, हे  शारदे माँ, अज्ञानता से





kavi sammelan हमें तार दे माँ,
बड़ामलहरा से पधारे कवि भरत लाल अग्रवाल  ने कविता सुनायी-कर्ज माटी का चुकाना हो तो ओ आइये।
सबसे पहले देष की तस्वीर दिल में लागाइये।।
बल्देवगढ़ से पधारे युवा कवि जय हिन्द स्वतंत्र ने सुनाया-
  भले दुष्मन मैं तेरे वार से मर जाऊँ लेकिन,न लहजा चुक ही पायेगा।।
नदनवारा से पधारे गीतकार शोभराम दांगंी ‘इन्ुद’ नेे गीत पढ़ा-
  कूरा कचरा पन्नी कूरादान डारौ नन्नी, जैसे चाय छानवें,
 छन्नी ईंट गारे में कन्नी, ऐसे स्वच्छ भारत मिषन अभियान।
कुण्डेष्वर  से पधारे डाॅ. दुर्गेष दीक्षित’ नेे गीत पढ़ा- भइया निज उत्साह दिखारय,पूरो जोर लगारय।
तनम न धन से दादा की पावन तिथी मनारये।
बल्देवगढ़ से पधारे  यदुकुल नदंन खरे ने पढ़ा- देखों मेरे चारों ओर पतझर है।
जो हवाओं में उड़ उड़कर उधर जाता है।।
लखौरा से पधारे गुलाब सिंह यादव ‘भाऊ’ नेे कवि गोष्ठी का आगाज किया बुन्देली कविता से किया-
  ओ मोरे भाई देखौ तो दोपाई, इतनी गर्मी आई कै आबे न राई।
युवा कवि रविन्द्र यादव ने कविता सुनायी- मैं बोलू भी, पर क्या हर शब्द मेरा तुमसे है।।
म.प्र. लेखक संघ के अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी ने ‘आकांक्षा’ नई कविता पढ़ी-
मेरी आंकाक्षा थी कि मेरी कोई आकांक्षा न हो,लेकिन ईश्वर ने दी मुझे एक सुंदर सी आकांक्षा,
मेरी आकांक्षा बढ़ती ठीक उसी मँहगाई की तरफ,फिर एक नई आकांक्षा ने जन्म लिया।
बी.एल. जैन ने कविता पढ़ी-हमें सबक ले सकते हैं आकाश से,सबके लिए दिल अपना विस्तृत करो।।
आर.एएस. शर्मा  ने पढ़ा- प्रष्न व्यक्ति के विकास का नहीं देष के भविष्य का है।
राज राजेश्वर’ ने कविता पढ़ी- आँखों में लेके अश्क मो मजबूर हो गए।
दामन में लेके इश्क तो मशहूर हो गए।।
भारत विजय बगेरिया ने कविता सुनायी- जिन्दगी की हो गई शाम आके क्या करेंगे।
इनके अलावा प.गुणसागर सत्यार्थी कुण्डेश्वर, रविन्द्र यादव पलेरा, रामगोपाल रैकवार, गीतिका वेदिका,रश्मि गोइल,सुधा गुप्ता, डाॅ.अनीता गोस्वामी, सियाराम अहिरवार, शिवचरण उटमालिया,अवनर खान अनवर, सीतराराम राय,गुलाब सिहं यादव, परमेश्वरी दास तिवारी, एन.डी.सोनी, अमिताभ गोस्वामी,कृष्ण कुमार रावत, बी.एल.जैन, पूरनचन्द्र गुप्ता ‘पूरन’, बालमुकुन्द प्रजापति,,आदि ने अपने विचार रखे। संचालन वीरेन्द्र चंसौरिया ने किया एवं सभी का आभार प्रदर्शन कवि सम्मेलन के संयोजक के राजीव नामेदव ‘राना लिधौरी ने किया।

रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
    अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
        मोबाइल-9893520965,

सोमवार, 8 मई 2017

म.प्र.लेखक संघ की ‘नई कविता’ पर 223th गोष्ठी हुई- 7-5-2017

Date-7-5-0217 Tikamagarh (M.P.) India

म.प्र.लेखक संघ की ‘नई कविता’ पर गोष्ठी हुई-
गुरूदेव रविन्द्र नाथ टेगोर की जयंती पर उन्हें याद किया गया

टीकमगढ़//‘ डे केयर’ राजमहल परिसर में म.प्र.लेखक संघ’ टीकमगढ़ की 223वीं गोष्ठी ‘नई कविता’ पर केन्द्रित रही, जिसमेें मुख्य अतिथि बल्देवगढ़ से पधारे  वरिष्ठ साहित्यकार यदुकुल नंदन खरे रहे व अध्यक्षता युवा कवि विजय मेहरा ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप कवि डी.पी.शुक्ला रहेे। सरस्वती बंदना के पश्चात् गुरूदेव रविन्द्र नाथ टेगोर की जयंती पर उन्हें याद किया गया तथा आज के दिन म.प्र. लेखक संघ के सदस्य युवा कवि द्वय रविन्द्र यादव एवं राज राज राजेश्वर के जन्म दिन पर सभी ने उन्हें जन्म दिन की बधाई एवं हार्दिक शुभ कामनाएँ दी।
लखौरा से पधारे गुलाब सिंह यादव ‘भाऊ’ नेे कवि गोष्ठी का आगाज किया बुन्देली कविता से किया-
  ओ मोरे भाई देखौ तो दोपाई, इतनी गर्मी आई कै आबे न राई।
युवा कवि रविन्द्र यादव ने कविता सुनायी- मैं बोलू भी, पर क्या हर शब्द मेरा तुमसे है।।
म.प्र. लेखक संघ के अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी ने ‘आकांक्षा’ नई कविता पढ़ी-
मेरी आंकाक्षा थी कि मेरी कोई आकांक्षा न हो,
लेकिन ईश्वर ने दी मुझे एक सुंदर सी आकांक्षा,
मेरी आकांक्षा बढ़ती ठीक उसी मँहगाई की तरफ,
फिर एक नई आकांक्षा ने जन्म लिया।
विजय कुमार मेहरा ने कविता सुनायी-
सपने नाजुक होते है दर्पण की तरह,
टूट न जाये आँखों में सजाये रखिये।
बल्देवगढ़ से पधारे  यदुकुल नदंन खरे ने पढ़ा-
 देखों मेरे चारों ओर पतझर है।
जो हवाओं में उड़ उड़कर उधर जाता है।।
बी.एल. जैन ने कविता पढ़ी-
हमें सबक ले सकते हैं आकाश से,सबके लिए दिल अपना विस्तृत करो।।
आर.एएस. शर्मा  ने पढ़ा-
 प्रष्न व्यक्ति के विकास का नहीं देष के भविष्य का है।
राज राजेश्वर’ ने कविता पढ़ी- आँखों में लेके अश्क मो मजबूर हो गए।
दामन में लेके इश्क तो मशहूर हो गए।।
परमेश्वरीदास तिवारी ने सुनाया-जिन्दगी का सबसे बड़ा साथ गुलाब है।
भारत विजय बगेरिया ने कविता सुनायी- जिन्दगी की हो गई शाम आके क्या करेंगे।
कृष्ण कुमार रावत ने कविता सुनायी-बहार आने को है अभी, हाथों में गुलाब खिलने को है अभी।
पूरनचन्द्र गुप्ता ‘पूरन’ ने सुनाया- दीपक बोला बत्स तुम्हें यों फेंक रहा हूँ मै।
इस जग के अनुभव अर्जित को,भेज रहा हूँ तुमको मैं।।
 इनके रामगोपाल रैकवार, गीतिका वेदिका, प्रशान्त गुप्ता, बालमुकुन्द प्रजापति, विन्द्रवन नामदेव, घनश्याम दास अहिरवार, राजीव जैन, प्रमोद गुप्ता, रामचरण मिश्रा, लक्ष्मण दास,आदि ने अपने विचार रखे। संचालन पूरनचन्द्र गुप्ता ‘पूरन’ ने किया एवं सभी का आभार प्रदर्शन लेखक संघ के सचिव रामगोपाल रैकवार ने किया।

रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
   अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
         मोबाइल-9893520965,




Kavi gosthi