मंगलवार, 6 अक्तूबर 2015

म.प्र.लेखक संघ ने 202वीं गोष्ठी ‘लघुकथा’ पर केन्द्रित हुई date-4-10-2015


rajeev namdeo rana lidhoriम.प्र.लेखक संघ ने 202वीं गोष्ठी ‘लघुकथा’ पर केन्द्रित हुई
  टीकमगढ़//‘ गायत्री शक्तिपीठ बानपुर दरवाजा में म.प्र.लेखक संघ’ टीकमगढ़ की 202वीं गोष्ठी ‘लघुकथा व कहानी’ जिसके मुख्य अतिथि दीनदयाल तिवारी रहे व अध्यक्षता सियाराम अहिरवार ने की जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में रामगोपाल रैकवार रहे।
सर्वप्रथम पूरनचन्द्र गुप्ता ने सरस्वती वंदना‘ की और कहानी ‘‘हम सब चोर है’’सुनायी। रामगोपाल रैॅकवार ने लघुकथा- ‘‘भाईचारा सुनायी। सियाराम अहिरवार ने कहानी ‘‘कहते कुछ और है करते कछु ओर है’’ सुनायी। म.प्र.लेखक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने लघुकथा ‘‘बिजनिस’ सुनायी। ग्राम लखौरा से पधारे कवि गुलाब सिंह यादव ‘भाऊ’ ने कहानी- ‘नेकी बदी का जोड़ा’ सुनायी। सीताराम राय ने कहानी ‘मेहनत की कोड़ी का फल’ सुनायी। सचि जैन ने कहानी ‘करन सो काज’ सुनायी। बाबूलाल जैन ने कहानी ‘अपढ़ किसान’ सुनायी।शांति कुमार जैन ने कहानी ‘उत्तम क्षमा’ सुनायी। भान सिंह श्रीवास्तव ने ‘लोककथा’ सुनायी। अजीत श्रीवास्तव ने व्यंग्य -‘राक्षस पर निबंध’ पढ़ा।
परमेश्वरीदास तिवारी ने कविता सुनायी-श्रृद्धा से स्वागत करो यही श्र्राद्ध में काम।
                        गुरूजन का आशीष लो फैले यश अभिराम।।
कवि दीनदयाल तिवारी नेे पढ़ा- नहीं कुछ साथ लाया है नहीं कुछ साथ जाना है।।
वीरेन्द्र चंसौरिया ने गीत गाया-    राष्ट्रपिता गांधी है भारत की शान। हिंसा से दूर रहो दे गए वो ज्ञान।।
कृष्ण कुमार रावत ने सुनाया- अकेलापन खालीपन काटने को दौड़ता है।
कभी किसी अपने की याद आती है।
तो कभी गै़रो की याद सताती हैै।।
सत्यनारसायण तिवारी ने कविता पढ़ी-पढ़ा जो आज का अखबार तो रोना आया।
                        किसी का लुट गया घरवार तो रोना आया।।
इनके आलावा श्याम सुंदर दीक्षित,छाया जैन,आकाश जैनपरमलाल अहिरवार मामोन आदि ने भी रचनाएँ पढी। गोष्ठी संचालन राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने किया एवं सभी का आभार प्रदर्शन परमेश्वरीदास तिवारी ने किया।

रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’,
अध्यक्ष म.प्र.लेखक संघ,टीकमगढ़,
मोबाइल-9893520965,   

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