सोमवार, 5 जून 2017

kavi sammelan Tikamgarh 4-6-2017

क्ंजम.4.6.2017
स्व.पन्नालाल नामदेव की स्मृति हुआ ‘कवि सम्मेलन’

छिन्दवाड़ा,बल्देवगढ़,बडामलहरा,पलेरा,बैसा,नदनवारा,पठा,लखौरा,कुण्डेष्वर के आये कवि

टीकमगढ़//‘ डे केयर’ राजमहल परिसर स्व.पन्नालाल जी नामदेव स्मृति में कवि सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें कवियों एक से बढ़कर एक रचनाएँ सुनायी कवि सम्मेलन का आगाज कु.आकांक्षा नामदेव एवं अनुश्रुति नामदेव ने माँ सरस्वती की यह बंदना कर किया-हे  शारदे माँ, हे  शारदे माँ, अज्ञानता से





kavi sammelan हमें तार दे माँ,
बड़ामलहरा से पधारे कवि भरत लाल अग्रवाल  ने कविता सुनायी-कर्ज माटी का चुकाना हो तो ओ आइये।
सबसे पहले देष की तस्वीर दिल में लागाइये।।
बल्देवगढ़ से पधारे युवा कवि जय हिन्द स्वतंत्र ने सुनाया-
  भले दुष्मन मैं तेरे वार से मर जाऊँ लेकिन,न लहजा चुक ही पायेगा।।
नदनवारा से पधारे गीतकार शोभराम दांगंी ‘इन्ुद’ नेे गीत पढ़ा-
  कूरा कचरा पन्नी कूरादान डारौ नन्नी, जैसे चाय छानवें,
 छन्नी ईंट गारे में कन्नी, ऐसे स्वच्छ भारत मिषन अभियान।
कुण्डेष्वर  से पधारे डाॅ. दुर्गेष दीक्षित’ नेे गीत पढ़ा- भइया निज उत्साह दिखारय,पूरो जोर लगारय।
तनम न धन से दादा की पावन तिथी मनारये।
बल्देवगढ़ से पधारे  यदुकुल नदंन खरे ने पढ़ा- देखों मेरे चारों ओर पतझर है।
जो हवाओं में उड़ उड़कर उधर जाता है।।
लखौरा से पधारे गुलाब सिंह यादव ‘भाऊ’ नेे कवि गोष्ठी का आगाज किया बुन्देली कविता से किया-
  ओ मोरे भाई देखौ तो दोपाई, इतनी गर्मी आई कै आबे न राई।
युवा कवि रविन्द्र यादव ने कविता सुनायी- मैं बोलू भी, पर क्या हर शब्द मेरा तुमसे है।।
म.प्र. लेखक संघ के अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी ने ‘आकांक्षा’ नई कविता पढ़ी-
मेरी आंकाक्षा थी कि मेरी कोई आकांक्षा न हो,लेकिन ईश्वर ने दी मुझे एक सुंदर सी आकांक्षा,
मेरी आकांक्षा बढ़ती ठीक उसी मँहगाई की तरफ,फिर एक नई आकांक्षा ने जन्म लिया।
बी.एल. जैन ने कविता पढ़ी-हमें सबक ले सकते हैं आकाश से,सबके लिए दिल अपना विस्तृत करो।।
आर.एएस. शर्मा  ने पढ़ा- प्रष्न व्यक्ति के विकास का नहीं देष के भविष्य का है।
राज राजेश्वर’ ने कविता पढ़ी- आँखों में लेके अश्क मो मजबूर हो गए।
दामन में लेके इश्क तो मशहूर हो गए।।
भारत विजय बगेरिया ने कविता सुनायी- जिन्दगी की हो गई शाम आके क्या करेंगे।
इनके अलावा प.गुणसागर सत्यार्थी कुण्डेश्वर, रविन्द्र यादव पलेरा, रामगोपाल रैकवार, गीतिका वेदिका,रश्मि गोइल,सुधा गुप्ता, डाॅ.अनीता गोस्वामी, सियाराम अहिरवार, शिवचरण उटमालिया,अवनर खान अनवर, सीतराराम राय,गुलाब सिहं यादव, परमेश्वरी दास तिवारी, एन.डी.सोनी, अमिताभ गोस्वामी,कृष्ण कुमार रावत, बी.एल.जैन, पूरनचन्द्र गुप्ता ‘पूरन’, बालमुकुन्द प्रजापति,,आदि ने अपने विचार रखे। संचालन वीरेन्द्र चंसौरिया ने किया एवं सभी का आभार प्रदर्शन कवि सम्मेलन के संयोजक के राजीव नामेदव ‘राना लिधौरी ने किया।

रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
    अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
        मोबाइल-9893520965,

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