गुरुवार, 21 सितंबर 2017

व्यंग्य कविता-‘‘चोटी कटवा’’

 व्यंग्य कविता-‘‘चोटी कटवा’’

हे चोटी कटवा, तुम यदि हो तो, अपनी शक्ति दिखाओ।
तुम हमारे सवालों का जल्दी से सही जबाब बताओ।।

दम है तो नेता की पत्नी की, चुटिया काटकर दिखाओ।
या फिर महिला पुलिस अधिकारी की चुटिया उड़ाओ।।

क्या तुम्हें गरीब महिला की चुटिया ही दिखती है।
क्यों तुमसे किसी हीरोइन की चुटिया नहीं कटती है।।

क्यों तुम्हें सिर्फ महिलाओं की चुटिया ही भाती है।
क्यों पिंड़त जी की चुटिया काटने में शर्म आती है।।

ब्यूटी पार्लर का धंधा ना अब तुम चौपट कराओ।
अंध विश्वास न जनता में अब तुम फैलाओ।।

गर काटते हो चुटिया तो अपने साथ ले जाओ।
‘राना’ तो है एक कवि,न उन्हें उल्लू बनाओ।।

 राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’
संपादक ‘आकांक्षा’ पत्रिका
  अध्यक्ष-म.प्र लेखक संघ  
शिवनगर कालौनी,टीकमगढ़ (म.प्र.)
  पिनः472001 मोबाइल-9893520965
E Mail- ranalidhori@gmail.com
          Blog- rajeevranalidhori.blogspot.com

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