सोमवार, 7 नवंबर 2016

‘आचार्य शुक्ल जी का हुआ जिला पुस्तकालय में सम्मान

Date-6-11-2016
‘आचार्य शुक्ल जी का हुआ जिला पुस्तकालय में सम्मान
टीकमगढ़//‘ शासकीय जिला पुस्तकालय में संस्कृत के विद्वान आचार्य पं. दुर्गाचरण शुक्ल जी के जन्मदिन की 87वीं वर्षगाँठ पर ‘‘शुक्ल जी का सम्मान समारोह’’ जिला पुस्तकालय एवं श्री वीरेन्द्र केशव साहित्य परिषद के सयुंक्त तत्वधान में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. कैलाश बिहारी द्विवेदी ने की तथा
मुख्य अतिथि के रूप में हाजी जफ़रउल्ला खां ‘ज़फ़र’ उपस्थित रहे।
इस अवसर पर श्री वीरन्द्र केशव साहित्य परिषद,
जिला पुस्तकालय,
भारत विकास परिषद,
गुणासागर सत्यार्थी द्वारा आचार्य शुक्ल जी को शाल श्रीफल,स्मृति चिह्न एवं सम्मान पत्र द्वारा सम्मानित किया गया।
अपने स्वागत भाषण में लइब्रेरियन विजय मेहरा ने कहा कि आचार्य जी को इतना बड़ा सम्मान मिलने पर हम सभी साहित्यकार गौरवान्वित हुए है। पं. हरिविष्णु अवस्थी ने बताया कि आचार्य शुक्ल जी को हाल ही में इंदौर में उनकी कृति ‘महर्षि अगस्य दृष्ट ऋग्वेद मंत्र भाष्य’ कृति पर भारत का धार्मिक क्षेत्र में सबसे बड़ा एवं प्रतिष्ठित 51 हजार रूपए का सम्मान ‘‘स्वामी विष्णु तीर्थ सम्मान 2016 से सम्मानित किया गया है।
वहीं साहित्यकार गुणसागर सत्यार्थी जी ने आचार्य जी को बुन्देली एवं संस्कृत का महान विद्वान मानते हुए कहा है कि उन्हें यह सम्मान मिला ये हम टीकमगढ़ वालों के लिए बहुत ही गौरव की बात है।
व्यंग्यकार रामस्वरूप दीक्षित ने शुक्ल जी की कृति ‘महर्षि अगस्य दृष्ट ऋग्वेद मंत्र भाष्य’ को बहुत ही साहित्य की अमूल्य धरोहर माना है।
एडवोकेट अजीत श्रीवास्तव ने आचार्य जी के कृति ‘व्यत्पित्त कोष को’ साहित्य की बुन्देली साहित्य की अनुपम देन माना है। एन.डी.सोनी, डॉ.कैलाश बिहारी द्विवेदी, जफ़रउल्ला खां ‘जफर’, प्रभुदयाल श्रीवास्तव,आदि ने शुक्ल जी के व्यतित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर रामस्वरूप दीक्षित, आर.एस.शर्मा, रामगोपाल रैकवार ,परमेश्वरीदास तिवारी,कौशल किशोर भटट, शीलचन्द्र जैन, पूरचन्द्र गुप्ता, गुलाब सिंह यादव, एच.पी.सिंह आदि उपस्थित रहे पढी।
गोष्ठी संचालन राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने किया
एवं सभी का आभार प्रदर्शन अजीत श्रीवास्तव ने किया।


rajeev namdeo rana lidhori

रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’,
अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
मोबाइल-9893520965,

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