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सोमवार, 12 जनवरी 2026

हंगरी देश की सामान्य जानकारी

दिनांक-10.1.2026 को मेरे ब्लॉग पाठकों में 2नये पाठक हंगरी देश से जुड़ गये भशहै इस प्रकार मेरे ब्लॉग पढ़ने वाले 99देश के पाठक हो गये है। बस शतक से एक देश पीछे है

आइये हंगरी देश के बारे में सामान्य जानकारी प्राप्त करते हैं:-

हंगरी (हंगेरियाई: Magyarország), आधिकारिक तौर पर हंगरी गणराज्य (हंगेरियाई: Magyar Köztársaság, शाब्दिक अर्थ "हंगरी गणराज्य"), मध्य यूरोप के कारपेथियन बेसिन में स्थित एक स्थल-रुद्ध देश है। इसके उत्तर में स्लोवाकिया, पूर्व में यूक्रेन और रोमानिया, दक्षिण में सर्बिया और क्रोएशिया, दक्षिण पश्चिम में स्लोवेनिया और पश्चिम में ऑस्ट्रिया स्थित है।

हंगरी देश की स्थिति:-

45अंश 50मिनट से 48अंश 40मिनट उत्तरी. अक्क्षांश तथा 16अंश से 23अंश पर्वी देशान्तर। इस गणतंत्र की अधिकतम लंबाई 259 किमी और चौड़ाई 428 किमी है। हंगरी, मध्य यूरोप की डैन्यूब नदी के मैदान में स्थित है। इसके उत्तर में चेकोस्लोवाकिया पूर्व में रोमानिया, दक्षिण में यूगोस्लाविया तथा पश्चिम में आस्ट्रिया हैं। इस देश में समुद्रतट नहीं है।

हंगरी के प्रमुख नगर हैं : बुडापेस्ट (राजधानी), देव्रेत्सेन (Debrecen), मिशकोल्त्स (Miskolc) पैक (Pécs) सेगेड (Szeged) और ड्योर (Györ)।

इसकी राजधानी और सबसे बड़ा शहर बुडापेस्ट है। हंगरी, यूरोपीय संघ, नाटो, ओईसीडी और विशग्राड समूह का सदस्य है और एक शेंगेन राष्ट्र है। इसकी आधिकारिक भाषा हंगेरियाई है, जो फिन्नो-उग्रिक भाषा परिवार का हिस्सा है और यूरोप में सबसे व्यापक रूप से बोली जाने वाली गैर भारोपीय भाषा है।

हंगरी के 68 प्रतिशत निवासी रोमनकैथोलिक, 27 प्रतिशत प्रोटेस्टेंट तथा शेष यहूदी एवं अन्य धर्मावलंबी हैं। यहाँ की भाषा मग्यार हैं।

जनसंख्या -93,030 कि॰मी2 (35,920 वर्ग मील) 109वां)

यह आल्प्स पर्वतश्रेणियों से घिरा है। यहाँ कार्पेथिऐन पर्वत भी है जो मैदान को लघु एल्फोल्ड और विशाल एल्फोल्ड नामक भागों में विभक्त करता है। सर्वोच्च शिखर केकेस 3,330 फुट ऊँचा है। इसमें दो बड़ी झीलें हैं - (1) बालाटान (लंबाई 775 किमी और चौड़ाई 5 किमी) (2) न्यूसीडलर (इसे हंगरी में फर्टो (Ferto) कहते हैं)। 

प्रमुख नदियाँ  : डैन्यूब, टिजा और द्रवा।

प्रमुख उद्योग धंधे:-

आटा पीसने के अनेक कारखाने हैं। शराब पर्याप्त परिमाण में बनती है और बाहर भेजी जाती है। चीनी का परिष्कार महत्व का उद्योग है। सन से भी अनेक सामान तैयार किए जाते हैं। निर्यात् की वस्तुओं में सूअर, मुर्गियाँ, सूती वस्त्र, आटा, चीनी, मक्खन, ताजे फल, मक्का, शराब, ऊन और सीमेंट आदि हैं। आयात की वस्तुओं में कच्ची रूई, कोयला, इमारती लकड़ी, नमक आदि हैं। छोटी छोटी मशीनें भी यहाँ बनती हैं और उनका निर्यात होता है। यहाँ का व्यापार सोवियत रूस, चेकोस्लोवाकिया, जर्मनी, पोलैंड, यूगोस्लाविया आदि से होता है।

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साभार:- विकीपीडिया, इंटरनेट, गूगल एवं अन्य स्रोतों से

प्रस्तुति -राजीव नामदेव राना लिधौरी 

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