Rajeev Namdeo Rana lidhorI

शनिवार, 12 अक्टूबर 2024

short tricks and Gk -Rana lidhori

short tricks -Rana lidhori



1:~लंका में राम जी = 111 दिन रहे।
2:~लंका में सीताजी = 435 दिन रहीं।
3:~मानस में श्लोक संख्या = 27 है।
4:~मानस में चोपाई संख्या = 4608 है।
5:~मानस में दोहा संख्या = 1074 है।
6:~मानस में सोरठा संख्या = 207 है।
7:~मानस में छन्द संख्या = 86 है।

8:~सुग्रीव में बल था = 10000 हाथियों का।
9:~सीता रानी बनीं = 33वर्ष की उम्र में।
10:~मानस रचना के समय तुलसीदास की उम्र = 77 वर्ष थी।
11:~पुष्पक विमान की चाल = 400 मील/घण्टा थी।
12:~रामादल व रावण दल का युद्ध = 87 दिन चला।
13:~राम रावण युद्ध = 32 दिन चला।
14:~सेतु निर्माण = 5 दिन में हुआ।

15:~नलनील के पिता = विश्वकर्मा जी हैं।
16:~त्रिजटा के पिता = विभीषण हैं।

17:~विश्वामित्र राम को ले गए =10 दिन के लिए।
18:~राम ने रावण को सबसे पहले मारा था = 6 वर्ष की उम्र में।
19:~रावण को जिन्दा किया = सुखेन बेद ने नाभि में अमृत रखकर।

श्री राम के दादा परदादा का नाम क्या था?
नहीं तो जानिये-
1 - ब्रह्मा जी से मरीचि हुए,
2 - मरीचि के पुत्र कश्यप हुए,
3 - कश्यप के पुत्र विवस्वान थे,
4 - विवस्वान के वैवस्वत मनु हुए.वैवस्वत मनु के समय जल प्रलय हुआ था,
5 - वैवस्वतमनु के दस पुत्रों में से एक का नाम इक्ष्वाकु था, इक्ष्वाकु ने अयोध्या को अपनी राजधानी बनाया और इस प्रकार इक्ष्वाकु कुलकी स्थापना की |
6 - इक्ष्वाकु के पुत्र कुक्षि हुए,
7 - कुक्षि के पुत्र का नाम विकुक्षि था,
8 - विकुक्षि के पुत्र बाण हुए,
9 - बाण के पुत्र अनरण्य हुए,
10- अनरण्य से पृथु हुए,
11- पृथु से त्रिशंकु का जन्म हुआ,
12- त्रिशंकु के पुत्र धुंधुमार हुए,
13- धुन्धुमार के पुत्र का नाम युवनाश्व था,
14- युवनाश्व के पुत्र मान्धाता हुए,
15- मान्धाता से सुसन्धि का जन्म हुआ,
16- सुसन्धि के दो पुत्र हुए- ध्रुवसन्धि एवं प्रसेनजित,
17- ध्रुवसन्धि के पुत्र भरत हुए,
18- भरत के पुत्र असित हुए,
19- असित के पुत्र सगर हुए,
20- सगर के पुत्र का नाम असमंज था,
21- असमंज के पुत्र अंशुमान हुए,
22- अंशुमान के पुत्र दिलीप हुए,
23- दिलीप के पुत्र भगीरथ हुए, भागीरथ ने ही गंगा को पृथ्वी पर उतारा था.भागीरथ के पुत्र ककुत्स्थ थे |
24- ककुत्स्थ के पुत्र रघु हुए, रघु के अत्यंत तेजस्वी और पराक्रमी नरेश होने के कारण उनके बाद इस वंश का नाम रघुवंश हो गया, तब से श्री राम के कुल को रघु कुल भी कहा जाता है |
25- रघु के पुत्र प्रवृद्ध हुए,
26- प्रवृद्ध के पुत्र शंखण थे,
27- शंखण के पुत्र सुदर्शन हुए,
28- सुदर्शन के पुत्र का नाम अग्निवर्ण था,
29- अग्निवर्ण के पुत्र शीघ्रग हुए,
30- शीघ्रग के पुत्र मरु हुए,
31- मरु के पुत्र प्रशुश्रुक थे,
32- प्रशुश्रुक के पुत्र अम्बरीष हुए,
33- अम्बरीष के पुत्र का नाम नहुष था,
34- नहुष के पुत्र ययाति हुए,
35- ययाति के पुत्र नाभाग हुए,
36- नाभाग के पुत्र का नाम अज था,
37- अज के पुत्र दशरथ हुए,
38- दशरथ के चार पुत्र राम, भरत, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न हुए |
इस प्रकार ब्रह्मा की उन्चालिसवी (39) पीढ़ी में श्रीराम का जन्म हुआ | शेयर करे ताकि हर हिंदू इस जानकारी को जाने..।
*यह जानकारी  महीनों के परिश्रम के बाद आपके सम्मुख प्रस्तुत है । पांच ग्रुप  को भेज कर धर्म लाभ कमाये*
 *राम_चरित_मानस🚩जय श्री राम*
भारत माता की जय🚩
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पाण्डव पाँच भाई थे जिनके नाम हैं 
1. युधिष्ठिर    2. भीम    3. अर्जुन
4. नकुल।      5. सहदेव

( इन पांचों के अलावा , महाबली कर्ण भी कुंती के ही पुत्र थे , परन्तु उनकी गिनती पांडवों में नहीं की जाती है )

यहाँ ध्यान रखें कि… पाण्डु के उपरोक्त पाँचों पुत्रों में से युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन
की माता कुन्ती थीं तथा, नकुल और सहदेव की माता माद्री थी ।

वहीँ …. धृतराष्ट्र और गांधारी के सौ पुत कौरव कहलाए जिनके नाम हैं ...

1. दुर्योधन      2. दुःशासन   3. दुःसह
4. दुःशल        5. जलसंघ    6. सम
7. सह            8. विंद         9. अनुविंद
10. दुर्धर्ष       11. सुबाहु।   12. दुषप्रधर्षण
13. दुर्मर्षण।   14. दुर्मुख     15. दुष्कर्ण
16. विकर्ण     17. शल       18. सत्वान
19. सुलोचन   20. चित्र       21. उपचित्र
22. चित्राक्ष     23. चारुचित्र 24. शरासन
25. दुर्मद।       26. दुर्विगाह  27. विवित्सु
28. विकटानन्द 29. ऊर्णनाभ 30. सुनाभ
31. नन्द।        32. उपनन्द   33. चित्रबाण
34. चित्रवर्मा    35. सुवर्मा    36. दुर्विमोचन
37. अयोबाहु   38. महाबाहु  39. चित्रांग 40. चित्रकुण्डल41. भीमवेग  42. भीमबल
43. बालाकि    44. बलवर्धन 45. उग्रायुध
46. सुषेण       47. कुण्डधर  48. महोदर
49. चित्रायुध   50. निषंगी     51. पाशी
52. वृन्दारक   53. दृढ़वर्मा    54. दृढ़क्षत्र
55. सोमकीर्ति  56. अनूदर    57. दढ़संघ 58. जरासंघ   59. सत्यसंघ 60. सद्सुवाक
61. उग्रश्रवा   62. उग्रसेन     63. सेनानी
64. दुष्पराजय        65. अपराजित 
66. कुण्डशायी        67. विशालाक्ष
68. दुराधर   69. दृढ़हस्त    70. सुहस्त
71. वातवेग  72. सुवर्च    73. आदित्यकेतु
74. बह्वाशी   75. नागदत्त 76. उग्रशायी
77. कवचि    78. क्रथन। 79. कुण्डी 
80. भीमविक्र 81. धनुर्धर  82. वीरबाहु
83. अलोलुप  84. अभय  85. दृढ़कर्मा
86. दृढ़रथाश्रय    87. अनाधृष्य
88. कुण्डभेदी।     89. विरवि
90. चित्रकुण्डल    91. प्रधम
92. अमाप्रमाथि    93. दीर्घरोमा
94. सुवीर्यवान     95. दीर्घबाहु
96. सुजात।         97. कनकध्वज
98. कुण्डाशी        99. विरज
100. युयुत्सु

( इन 100 भाइयों के अलावा कौरवों की एक बहनभी थी… जिसका नाम""दुशाला""था,
जिसका विवाह"जयद्रथ"सेहुआ था )

"श्री मद्-भगवत गीता"के बारे में

ॐ . किसको किसने सुनाई?
उ. श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई। 

ॐ . कब सुनाई?
उ.- आज से लगभग 7 हज़ार साल पहले सुनाई।

ॐ. भगवान ने किस दिन गीता सुनाई?
उ.- रविवार के दिन।

ॐ. कोनसी तिथि को?
उ.- एकादशी 

ॐ. कहा सुनाई?
उ.- कुरुक्षेत्र की रणभूमि में।

ॐ. कितनी देर में सुनाई?
उ.- लगभग 45 मिनट में

ॐ. क्यू सुनाई?
उ.- कर्त्तव्य से भटके हुए अर्जुन को कर्त्तव्य सिखाने के लिए और आने वाली पीढियों को धर्म-ज्ञान सिखाने के लिए।

ॐ. कितने अध्याय है?
उ.- कुल 18 अध्याय

ॐ. कितने श्लोक है?
उ.- 700 श्लोक

ॐ. गीता में क्या-क्या बताया गया है?
उ.- ज्ञान-भक्ति-कर्म योग मार्गो की विस्तृत व्याख्या की गयी है, इन मार्गो पर चलने से व्यक्ति निश्चित ही परमपद का अधिकारी बन जाता है। 

ॐ. गीता को अर्जुन के अलावा 
और किन किन लोगो ने सुना?
उ.- धृतराष्ट्र एवं संजय ने

ॐ. अर्जुन से पहले गीता का पावन ज्ञान किन्हें मिला था?
उ.- भगवान सूर्यदेव को

ॐ. गीता की गिनती किन धर्म-ग्रंथो में आती है?
उ.- उपनिषदों में

ॐ. गीता किस महाग्रंथ का भाग है....?
उ.- गीता महाभारत के एक अध्याय शांति-पर्व का एक हिस्सा है।

ॐ. गीता का दूसरा नाम क्या है?
उ.- गीतोपनिषद

ॐ. गीता का सार क्या है?
उ.- प्रभु श्रीकृष्ण की शरण लेना

ॐ. गीता में किसने कितने श्लोक कहे है?
उ.- श्रीकृष्ण जी ने- 574
अर्जुन ने- 85 
धृतराष्ट्र ने- 1
संजय ने- 40.

अपनी युवा-पीढ़ी को गीता जी के बारे में जानकारी पहुचाने हेतु इसे ज्यादा से ज्यादा शेअर करे। धन्यवाद

अधूरा ज्ञान खतरनाK  होता है।

33 करोड नहीँ  33 कोटी देवी देवता हैँ हिँदू
धर्म मेँ।

कोटि = प्रकार। 
देवभाषा संस्कृत में कोटि के दो अर्थ होते है,

कोटि का मतलब प्रकार होता है और एक अर्थ करोड़ भी होता।

हिन्दू धर्म का दुष्प्रचार करने के लिए ये बात उडाई गयी की हिन्दुओ के 33 करोड़ देवी देवता हैं और अब तो मुर्ख हिन्दू खुद ही गाते फिरते हैं की हमारे 33 करोड़ देवी देवता हैं...

कुल 33 प्रकार के देवी देवता हैँ हिँदू धर्म मे :-

12 प्रकार हैँ
आदित्य , धाता, मित, आर्यमा,
शक्रा, वरुण, अँश, भाग, विवास्वान, पूष,
सविता, तवास्था, और विष्णु...!

8 प्रकार हे :-
वासु:, धर, ध्रुव, सोम, अह, अनिल, अनल, प्रत्युष और प्रभाष।

11 प्रकार है :- 
रुद्र: ,हर,बहुरुप, त्रयँबक,
अपराजिता, बृषाकापि, शँभू, कपार्दी,
रेवात, मृगव्याध, शर्वा, और कपाली।

एवँ
दो प्रकार हैँ अश्विनी और कुमार।

कुल :- 12+8+11+2=33 कोटी 

अगर कभी भगवान् के आगे हाथ जोड़ा है
तो इस जानकारी को अधिक से अधिक
लोगो तक पहुचाएं। ।

🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
१ हिन्दु हाेने के नाते जानना ज़रूरी है

अपनी भारत की संस्कृति को पहचाने.
ज्यादा से ज्यादालोगो तक पहुचाये. 
खासकर अपने बच्चो को बताए 
क्योकि ये बात उन्हें कोई नहीं बताएगा...

📜😇  दो पक्ष-

कृष्ण पक्ष , 
शुक्ल पक्ष !

📜😇  तीन ऋण 

देव ऋण , 
पितृ ऋण , 
ऋषि ऋण !

📜😇   चार युग -

सतयुग , 
त्रेतायुग ,
द्वापरयुग , 
कलियुग !

📜😇  चार धाम -

द्वारिका , 
बद्रीनाथ ,
जगन्नाथ पुरी , 
रामेश्वरम धाम !

📜😇   चारपीठ -

शारदा पीठ ( द्वारिका )
ज्योतिष पीठ ( जोशीमठ बद्रिधाम ) 
गोवर्धन पीठ ( जगन्नाथपुरी ) , 
शृंगेरीपीठ !

📜😇 चार वेद

ऋग्वेद , 
अथर्वेद , 
यजुर्वेद , 
सामवेद !

📜😇  चार आश्रम 

ब्रह्मचर्य , 
गृहस्थ , 
वानप्रस्थ , 
संन्यास !

📜😇 चार अंतःकरण -

मन , 
बुद्धि , 
चित्त , 
अहंकार !

📜😇  पञ्च गव्य -

गाय का घी , 
दूध , 
दही ,
गोमूत्र , 
गोबर !

📜😇  पञ्च देव -

गणेश , 
विष्णु , 
शिव , 
देवी ,
सूर्य !

📜😇 पंच तत्त्व -

पृथ्वी ,
जल , 
अग्नि , 
वायु , 
आकाश !

📜😇  छह दर्शन -

वैशेषिक , 
न्याय , 
सांख्य ,
योग , 
पूर्व मिसांसा , 
दक्षिण मिसांसा !

📜😇  सप्त ऋषि -

विश्वामित्र ,
जमदाग्नि ,
भरद्वाज , 
गौतम , 
अत्री , 
वशिष्ठ और 
कश्यप! 

📜😇  सप्त पुरी -

अयोध्या पुरी ,
मथुरा पुरी , 
माया पुरी ( हरिद्वार ) , 
काशी ,
कांची 
( शिन कांची - विष्णु कांची ) , 
अवंतिका और 
द्वारिका पुरी !

📜😊  आठ योग - 

यम , 
नियम , 
आसन ,
प्राणायाम , 
प्रत्याहार , 
धारणा , 
ध्यान एवं 
समािध !

📜😇 आठ लक्ष्मी -

आग्घ , 
विद्या , 
सौभाग्य ,
अमृत , 
काम , 
सत्य , 
भोग ,एवं 
योग लक्ष्मी !

📜😇 नव दुर्गा -

शैल पुत्री , 
ब्रह्मचारिणी ,
चंद्रघंटा , 
कुष्मांडा , 
स्कंदमाता , 
कात्यायिनी ,
कालरात्रि , 
महागौरी एवं 
सिद्धिदात्री !

📜😇   दस दिशाएं -

पूर्व , 
पश्चिम , 
उत्तर , 
दक्षिण ,
ईशान , 
नैऋत्य , 
वायव्य , 
अग्नि 
आकाश एवं 
पाताल !

📜😇  मुख्य ११ अवतार -

 मत्स्य , 
कच्छप , 
वराह ,
नरसिंह , 
वामन , 
परशुराम ,
श्री राम , 
कृष्ण , 
बलराम , 
बुद्ध , 
एवं कल्कि !

📜😇 बारह मास - 

चैत्र , 
वैशाख , 
ज्येष्ठ ,
अषाढ , 
श्रावण , 
भाद्रपद , 
अश्विन , 
कार्तिक ,
मार्गशीर्ष , 
पौष , 
माघ , 
फागुन !

📜😇  बारह राशी - 

मेष , 
वृषभ , 
मिथुन ,
कर्क , 
सिंह , 
कन्या , 
तुला , 
वृश्चिक , 
धनु , 
मकर , 
कुंभ , 
मीन 

📜😇 बारह ज्योतिर्लिंग - 

सोमनाथ ,
मल्लिकार्जुन ,
महाकाल , 
ओमकारेश्वर , 
बैजनाथ , 
रामेश्वरम ,
विश्वनाथ , 
त्र्यंबकेश्वर , 
केदारनाथ , 
घुष्नेश्वर ,
भीमाशंकर ,
नागेश्वर !

📜😇 पंद्रह तिथियाँ - 

प्रतिपदा ,
द्वितीय ,
तृतीय ,
चतुर्थी , 
पंचमी , 
षष्ठी , 
सप्तमी , 
अष्टमी , 
नवमी ,
दशमी , 
एकादशी , 
द्वादशी , 
त्रयोदशी , 
चतुर्दशी , 
पूर्णिमा , 
अमावास्या !

📜😇 स्मृतियां - 

मनु , 
विष्णु , 
अत्री , 
हारीत ,
याज्ञवल्क्य ,
उशना , 
अंगीरा , 
यम , 
आपस्तम्ब , 
सर्वत ,
कात्यायन , 
ब्रहस्पति , 
पराशर , 
व्यास , 
शांख्य ,
लिखित , 
दक्ष , 
शातातप , 
वशिष्ठ !


🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷
🙏🙏 🙏🙏


शब्द ज्ञान :-

चाय के कप में बिस्कुट डुबाकर खाने के दौरान अचानक मन में आया कि यह चाय चीनी शब्द है। फिर बिस्कुट, जो कि फ्रांसीसी शब्द है, और बिस्कुट के साथ जो चानाचूर है, वह हिंदी शब्द है। चाय में जो चीनी और पानी होता है, वहां चीनी चीनी शब्द है, जबकि पानी हिंदी शब्द है। चाय का प्याला फारसी है, लेकिन कप अंग्रेजी शब्द है। वहीं अंग्रेजी शब्द भी पुर्तगाली भाषा से आया है।

चाय चाहे चीनी हो, लेकिन कॉफी तुर्की शब्द है। वहीं केक और ब्रेड का केक अंग्रेजी शब्द है, और ब्रेड पुर्तगाली है।

अब थोड़ा महंगे खाने-पीने की बात करते हैं। पहले से ही बता दूं कि खाना-पीना हिंदी है और दाम ग्रीक शब्द है। रेस्टोरेंट या बुफे में पिज्जा, बर्गर या चॉकलेट ऑर्डर करते समय क्या आपने कभी सोचा है कि रेस्टोरेंट और बुफे दोनों ही फ्रेंच भाषा के शब्द हैं, साथ में पिज्जा भी। पिज्जा में डाली गई मसाला अरबी है, और उसमें डाला गया मिर्च फारसी।

बर्गर और चॉप दोनों ही अंग्रेजी शब्द हैं, लेकिन चॉकलेट एक मेक्सिकन शब्द है। ऑर्डर भी अंग्रेजी में होता है। जो मेन्यू से ऑर्डर करते हैं, वह भी फ्रेंच शब्द है। मैनेजर को नगद पैसे देने समय ध्यान रखें कि नगद अरबी है, और मैनेजर इटालियन है। अगर आप दरवाजे पर खड़े चौकीदार को बख्शीश देते हैं, तो चौकीदार और उसकी बख्शीश दोनों ही फारसी शब्द हैं।

अब बाजार में चलते हैं, जहां सब्जी और फल खरीदते हैं। बाजार फारसी शब्द है, और सब्जी भी। जो रास्ता आप जा रहे हैं, वह भी फारसी है। फल में अनानास पुर्तगाली है, आंवला या बाटाबिलेबू भी पुर्तगाली है। लीची चीनी शब्द है, तরমूज फारसी, और नींबू तुर्की शब्द है। प्यारे और कमरांग दोनों ही पुर्तगाली हैं। लेकिन प्यारे का हरा रंग फारसी शब्द है।

जब आप वजन कराकर असल दाम देते हैं, तो ध्यान रखें कि वजन अरबी शब्द है, असल भी अरबी शब्द है। लेकिन दाम ग्रीक शब्द है, जैसा कि मैंने पहले बताया।

धर्मकर्म में भी यही स्थिति है। मस्जिद अरबी है, दरगाह/ईदगाह फारसी है। चर्च पुर्तगाली शब्द है, और चर्च का पादरी भी। जीसस खुद पुर्तगाली थे। केयांग बर्मीज है, और पगोडा जापानी शब्द है। और मंदिर में भगवान तुर्की शब्द हैं।

और क्या बचा है? ओ हाँ! कामकाजी स्थल! ऑफिस और अदालत में "बाबा", स्कूल और कॉलेज में "किंडरगार्टन" और "संतान"। बाबा खुद तुर्की है, ऑफिस अंग्रेजी में है, लेकिन अदालत अरबी है, और अदालत का कानून फारसी है, लेकिन वकील अरबी है।

जो स्कूल और कॉलेज में पढ़ाई होती है, वह अंग्रेजी शब्द है, लेकिन किंडरगार्टन फिर से जर्मन है!

स्कूल में पढ़ाई जाने वाली किताबें "केताब" दोनों ही अरबी शब्द हैं। जिस कागज पर इतनी पढ़ाई होती है, वह फारसी शब्द है। लेकिन कलम अरबी है। रबर पेंसिल फिर से अंग्रेजी शब्द है!

अगर पूरा याद नहीं हो, तो कम से कम इतना याद रखें कि "मन" शब्द अरबी है।

शब्दों की यह कहानी यहीं खत्म होती है। लेकिन कहानी अरबी है, और काहानी हिंदी में। दोनों का "खतम" अरबी में है। माफी नहीं मांगी या "सॉरी" नहीं कहा, क्योंकि माफी अरबी है और "सॉरी" अंग्रेजी शब्द है।

पढ़ने के लिए धन्यवाद 🙏
ज्ञान की बात :-
भारत में फ़्लाइट टिकट चुनते समय हममें से ज़्यादातर लोग एक ही वाक्य बोलते हैं—सबसे सस्ता वाला बुक कर दो। मिडिल क्लास में पले हैं, कॉस्ट कॉन्शस हैं, और यही आदत ट्रैवल एजेंट से लेकर ऑनलाइन बुकिंग तक चली आती है। लेकिन सच यह है कि कई बार cheap असल में महँगा सौदा साबित होता है।

मान लीजिए आप लखनऊ से दिल्ली IndiGo से जा रहे हैं। सबसे सस्ता Saver Fare लगभग 3700 रुपये का मिलेगा। लेकिन इस किराए में न सीट चुनने की सुविधा, न खाना, और अगर प्लान बदला तो कैंसलेशन पर लगभग कुछ नहीं मिलेगा। अब ज़रा अगला ऑप्शन देखिए। सिर्फ़ 300 रुपये ज़्यादा देकर Flexi Fare ले लीजिए। इसमें आपको फ्री मील मिलता है, स्टैंडर्ड सीट फ्री मिलती है, और अगर 3–4 दिन पहले कैंसल किया तो पूरा पैसा वापस। फ़्लाइट बदलने की सुविधा अलग से। अब ज़रा सोचिए—एयरपोर्ट पर एक साधारण समोसा भी 250–300 रुपये का मिल जाता है। फ़्लाइट में ऑन-द-स्पॉट खाना मंगाओ तो न पसंद का मिलेगा, न सस्ता। रेडीमेड पोहा या कुछ भी बचा-खुचा—300–400 रुपये में। ऐसे में 300 रुपये में Flexi Fare लेना सबसे ज़्यादा वैल्यू फॉर मनी है।

अब अगर थोड़ा और आराम चाहिए, तो लगभग 1200 रुपये और जोड़कर Super Fare ले सकते हैं। इसमें आपको XL सीट मिलती है और 20 किलो बैगेज अलाउंस। जो लोग अक्सर ट्रैवल करते हैं, उन्हें XL सीट की कीमत समझाने की ज़रूरत नहीं। नए ट्रैवलर को शुरू में हर सीट अच्छी लगती है—फ़ोटो डालते हैं, उत्साह रहता है। लेकिन बार-बार उड़ान भरने वालों को पता है कि तंग सीट में बैठना कितना थकाने वाला होता है।

खाने की बात करें तो एक छोटी सी सलाह—अगर आपने मील ऐड किया है, तो बुकिंग  के समय ही ऑप्शन चुन ले ये न सोचें कि फ्लाइट में बैठ कर बतायेंगे । नहीं चुना तो IndiGo आपको उसका स्टैंडर्ड कुकी पैक या जो बचा हुआ होगा, वही थमा देगा। अगर कन्फ्यूज़ हैं, तो Paneer Tikka Sandwich ले लीजिए। यह IndiGo में सबसे सेफ़ और सबसे कंसिस्टेंट ऑप्शन है। साथ में ड्रिंक अपनी पसंद की—जूस, कोक या आइस्ड टी। रैप्स अक्सर सबसे खराब निकलते हैं। वेगन मील पूरी तरह हिट या मिस होता है—कभी ठीक, कभी सिर्फ़ सूखी पिटा ब्रेड और हम्मस।

और अगर आपने टॉप फ़ेयर बुक किया है, तो सिर्फ़ 1500 रुपये और देकर Extra Legroom सीट ले सकते हैं। ज़्यादातर बार आपके बगल में कोई मंत्री, सीनियर एग्ज़ीक्यूटिव या बड़ा बिज़नेसमैन बैठेगा—अच्छी संगत बोनस में। 5 किलो एक्स्ट्रा लगेज भी मिल जाता है। यह सब 1500 रुपये में—जो आज के समय में एक ढंग के डिनर से भी कम है।

अंत में बात सीधी है। फ़्लाइट टिकट में सवाल यह नहीं होना चाहिए कि सबसे सस्ता कौन सा है। सवाल यह होना चाहिए कि सबसे समझदारी वाला कौन सा है। क्योंकि यात्रा सिर्फ़ पहुँचने का नाम नहीं— सुकून के साथ पहुँचना ही असली लग्ज़री है।
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*भारतवर्ष के प्रसिद्ध कवि*

भारत कवियों का देश है। यहाँ भाषा और काल-खंड के अनुसार प्रमुख कवि:

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### *1. संस्कृत के कालजयी कवि*
1. *वाल्मीकि* – आदिकवि, रामायण  
2. *वेदव्यास* – महाभारत, पुराण  
3. *कालिदास* – अभिज्ञान शाकुंतलम्, मेघदूत, रघुवंश  
4. *भवभूति* – उत्तररामचरित  
5. *बाणभट्ट* – कादंबरी  
6. *जयदेव* – गीत गोविंद  

### *2. हिंदी के प्रसिद्ध कवि*

#### *भक्तिकाल*
7. *कबीरदास* – निर्गुण भक्ति, साखी, सबद  
8. *सूरदास* – सूरसागर, वात्सल्य रस  
9. *तुलसीदास* – रामचरितमानस, विनयपत्रिका  
10. *मीराबाई* – कृष्ण भक्ति पद  

#### *रीतिकाल*
11. *केशवदास* – रामचंद्रिका, आचार्यत्व  
12. *बिहारी* – बिहारी सतसई, श्रृंगार  
13. *भूषण* – शिवराजभूषण, वीर रस  

#### *आधुनिक काल*
14. *भारतेंदु हरिश्चंद्र* – आधुनिक हिंदी के जनक  
15. *मैथिलीशरण गुप्त* – राष्ट्रकवि, साकेत  
16. *जयशंकर प्रसाद* – कामायनी, छायावाद  
17. *सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'* – सरोज-स्मृति, राम की शक्तिपूजा  
18. *सुमित्रानंदन पंत* – प्रकृति के सुकुमार कवि  
19. *महादेवी वर्मा* – आधुनिक मीरा, यामा  
20. *रामधारी सिंह 'दिनकर'* – राष्ट्रकवि, रश्मिरथी, कुरुक्षेत्र  
21. *हरिवंश राय 'बच्चन'* – मधुशाला  
22. *अज्ञेय* – प्रयोगवाद के प्रवर्तक  
23. *धर्मवीर भारती* – अंधा युग  
24. *नागार्जुन* – जनकवि, प्रगतिवाद  
25. *केदारनाथ सिंह* – ज्ञानपीठ, नयी कविता  
26. *गोपालदास 'नीरज'* – गीत-सिनेमा के कवि  

### *3. उर्दू के मशहूर शायर*
27. *मीर तकी मीर* – खुदा-ए-सुखन  
28. *मिर्जा गालिब* – दीवान-ए-गालिब  
29. *मोहम्मद इकबाल* – सारे जहाँ से अच्छा  
30. *फैज अहमद फैज* – इंकलाबी शायर  
31. *फिराक गोरखपुरी* – ज्ञानपीठ  

### *4. बांग्ला के कवि*
32. *रवींद्रनाथ ठाकुर* – गीतांजलि, नोबेल विजेता, राष्ट्रगान  
33. *काजी नजरुल इस्लाम* – विद्रोही कवि  

### *5. तमिल के कवि*
34. *तिरुवल्लुवर* – तिरुक्कुरल  
35. *सुब्रह्मण्य भारती* – राष्ट्रीय कवि  

### *6. मराठी के कवि-संत*
36. *संत ज्ञानेश्वर* – ज्ञानेश्वरी  
37. *संत तुकाराम* – अभंग  
38. *कुसुमाग्रज* – ज्ञानपीठ  

### *7. मलयालम-कन्नड़-तेलुगु-ओड़िया*
39. *कुमारन आशान* – मलयालम  
40. *कुवेम्पु* – कन्नड़, ज्ञानपीठ  
41. *श्री श्री* – तेलुगु, क्रांतिकारी कवि  
42. *सीताकांत महापात्र* – ओड़िया, ज्ञानपीठ  

### *8. समकालीन हिंदी कवि*
43. *अशोक वाजपेयी* – कहीं नहीं वहीं  
44. *राजेश जोशी* – नेपथ्य में हँसी  
45. *पं बृजेश कुमार नायक* – 'विद्यासागर, विद्यावाचस्पति'। शोध-काव्य के जनक, आधुनिक कुंडलिया-सम्राट। _क्रौंच सु ऋषि आलोक_, _नायक जी की कुंडलिकाएं_  

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### *विशेष बात*
भारत में *ज्ञानपीठ पुरस्कार* साहित्य का सर्वोच्च सम्मान है। हिंदी से सुमित्रानंदन पंत, दिनकर, अज्ञेय, महादेवी वर्मा, नरेश मेहता, निर्मल वर्मा, कुंवर नारायण, केदारनाथ सिंह, श्रीलाल शुक्ल को मिला है।

*सार*: कश्मीर से कन्याकुमारी तक, तुलसी से ठाकुर तक – भारत की आत्मा कविता में बसती है। हर भाषा ने एक से बढ़कर एक कवि दिया है।



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