Rajeev Namdeo Rana lidhorI

गुरुवार, 23 मई 2019

आकाशवाणी छतरपुर


‘राना लिधौरी’ आज आकाशवाणी छतरपुर पर’’
(कविताओं का प्रसारण आज दिनांक 25 मई 2019)

टीकमगढ़// साहित्यिक संस्था म.प्र. लेखक संघ के जिलाध्यक्ष एवं ‘आकांक्षा’ पत्रिका के संपादक ख्यातिप्राप्त साहित्यकार राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’’ की कविताओं का प्रसारण आज दिनांक 25 मई को आकाशवाणी के छतरपुर केन्द्र से किया जायेगा।
 म.प्र.लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने जाारी एक प्रैस विज्ञप्ति में बताया कि आज दिनांक 25 मई 2019 को सुबह 10 बजे से ‘आकाशवाणी’ के छतरपुर केन्द्र से रसावतरण कार्यक्रम के अंतर्गत कविगोष्ठी’’ में उनकी रचनाओं का प्रसारण किया जाना है।
 इस कवि गोष्ठी में प्रतिभागी कवि श्री रामनारायण त्रिपाठी,तिंदवारी बांदा उ.प्र., राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ टीकमगढ़ म.प्र.,श्री रेवती कुमार पाठक ‘शेखर’ मोहदा,उ.प्र., श्री श्याम शरण नायक ‘सत्य’ झाँसी,उ.प्र. से अपनी कविताएँ सुनाएँगें कवि गोष्ठी का सफल संचालन राजीव नामदेव ‘‘राना लिधौरी’’ ने किया।
-राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
जिला अध्यक्ष-म.प्र.लेखक संघ
 टीकमगढ़ मोबाइल-9893520965


मंगलवार, 21 मई 2019

समर्पयामि फाउंडेशन एवं स्टूडियो द्वारा चित्रकला कार्यशाला एवं कवि गेाष्ठी टीकमगढ़

Date-19-5-2019 Tiakamgarh (M.P.)

समर्पयामि फाउंडेशन एवं स्टूडियो द्वारा चित्रकला कार्यशाला एवं कवि गेाष्ठी

टीकमगढ़// समर्पयामि फाउंडेशन एवं स्टूडियो द्वारा कार्यालय का उद्घाटन तालदरवाजा में गीतिका वेदिका के निवास पर किया गया जिसमें बच्चों की पर्यावरण पर केन्द्रित कार्यशाला एवं कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में नगर के जाने माने साहित्यकार राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ थे एवं विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ व्यंग्यकार अजीत श्रीवास्तव थे।
कार्यशाला में बच्चों द्वारा सुंदर चित्र बनाये गये कार्यशाला मे उन्हें चित्र बनाने के गुण एवं बारीकियाँ सिखायी गयी। बच्चो द्वारा इस कार्यशाला में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया गया। समर्पयामि फाउंडेशन द्वारा सभी बच्चों को सम्मान पत्र देकर अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।
दूसरे सत्र में एक कवि गोष्ठी हुई जिसमें राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’चाँद मोहम्मद आखिर, अजीत श्रीवास्तव, गीतिका वेदिका, अनवर खान अनवर, गुलाब सिंह यादव, जाविर गुल, योगेन्द्र तिवारी राजेन्द्र चतुर्वेदी, उमा पाराशर आदि प्रमुख थे। .संचालन उमाशंकर मिश्र ने किया तथा सभी का आभार कार्यशाला संयोजक गीतिका वेदिका ने माना।
कवि गोष्ठी को शुभारंभ गुलाब सिंह यादव ने सरस्वती वंदना कर यह गीत पढ़ा-
कौल करो जो जान कें रईयो बात जा मानें।
युवा शायर जाबिर गुल ने ग़ज़ल पढ़ी- बात हद में की जाए तो चल जाती है,
हद से बढ़ जाए तो फिर जान निकल जाती है।
अनवर साहिल ने पढ़ा- कहीं दीवार पे माँ लफ्ज लिख दिया मैंने,
तमाम राम मेरे घर में रौशनी चमकी।
मुख्य अतिथि राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने सुनाया- मायूस होके इतने न आँसू बहाइये,
दुनिया के हर सितम पे जरा मुस्कुराइये। 
भारी तो है जरूर जमाने के कम को बोझ
आगे मगर किसी के न सर को झुकाइये।।
अजीत श्रीवास्तव ने ‘अहाने’ सुनाये तो वहीं उमाशंकर मिश्र ने पेरोडी सुनाई। कार्यक्रम का संयोजन चाँद मोहम्मद आख्खिर ने किया गीतिका वेदिका,उमा पारासर,योगेन्द्र तिवारी योगी, राजेन्द्र चतुर्वेदी ने भी अपनी काव्य प्रस्तुति दी।

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रपट-राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
जिलाध्यक्ष-म.प्र. लेखक संघ,टीकमगढ़
टीकमगढ़ (म.प्र.) मोबाइल-9893520965
                                             E-Mail- ranalidhori@gmail.com





samarpiyami foundetion & studuo Tikamgarh

सोमवार, 13 मई 2019

म.प्र.लेखक संघ की ‘मदर्स डे’ पर 248वीं गोष्ठी हुई 12-5-2019 tikamgarh mp

म.प्र.लेखक संघ की ‘मदर्स डे’ पर 248वीं गोष्ठी हुई 

टीकमगढ़// साहित्यिक संस्था म.प्र. लेखक संघ जिला इकाई टीकमगढ़ की 248वीं गोष्ठी ‘‘मदर्स डे’ पर केन्द्रित कवि गोष्ठी ‘आकांक्षा’ पब्लिक स्कूल,टीकमगढ़ में आयोजित की गयी।
 गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार श्री आर.एस.शर्मा जी ने की त
था मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार  श्री सियाराम अहिरवार जी रहे एवं
विशिष्ट अतिथि बुंदेली कवि दीनदयाल तिवारी ‘बेताल’ जी रहे।
वरिष्ठ गीतकार सीताराम राय ‘सरल’ सरस्वती वंदना कर गोष्ठी का शुभारंभ किया-
सुर सरगम की सरिता बहा दे, शारदे ताल से ताल मिला दे।।
म.प्र.लेखक संघ के अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी ने ‘माँ’ पर कविता पढ़ी- 
जीवन पथ पर अमिट छाप सी लगती है। 
           मुझे तो यह माता मरियम मदर टेरेसा लगती है।।
परमेश्वरीदास तिवारी ने पढ़ा- हाथ जोड़कर कीजिए माता का सम्मान,
घर में खुशहाली रहे हो जाये कल्याण।।
आर.एस.शर्मा ने पढ़ा- माँ तुम प्यार हो ,दुलार हो, उंगली पकड़कर चलना सिखाया।
 कष्टों में रहकर हम सबको सुख पहुँचाया।।
वीरेन्द्र चंसौरिया ने गीत सुनाया-  जब जब चाहो जितना चाहो माँ की गोद में खेलो।
गोद तुम्हारी माँ भी तुम्हारी जब चाहों गोद में खेलो।।
सियाराम अहिरवार ने पढ़ा-निःस्वार्थ भाव से सेवा करना माँ से सीखे कोई।
प्यार भरा संसार बसाना माँ से सीखे कोई।।
दीनदयाल तिवारी ने पढ़ा- मोहमीय,ममतामयी सर्वगुणों की खान, माता तो सर्वोच्च है कहता वेद पुरान।
पलेरा के रविन्द्र यादव ने पढ़ा-रास्ते है तुमसे उर मंजिले है तुमसे माँ।
है चल रही जो जिन्दगी,हर सिलसिते है तुमसे माँ।।
अनवर खान ‘साहिल’ ने गजल पढ़ी- कहीं दीवार पे माँ लफ़्ज लिख दिया मैंने।
तमाम रात मिरे घर में रोशनी चमकी।।
प्रेम नारायण विश्वकर्मा ने सुनाया-माँ तो जन्नत है, माँ नहीं तो दिक्कत है।।
रामेश्वर राय ‘परदेशी’ ने सुनाया-होती माँ बच्चों की भगवान,भक्त सम होती है संतान।।
बी.एल. जैन ने सुनाया-एक अक्षर नाहै जो सदा मना करता आया है,
 दूसरा अक्षर ‘माँ’ है जिसने सभी को गोद समाया।।
पूरनचन्द्र गुप्ता ने सुनाया-कोमल हृदय दयामय पावन,त्यागमूर्त बलिदानी माँं।
जिसके चरणों मेंजन्नत है, माँ बिन सब खोता है।।
इनके अलावा विजय मेहरा,डी.पी. यादव एडवोकेट ने भी अपनी रचनाएँ सुनायी।
गोष्ठी का संचालन रविन्द्र यादव ने किया तथा सभी का आभार वीरेन्द्र चंसौरिया ने माना।
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रपट-राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
जिलाध्यक्ष-म.प्र. लेखक संघ,टीकमगढ़
   टीकमगढ़ (म.प्र.) 
                                                           मोबाइल-9893520965




kavi sammelan tikamgarh-rana lidhori

रविवार, 7 अप्रैल 2019

म.प्र.लेखक संघ की ‘नव सम्वतसर’ पर 246वीं गोष्ठी हुई

म.प्र.लेखक संघ की ‘नव सम्वतसर’ पर 246वीं गोष्ठी हुई 

टीकमगढ़// साहित्यिक संस्था म.प्र. लेखक संघ जिला इकाई टीकमगढ़ की 246वीं गोष्ठी ‘‘नव सम्वतसर हिन्दू नव वर्ष पर केन्द्रित कवि गोष्ठी ‘आकांक्षा’ पब्लिक स्कूल,टीकमगढ़ में आयोजित की गयी।
 गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ इतिहासकार  श्री हरिविष्णु अवस्थी जी ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ट साहित्यकार  श्री आर.एस.शर्मा जी रहे एवं विशिष्ट अतिथि कवि प्रेम नारायण विश्वकर्मा जी रहे
म.प्र.लेखक संघ के अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी ने ‘हाइकु’  में शारदा माँ की वंदना की-हे माँ शारदे यश,मान, ज्ञान से झोली भर दे, हे माँ शारदे ईश्वर को ना भूलंू मति कर दे।।
हे माँ शारदे चंचल मन को शांत कर दे, हे माँ शारदे हमें यहीं वर दे बुद्धि भर दे।।
पूरनचन्द्र गुप्ता ने सुनाया-गत वर्ष की अंतिम रात ने पूंछा नव प्रभात से जब,
बंदे तेरे स्वागत में  क्यों जन उत्साहित लगते तब।।
 रामगोपाल रैकवार ’ने पढ़ा- न बोलने दिया सन्नाटों ने, न जमने दिया ज्वार-भाटों ने।
बल्देवगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार यदुकुल नंदन खरे ने पढ़ा- दोस्तों यह डिजीटल इंडिया है,
  जिसमें गरीबी नहीं दिखती।।
पलेरा के रविन्द्र यादव ने पढ़ा-
गरीबों के हाथों में निबाले नहीं रहे,अब अच्छे लोगों के हवाले नहीं रहे।े
बोलते तो लोग अब मजबूरी में है, क्योंकि खामोशी समझने वाले नहीं रहे।।
दयालीराम विश्वकर्मा ने पढ़ा- हिन्दू नव वर्ष की शुभकामनाएँ रहे सभी के साथ,
सुक्का सोना-सोना काटे साँवरिया के साथ।।
परमेश्वरीदास तिवारी ने पढ़ा- देश के जवानों तुमको मेरा सलाम,
नया साल हो मुबारक  नये साल का सलाम।
अजीत श्रीवास्तव ने व्यंग्य  ‘इलैक्शन का मौसम’ सुनाया।
इनके अलावा पं.हरिविष्णु अवस्थी,आर.एस.शर्मा, डी.पी. यादव एडवोकेट ने भी अपनी रचनाएँ सुनायी।
गोष्ठी का संचालन रविन्द्र यादव ने किया तथा सभी का आभार रामगोपाल रैकवार  ने माना।
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रपट-राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
जिलाध्यक्ष-म.प्र. लेखक संघ,टीकमगढ़
टीकमगढ़ (म.प्र.) मोबाइल-9893520965
E-Mail- ranalidhori@gmail.com











lekhak sangh

सोमवार, 1 अप्रैल 2019

वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़ की ‘कथा कोश’ पर हुई कथा गोष्ठी’ Date-31-3-2019















vanmali srajan peeth Tikamgarh
वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़ की ‘कथा कोश’ पर हुई कथा गोष्ठी’    Date-31-3-2019
 Tiakamgarm (M.P.)

टीकमगढ़// रविन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय एवं रविन्द्रनाथ टैगोर विश्वकला एवं संस्कृति केन्द्र भोपाल द्वारा संचालित वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़ की ‘‘कथा गोष्ठी’’,‘आकांक्षा’ पब्लिक स्कूल,टीकमगढ़ में आयोजित की गयी। गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ कथाकारा डाॅ.रूखसाना सिद्दीकी ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में बल्देवगढ़ से पधारे वरिष्ठ कहानीकार श्री यदुकुल नंदन खरे जी रहे एवं विशिष्ट अतिथि के रूप के रंगकर्मी एवं कथाकारा गीतिका वेदिका रहीं।
सरस्वती बंदना कर गोष्ठी का शुभांरभ करते हुए सीताराम राय ‘सरल’ ने गीत पढ़ा-
हे माँ वीणा वादिनी वर दे, अज्ञान घटा,जला ज्योति ज्ञान कर दे।
सर्वप्रथम वनमाली सृजन पीठ केन्द्र टीकमगढ़ के अध्यक्ष एवं संयोजक राजीव नामदेव ‘राना 
लिधौरी’ ने केन्द्र के प्रमख उद्देश्य,के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वनमाली सृजन केन्द्र में कथाओं पर केन्द्रित गोष्ठियाँ आयोजित की जायेगी,जिसमें नगर के कथाकारों को एक सशक्त मंच मिलेगा तथा उनकी कहानियों को विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होने का अवसर प्रदाय किये जायेगे, केन्द्र द्वारा एक पुस्तकालय स्थापित किया जायेगा,जिसमें लेखकों की पुस्तकों के अलावा वर्तमान में प्रकाशित प्रसिद्ध पत्र-पत्रिकायें भी पढ़ने को मिलेगी।
‘कथा मध्यप्रदेश’ कहानी खण्ड-1 की समीक्षा हाजी ज़फ़रउल्ला खा ‘ज़फ़र’ ने की उन्होंने कहा कि-‘म.प्र.कथा कोश’ में इंसान के जीवन से जुड़ी कथाओं का कोश है। कोश में प्रकाशित अधिकांश कथायें उस समय के सामाजिक परिवेश,दशा एवं समस्याओं को प्रदर्शित करती है।’ 
श्री अजीत श्रीवास्वत ने अपनी समीक्षा में कहा कि-‘शोध पर शोध को लुभाती कथा कोश’,दाम थोड़ा अधिक है लेकिन कृति अनोखी बन पड़ी है।’
श्री आर.एस.शर्मा ने कहा कि-‘यह कोश नई पीढ़ी को भाषा और संवाद से जोड़े रखे, इस दृष्टि से सम्पादक श्री संतोष चैबे जी का प्रयास सराहनीय है।’
‘कथा मध्यप्रदेश’ कहानी खण्ड-2 की समीक्षा करते हुए अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने कहा कि- ‘‘सौ सालों के कथा इतिहास को 6 खण्डों में लगभग 200 कथाओं के साथ-साथ 35 लेखों प्रकाशन किया गया है जो कि एक बहुत की श्रम साध्य कार्य है इस क्रमिक शोध कार्य हेतु श्री संतोष चैबे जी सहित पूरा संपादक मंडल बधाई का पात्र है।’’ 
कालेज के पूर्व प्राचार्य डाॅ. एन.एम. अवस्थी ने कहा कि- ‘‘इस कोश में श्रेष्ठ कहानियों को प्रकाशित किया गया है ये कहानियाँ इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी।गीतिका वेदिका ने कहानी ‘जलगाँव’ कहानी सुनायी। गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहीं डाॅ. रूखसाना सिद्दीकी ने कहा कि-‘‘ये कथाकोश कहानियों का उपवन है। कहानियाँ समाज का दर्पण होती है। पं.हरिविष्णु अवस्थी ने कहा कि- कहानियाँ मनुष्य के जीवन में अमिट छाप छोड़ती है। ये मनुष्य का जीवन होती है। बल्देवगढ़ से पधारे यदुकुल नंदन खरे ने कहा कि- ‘‘कहानियों वर्तमान घटनाओं पर केन्द्रित होती है इसमें देशकाल का अपना एक महत्व होता है।’’
इसमें अलावा परमेश्वरी दास तिवारी,वीरेन्द्र चंसौरिया,विजय मेहरा,रन्विद्र यादव,विकास नापित,राजेश्वर पाराशर ‘राज’ आदि ने भी अपने विचार रखे। गोष्ठी का संचालन अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी ने किया तथा सभी का आभार परमेश्वरी दास तिवारी ने माना।

-- -राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
अध्यक्ष एवं संयोजन-वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़
 टीकमगढ़ मोबाइल-9893520965

बुधवार, 6 मार्च 2019

‘‘राना लिधौरी वनमाली सृजन केन्द्र के जिलाध्यक्ष बने’

‘‘राना लिधौरी वनमाली सृजन केन्द्र के जिलाध्यक्ष बने’

टीकमगढ़// रविन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय एवं रविन्द्रनाथ टैगोर विश्वकला एवं संस्कृति केन्द्र भोपाल द्वारा वनमाली सृजन केन्द्रों का राष्ट्रीय सम्मेलन रविन्द्रनाथ टेगोर विश्वविद्यालय भोपाल में आयोजित किया गया जिसमें 10 राज्यों से 114 सजृन केन्द्रों से 150 साहित्यकार उपस्थित रहे। वनमाली सृजन पीठ के अध्यक्ष श्री संतोष चैबे जी द्वारा 114 वनमाली सृजन केन्द्रों के अध्यक्षों की घोषणा करते हुए टीकमगढ़ का जिला अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ को मनोनीत किया हैं। 
गौरतलब हो कि राना लिधौरी म.प्र. लेखक संध के जिलाध्यक्ष एवं अ.भा.बुन्देलखण्ड परिषद टीकमगढ़ के जिला महामंत्री है एवं ‘आकांक्षा’ पत्रिका विगत 14 वर्षो से संपादन करते आ रहे है। उनकी 6 पुस्तके छप चुकी है एवं एक दर्जन पुस्तकों-पत्रिकाओं का संपादन कर चके है ।  अपने संयोजन में अब तक 300से अधिक कविगोष्ठी एवं कवि सम्मेलन आयोजित करा चुके है। राना लिधौरी म.प्र. एवं उ.प्र. के तीन महामहिम राज्यपालों सहित 80 सम्मानों से विभूषित होते हुए साहित्य सेवा में निरंतर सक्रिय है। 
इस उपलब्धि पर नगर के साहित्यकारों, शुभचिंतकों, ने राना लिधौरी को बधाईयाँ व शुभकामनाएँ दी है। बधाई देने वालों में सर्वश्री पं.हरिविष्णु अवस्थी,अजीत श्रीवास्वत,राम गोपाल रैकवार, डाॅ.रूखसाना सिद्दीकी, विजय मेहरा,परमेश्वरीदास तिवारी,सीताराम राय,आर.एस.शर्मा, वीरेन्द्र चंसौरिया, सियाराम अहिरवार, गुलाब सिंह यादव,रविन्द्र यादव,महेन्द्र यादव,उमाशंकर मिश्रा, भारत विजय बगेरिया आदि साहित्यकारों ने बधाईयाँ दी।

-राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
जिला अध्यक्ष-म.प्र.लेखक संघ
 टीकमगढ़ मोबाइल-9893520965
vanmali srajan peeth

रविवार, 3 मार्च 2019

(म.प्र.लेखक संघ की ‘हास्य व्यंग्य पर 245वीं गोष्ठी हुई Date- 3-3-2019 Tiakamgarh

जीखौ बोलवे उर लिखवै को अटकर तक नइयाँ ...........राना लिधौरी
(म.प्र.लेखक संघ की ‘हास्य व्यंग्य पर 245वीं गोष्ठी हुई) 

टीकमगढ़// साहित्यिक संस्था म.प्र. लेखक संघ जिला इकाई टीकमगढ़ की 245वीं गोष्ठी ‘‘हास्य व्ंयग्य पर केन्द्रित कवि गोष्ठी ‘आकांक्षा’ पब्लिक स्कूल,टीकमगढ़ में आयोजित की गयी। गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ व्यंग्यकार  श्री रामगोपाल रैकवार जी ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में शासकीय जिला पुस्तकालय के लाइबे्ररियन युवा व्यंग्यकार श्री विजय कुमार मेहरा जी रहे।
सरस्वती बंदना कर गोष्ठी का शुभांरभ करते हुए सीताराम राय ‘सरल’ ने गीत पढ़ा-
बन ठन के दूल्हा शिवशंकर,गौरा को ब्याहन आये है।
लखौरा के गुलाब सिंह यादव ‘भाऊ’ने पढ़ा- डँूडा बैल पैइला बैठों करिया चड़ो करईयारे,
  जटा जूट और आंग भवूती ढंग को नइ्रया रे।।
म.प्र.लेखक संघ के अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी ने ‘बुंदेली व्यंग्य कविता सुनायी-
जीखौं बोलवे और लिखवे को अटकर तक नइयाँ वे अब चेला और चमचे बना रय।
बन्न बन्न के उन्ना पैर कै दाढी रखारय, बेई अब मंचन पै कब्जा जमा रये।।
राम गोपाल रैकवार’ ने पढ़ा-
नमन तो हो चुका बहुत, अब शमन करेगें हम, देशघातियों का भी अब दमन करेंगे हम।
भारत के हिम किरीट को नत न होने देंगे हम, वादी-ए कश्मीर को फिर चमन करेंगे हम।।
बल्देवगढ़ के साहित्यकार कोमल चंद बजाज ने पढ़ा- चारों ओर मचा हुआ है बर्बादी का अब मंजर।
देश मिटावे लिए हुए है भ्रष्टाचारी अब खंजर।।
अनवर खान साहिल’ ने ग़ज़ल पढी-
लेके हाथों में आ जाओ हथियार को,तोड़ दो सारी संयम की दीवार को।
वार्तायें बहुत हो चुकी दोस्तों,घर-धर में घुसकर मारो गुनहगारों को।।
पलेरा के रविन्द्र यादव ने पढ़ा-हिन्दू,ईसाई,सिक्ख,मुस्लमान नहीं हो,
तुम कुछ भी नहीं हो गर इंसान नहीं हो।
रामेश्वर राय ‘परदेशी’ ने पढ़ा-कविता के लाने काये फिरत हो सिर्रयाने,विद जाने हिराने गदा खो कुट जाने है
डी.पी.शुक्ला ने पढ़ा-इस मावठ में गिरे सरस रस,डर कब गिर जाएए औला आन।
पाक प्रेम की भाषा बोले कब सरहद पर फैंके गोला तान।।
प्रमोद गुप्ताने पढ़ा-‘चीकट भैया तुम हो लइयों,भानेजन की लाज बचइयो। नाते रिश्ते सबई समरियों।।
वी.एल जैन ने पढ़ा-‘मम्मी की दुकान’ हास्य कविता पढ़ी।
वहीं परमेश्वरीदास तिवारी ने ‘जय मच्छर’ हास्य कविता सुनायी।
डी.पी. यादव एडवोकेट ने पढ़ा- जाँबाजों की जवानी का पुलवामा की कुर्वानी का बंदन है।
गोष्ठी का संचालन रविन्द्र यादव ने किया तथा सभी का आभार अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी ने माना।
रपट-राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
जिलाध्यक्ष- म.प्र. लेखक संघ,टीकमगढ़
टीकमगढ़ (म.प्र.)मोबाइल-9893520965
E-Mail- ranalidhori@gmail.com





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