Rajeev Namdeo Rana lidhorI

मंगलवार, 31 मार्च 2020

ग़ज़ल दुष्यंत के बाद भाग -3 संपादक श्री दीक्षित दनकौरी जी

ग़ज़ल दुष्यंत बाद भाग-3 

कविता-‘कोरोना वायरस- corona vairus- Rajeev Namdeo Rana Lidhori Tikamgarm mp

कविता-‘कोरोना वायरस- 

मिलकर कदम बढ़ाना होगा।
कोरोना जड़ से मिटाना होगा।।
बस कुछ समय तब अपने घर में।
हम सबको ही बंद रहना होगा।।
छो़ड दो बाहर के सब काम।
घर पर ही तुम करो विश्राम।।
हाथ किसी से भी नहीं मिलाना।
मुँह में मास्क जरूर लगाना।।
हाथ बार-बार साबुन से धोना।
नहीं किसी को भी तुम छूना।।
थोड़ा सा भी शक होने पर।
शीघ्र अस्पताल में जाँच कराना
आओ मिलकर शपथ लें हम सब।
सतर्क रहकर कोरोना को हराना होगा।।
सुरक्षा में ही तो हम सबका बचाव होगा।
मान लो ‘राना’ का कहना तुम्हें गर
जिंदगी से जरा भी प्यार होगा।
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       -राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
संपादक ‘आकांक्षा’ पत्रिका
   अध्यक्ष-म.प्र लेखक संघ,टीकमगढ़
अध्यक्ष-वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़
  शिवनगर कालौनी,टीकमगढ़ (म.प्र.)
   पिनः472001 मोबाइल-9893520965
E Mail-   ranalidhori@gmail.com
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शनिवार, 21 मार्च 2020

सोमवार, 2 मार्च 2020

म.प्र.लेखक संघ की 258वीं गीत गोष्ठी Date-1-3-2020














Date -1-3-2020
जीवन के दिन बर्बाद न करो तुम...........वीरेन्द्र चंसौरिया
(म.प्र.लेखक संघ की 258वीं गीत गोष्ठी)

टीकमगढ़// नगर सर्वाधिक सक्रिय साहित्यिक संस्था म.प्र. लेखक संघ जिला इकाई टीकमगढ़ की बेनर तले गीत गोष्ठी आकांक्षा पब्लिक स्कूल,टीकमगढ़ के स्व.पन्नालाल नामदेव सभागार में आयोजित की गयी। अध्यक्षता गीतकार वीरेन्द्र चंसोरिया ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में शायर हाजी जफ़रउल्ला खां ‘जफर’ रहे जबकि विशिष्ट अतिथि बल्देवगढ़ पधारे वरिष्ठ साहित्यकार श्री यदुकुल नंदन खरे रहे। माँ सरस्वती की वंदना के पश्चात् साहित्यकार यदुकुल नंदन खरे बल्देवगढ़ की छटवीं कृति ‘दि प्रिजन आॅफ नेचर’ उपन्यास का विमोचन किया गया। जिसकी समीक्षा साहित्यकार एवं संपादक राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने पढ़ी।
गीतकार वीरेन्द्र चंसौरिया ने गीत पढा- जीवन के दिन य थोड़े बर्बाद न करो तुम।
रोशन करो हृदय को चमकेगी जिन्दगी,परमात्मा ने दी है हमें प्यारी जिंदगी।।
एस.आर सरल ने पढ़ा- हम वफा कब बेवफाई कर गये, याद में तेरे ये आँसू वह गये।।
म.प्र.लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने सुनाया- 
फूल खिले हैं गुलशन गुलशन, घायल दिल में उलझन उलझन।
दिल में तेरी ही सूरत है, तुम हो मेरी धड़कन धड़कन।।
देवीनगर से पधारे कथावाचक भगवत दास ‘रामायणी’ पढ़ा-हे राम कृपा करके मुझे अपना दास बना लेना।
श्रद्धा भाव जगा मन में भटके को राह दिखा देना।।
बल्देवगढ़ से आये कवि यदुकुल नंदन खरे ने पढ़ा-गर चाहों तो दुनियाँ की तस्वीर बदल सकते हो।
गर चाहों तो लोगों की तकदीर बदल सकते हो।।
हाजी जफ़रउल्ला खां ‘जफ़र’ ग़ज़ल ने पढ़ी- माँगे दुआ मालिक से हम खुशहाल हो मेरा वतन।
सब कुछ हमें देती जमीं सबकी मदद करता गगन।।
डी.पी. शुक्ला ने रचना पढ़ी- हम प्यार के पंछी है, नहीं नफरत के सौदाई है।।
परमेश्वरीदास तिवारी ने पढ़ा-हमने अपना फ़र्ज निभाया, अब तुम भी अपना फर्ज निभा देना।।
नवोदित कवि कमलेश सेन ने कहा- राम बिना जीवन मैं कोई नहीं आधार।
   राम ही जीवन प्राण है राम की शक्ति अपार।।
लखौरा केे बुन्देली कवि गुलाब सिंह यादव ‘भाऊ’ ने पढ़ा-आई बसंत कंत न आये,निकरी जात समरिया रे।
भौंरा फूल फूल मंड़राये,भूली खबरिया रे।।
अवध बिहारी श्रीवास्तव ,ने सुनाया- जितना दिया राम ने मुझको उतना मैंने पाया।।
भररत विजय बगेरिया ने सुनाया- छोटे से दिल में एक हिन्दोस्तान रखता हूँ।
डाॅ. एन.एम. अवस्थी ने कहा- हमें एकता का संदेश देना चाहिए।
गीत गोष्ठी का संचालन डी.पी.शुक्ला ने किया तथा सभी का आभार अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ने माना।
- रपट-राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
जिलाध्यक्ष-म.प्र. लेखक संघ,टीकमगढ़
टीकमगढ़ (म.प्र.) मोबाइल-9893520965
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