Rajeev Namdeo Rana lidhorI

बुधवार, 31 जुलाई 2019

स्व.पन्नालाल जी नामदेव स्मृति सम्मान समारोह 4 अगस्त 2019 को- कवि सम्मेलन

kavi sammelan Tikamgarh
स्व.पन्नालाल जी नामदेव स्मृति सम्मान समारोह 4 अगस्त 2019 को- 
कवि सम्मेलन में दतिया,झाँसी,ललितपुर से आयेगें कवि-
यदुकुल नंदन खरे की कृति ‘रांग प्वाइन्ट’’ एवं 
भारत विजय बगेरिया की पुस्तक ‘‘आराधना’’ का होगा विमोचन’
टीकमगढ़// स्व.पन्नालाल जी नामदेव स्मृति छटवाँ सम्मान समारोह एवं साहित्यिक संस्था म.प्र.लेखक संघ जिला इकाई टीकमगढ़ का ‘वार्षिक उत्सव’ एवं कवि सम्मेलन रविवार दिनांक 4 अगस्त 2019 समय दोपहर 2 बजे से ‘आकांक्षा’ पब्लिक स्कूल,नई चर्च के पीछे,शिवनगर कालोनी, टीकमगढ़ में होकर सम्पन्न होने जा रहा है। जिसमें ग्यारह सौ रूपए सम्मान राशि का ‘स्व.पन्नालाल जी नामदेव छटवाँ स्मृति साहित्य सम्मान-2019’ दतिया के प्रसिद्ध कवि डाॅ. राज गोस्वामी को प्रदान किया जायेगा एवं स्व.रूपाबाई नामदेव स्मृति सम्मान-2019 टीकमगढ़ के गीतकार श्री सीताराम राय ‘सरल’को प्रदान किया जायेगा।
इस अवसर पर श्री यदुकुल नंदन खरे बल्देवगढ़ के उपन्यास ‘रांग प्वाइंटं’ एवं श्री भारत विजय बगेरिया की पुस्तक ‘‘आराधना’’ का विमोचन किया जायेगा। सयोजक राना लिधौरी ने बताया कि इस अवसर पर कवि सम्मेलन भी आयोजित किया जा रहा है जिसमें डाॅ. राज गोस्वामी ‘दतिया’, श्री राम स्वरूप नामदेव ललितपुर, श्री बृजभूषण दुवे बक्स्वाहा, श्री हरिकृष्ण हरि दतिया, श्री शोभाराम दांगी नदनवारा, श्री महेन्द्र चैधरी जतारा, श्री के.के पाठक ललितपुर, श्री यदुकुल नंदन खरे बल्देवगढ़, श्री मातादीन यादव गुना, काका ललितपुरी ललितपुर,रविन्द्र यादव पलेरा को आमंत्रित किया है इनके अलावा स्थानीय कविगण भी अपनी प्रस्तुति देंगे। यह जानकारी कवि सम्मेलन के संयोजक व लेखक संघ के अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘‘राना लिधौरी’ ने जारी प्रैस विज्ञप्ति में दी है। 

रपट-राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
संपादक- ‘आकांक्षा’ पत्रिका
जिलाध्यक्ष- म.प्र. लेखक संघ
संयोजक-पन्नालाल नामदेव स्मृति स.समिति,टीकमगढ़
टीकमगढ़ (म.प्र.)मोबाइल-9893520965
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सोमवार, 29 जुलाई 2019

वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़ की ‘कथा कोश’ पर हुई कथा गोष्ठी’












वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़ की ‘कथा कोश’ पर हुई कथा गोष्ठी’
Date-28-7-2019 Tikamgarh (m.p.)

टीकमगढ़// रविन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय एवं रविन्द्रनाथ टैगोर विश्वकला एवं संस्कृति केन्द्र भोपाल द्वारा संचालित वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़ की ‘‘कथा गोष्ठी’’,‘आकांक्षा’ पब्लिक स्कूल,टीकमगढ़ में आयोजित की गयी। गोष्ठी की अध्यक्षता कथाकारा गीतिका वेदिका जी ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार श्री हरिविष्णु अवस्थी जी रहे एवं विशिष्ट अतिथि के रूप के शायर  हाजी जफरउल्ला खां ‘जफ़र’ रहे।
सरस्वती बंदना कर गोष्ठी का शुभांरभ करते हुए रविन्द्र यादव ने पढा-
तुमसे बहती ज्ञान की गंगा, तुम से तन मन चंगा मंगा। माँ जय हो,मैया जय हो।
सर्वप्रथम वनमाली सृजन पीठ केन्द्र टीकमगढ़ के अध्यक्ष एवं संयोजक राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने बताया कि अब जुलाई माह से 12 साहित्यिक पत्रिकायें वनमाली सृजन केन्द्र में पढ़ने के लिए आने लगी हैं जिसमें प्रमुख रूप से हंस, वागर्थ, कथा देश, तद्भव, अक्षरा,समय के पाखी, रंग संवाद,पहले पहल, इलेक्ट्रिनिकी,आदि के साथ-साथ अनेक प्रसिद्ध लेखकों की पुस्तकंे भी पढ़ने को मिलेगी। इससे पाठकों को और भी अधिक पढ़ने को मिलेगा और वे नया सृजन कर सकेगे। टीकमगढ़ केन्द्र द्वारा एक पुस्तकालय स्थापित किया गया है,जिसमें लेखकों की पुस्तकों के अलावा वर्तमान में प्रकाशित प्रसिद्ध पत्र-पत्रिकायें भी पढ़ने को मिलने लगी है। 
‘कथा मध्यप्रदेश’ कहानी खण्ड-3 की समीक्षा करते हुए पं.हरिविष्णु अवस्थी जी ने कहा कि-‘म.प्र.कथा कोश’ में संपादक ने कहानियों का चयन बहुत सोच विचार कर किया है संकलन की लगभग सभी कहानियाँ अच्छी है जो पाठकों को बाँधे रखने की शक्ति रखती है कहानियों की भाषा सहज,सरल एवं बोघगम्य है सम्पादक बधाई के पात्र है। मुझे माता चरण मिश्र की कहानी ‘शेरवानी’ बहुत पंसद आयी।
श्री अजीत श्रीवास्वत ने ‘कथा मध्यप्रदेश’ कहानी खण्ड-4 समीक्षा करते हुए कि-इसमें ‘आस पास से उठाई कहानियाँ है। इस खंड में कहानियों में विविधता भी हैं उन्होंने कहा कि महिला कथाकारों पर भी इस प्रकार का कोश निकलना चाहिए। ‘स्वीटी’ कहानी और ‘पन्ना लाल का जूता’ विशेष पसंद आयी है।
‘कथा मध्यप्रदेश’ कहानी खण्ड-4 की पाठकीय प्रक्रिया देते हुए अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने कहा कि- इस खंड में वैसे तो सभी कहानियाँ अच्छी है लेकिन मुझे राजेन्द्र चंद्र कांत राय की कहानी ‘‘गुलामों का गणतंत्र’’बहुत पसंद आयी। इनके अलावा ‘कुतुब एक्सपे्रस’,श्री विलास गुप्ते की कहानी ‘‘ ‘‘पन्नालाल के जूते ’’भी पसंद आयी। कथाआंे पर क्रमिक शोध कार्य हेतु श्री संतोष चैबे जी सहित पूरा संपादक मंडल बधाई का पात्र है।’’ 
गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहीं गीतिका वेदिका ने कहानी ‘नीलू’ कहानी सुनायी। सियाराम अहिरवार ने ‘‘अपने पैरों पर’ कहानी सुनायी। इसमें अलावा परमेश्वरी दास तिवारी,रविन्द्र यादव,विकास नापित,राजेश्वर पाराशर ‘राज’ ,श्रीमती उमा पाराशर, आदि ने भी अपने विचार रखे। गोष्ठी का संचालन अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी ने किया तथा सभी का आभार रविन्द्र यादव ने माना।
गोष्ठी के अंत में म.प्र.लेखक संघ के सक्रिय सदस्य एवं लाइब्रेरियन श्री विजय मेहरा जी के पिता श्री वनवारीलाल मेहरा के आकस्मिक निधन पर दो मिनिट का मौन रखकर सभी ने उन्हंे अपनी श्रृद्धांजलि दी। 
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-राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
अध्यक्ष एवं संयोजन-वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़
 टीकमगढ़ मोबाइल-9893520965
E Mail-   ranalidhori@gmail.com
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सोमवार, 15 जुलाई 2019

म.प्र.लेखक संघ की ‘बुंदेली’’एवं पावस पर 250वीं गोष्ठी हुई Date- 14-7-2019

म.प्र.लेखक संघ की ‘बुंदेली’’एवं पावस पर 250वीं गोष्ठी हुई   Date- 14-7-2019
( परमेश्वरीदास तिवारी का हुआ सम्मान)   

टीकमगढ़// साहित्यिक संस्था म.प्र. लेखक संघ जिला इकाई टीकमगढ़ की 250वीं गोष्ठी ‘‘बुंदेली एवं पावस’ पर केन्द्रित कवि गोष्ठी ‘आकांक्षा’ पब्लिक स्कूल,शिवनगर कालोनी,टीकमगढ़ में आयोजित की गयी। गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार श्री प्रभुदयाल श्रीवास्तव ‘पीयूष’ ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में छतरपुर से पधारे डाॅ.जगदीश रावत रहे एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में बुंदेली के सुप्रसिद्ध कवि श्री राजेन्द्र विदुआ व श्री परमेश्वरीदास तिवारी रहे।
इस अवसर पर म.प्र.लेखक संघ द्वारा श्री परमेश्वरीदास तिवारी की सेवा निवृति पर उनका शाल श्रीफल एवं सम्मान पत्र से प्रदान कर सम्मान किया गया।
सरस्वती बदंना के पश्चात वरिष्ठ गीतकार सीताराम राय ‘सरल’ tikamgarh kavi smmelanपढा-
नभ में उठी धटा घनघोर, वन में नाचे खूबई मोर। टर्र टर्र टर्राये मिइरवा पंछी करत किलोर।।
बुंदेली कवि राजेन्द्र विदुआ ने पढ़ा- हमाई कविता हमई खौ सुनार रय।बंुदेली की कविता हिन्दी में सुना रय।
म.प्र.लेखक संघ के अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी ने ‘गर्मी’ पर कविता पढ़ी- 
गर्मी ऐनई पर रई पसीना देय चुचाय,बिन ऐसी बिन कूलरे कछू न देह दिखाये।।
नदनवारा से पधारे गीतकार शोभाराम दांगी‘इन्दु’ ने पढ़ा-  एक दिन मुलिया सें कइती जब वा स्यानी भइती।
पानु की अब बचत जरूरी भरवे जब वा गइती।।
पलेरा के रविन्द्र यादव ने पढ़ा-भाषा बुन्देली सी नइयाँ, मानत काये नइयाँ।
गीतिका वेदिका ने पढ़ी-भिंजा रहा सब लोगों को बरखा वाला छंद,घर पर फिर से पड़े बहाना,हमको नहीं पंसद।
छतरपुर से पधारे वरिष्ठ कवि डाॅ. जगदीश रावत ने पढ़ा- बुन्देली बोली अनबोली, भात सबई की झोली।
ब्रज की बैन अवध की बिटिया, हिन्दी की हमजोली।।
लखौरा से पधारे कवि गुलाब सिंह यादव‘भाऊ’ ने पढ़ा- पावस रितु जा आ रई, जल की धारा अबै कहा गई।
रामेश्वर राय ‘परदेशी’ ने सुनाया-जात हो बलम कमावे दिल्ली, तुम बिन जो जी न माने।
दयाली विश्वकर्मा ने सुनाया- मोरे मन भावे बुन्देली बोली, घर घर जाके डोली।।
पूरन चन्द्र गुप्ता ने सुनाया- बदरा बरसत काये नइयाँ चले जात कुडकइयाँ।
हाजी जफरउल्ला खां जफर ने गजल पढ़ी- औढे है जफर कंबल और दांत किट की,
कश्मीरी हवा ओंसे  शबनम निकल रहा हूँ।
सियाराम अहिरवार ने पढ़ा- एकांत भाव की अंतर पीड़ा कविता में दर्शाते हैं।
चिंतन की चेतना चिड़िया के नये पंख उग आते है।
अनवर खान साहिल’ ने गजल पढ़ी- की की कि बताये तुमे तसवीर भौत हैं।
शकील खान ने पढ़ा- फिजाओं में किसने ये घोला जहर फिर जलने लगा देखो सारा शहर।
डी.पी.शुक्ला ने सुनाया- कहिना कहे कदरा तुम जईयों, जी गैलन जावे भैया वीर।
एस.आर.‘सरल’ ने सुनाया- पर्यावरण से गहरा रिस्ता मानव की समृद्धि से।
समृद्धि की खुश्बू आती मेरे वतन की मिट्टी से।।
प्रभूदयाल श्रीवास्तव ने सुनाया-ब्रज की बडी बैन बुंदेली, जैसे गुर की भेली।।
इनके अलावा परमेश्वरीदास तिवारी,रामगोपाल रैकवार, वीरेन्द्र चंसौरिया ,उमा पाराशर,भारत विजय बगेरिया भी अपनी रचनाएँ सुनायी। गोष्ठी का संचालन रामगोपाल रैकवार ने किया तथा सभी का आभार अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ने माना।

रपट-राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
जिलाध्यक्ष-म.प्र. लेखक संघ,टीकमगढ़
टीकमगढ़ (म.प्र.) मोबाइल-9893520965
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